{"_id":"69021150c374cef65607d286","slug":"16-dengue-cases-in-rauda-sector-health-department-alert-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-147322-2025-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: रौड़ा सेक्टर में डेंगू के 16 मामले, स्वास्थ्य विभाग सतर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: रौड़ा सेक्टर में डेंगू के 16 मामले, स्वास्थ्य विभाग सतर्क
Wed, 29 Oct 2025 11:35 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 29 Oct 2025 11:35 PM IST
विज्ञापन
क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में डेंगू के मामले आने के बाद पहुंचे उपायुक्त बिलासपुर राहुल सीएमओ स
नगर परिषद के सहयोग से फॉगिंग, स्रोत नियंत्रण का कार्य शुरू
डीसी ने पीएचसी रौड़ा का किया निरीक्षण, नप को जारी किए निर्देश
बोले- घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, टंकियों को ढक कर रखें लोग
लापरवाही करने वालों पर नगर परिषद को चालान की कार्रवाई के दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला मुख्यालय के रौड़ा सेक्टर में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। रौड़ा सेक्टर के वार्ड नंबर 1 और 2 से 15 दिन में डेंगू के 16 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नगर परिषद के सहयोग से प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग, लार्वा नियंत्रण और घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने का अभियान शुरू कर दिया है।
डेंगू की स्थिति का जायजा लेने के लिए उपायुक्त राहुल कुमार ने बुधवार को रौड़ा सेक्टर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ एसडीएम सदर राजदीप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा, नगर परिषद अधिकारी और अन्य चिकित्सक भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाई जाए और उन्हें डेंगू से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने नगर परिषद अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जिन क्षेत्रों में लापरवाही पाई जाए, वहां चालान की कार्रवाई अमल में लाई जाए ताकि संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित हो सके। लोगों से अपील की कि अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, टंकियों को ढक कर रखें, पुराने टायर, टूटे बर्तनों या गमलों में पानी एकत्रित न होने दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की पहल तभी सफल होगी जब जनता भी जिम्मेदारी से सहयोग करेगी।
विभाग लगातार कर रहा निगरानी, लक्षणों को न करें नजरंदाज
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा ने बताया कि गत सप्ताह मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई थी। पिछले दो दिन से केवल एक नया मामला दर्ज हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि डेंगू के सामान्य लक्षणों में अचानक तेज बुखार (105 डिग्री फारेनहाइट तक), सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, उल्टी, मतली और शरीर पर लाल चकत्ते शामिल हैं। लोगों से अपील की कि यदि ये लक्षण दिखें तो तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या क्षेत्रीय अस्पताल में जाकर जांच करवाएं।
विज्ञापन
मरीज को पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस या नारियल पानी पीना चाहिए और आराम करना चाहिए। बुखार या दर्द की स्थिति में केवल पैरासिटामोल का उपयोग करें और एस्पिरिन या इबुप्रोफेन जैसी दवाओं से बचें, क्योंकि ये रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकती हैं। कहा कि यदि बुखार उतरने के बाद भी मरीज को पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, मसूड़ों या नाक से खून आना, या सांस लेने में कठिनाई महसूस हो तो तुरंत चिकित्सीय परामर्श लें। उन्होंने कहा कि लक्षणों को हल्के में न लें और विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
विज्ञापन
डीसी ने पीएचसी रौड़ा का किया निरीक्षण, नप को जारी किए निर्देश
बोले- घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, टंकियों को ढक कर रखें लोग
लापरवाही करने वालों पर नगर परिषद को चालान की कार्रवाई के दिए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला मुख्यालय के रौड़ा सेक्टर में डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। रौड़ा सेक्टर के वार्ड नंबर 1 और 2 से 15 दिन में डेंगू के 16 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नगर परिषद के सहयोग से प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग, लार्वा नियंत्रण और घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने का अभियान शुरू कर दिया है।
डेंगू की स्थिति का जायजा लेने के लिए उपायुक्त राहुल कुमार ने बुधवार को रौड़ा सेक्टर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ एसडीएम सदर राजदीप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा, नगर परिषद अधिकारी और अन्य चिकित्सक भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाई जाए और उन्हें डेंगू से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने नगर परिषद अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जिन क्षेत्रों में लापरवाही पाई जाए, वहां चालान की कार्रवाई अमल में लाई जाए ताकि संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित हो सके। लोगों से अपील की कि अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, टंकियों को ढक कर रखें, पुराने टायर, टूटे बर्तनों या गमलों में पानी एकत्रित न होने दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की पहल तभी सफल होगी जब जनता भी जिम्मेदारी से सहयोग करेगी।
विज्ञापन
विभाग लगातार कर रहा निगरानी, लक्षणों को न करें नजरंदाज
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा ने बताया कि गत सप्ताह मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई थी। पिछले दो दिन से केवल एक नया मामला दर्ज हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि डेंगू के सामान्य लक्षणों में अचानक तेज बुखार (105 डिग्री फारेनहाइट तक), सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, उल्टी, मतली और शरीर पर लाल चकत्ते शामिल हैं। लोगों से अपील की कि यदि ये लक्षण दिखें तो तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या क्षेत्रीय अस्पताल में जाकर जांच करवाएं।
विज्ञापन
मरीज को पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस या नारियल पानी पीना चाहिए और आराम करना चाहिए। बुखार या दर्द की स्थिति में केवल पैरासिटामोल का उपयोग करें और एस्पिरिन या इबुप्रोफेन जैसी दवाओं से बचें, क्योंकि ये रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकती हैं। कहा कि यदि बुखार उतरने के बाद भी मरीज को पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, मसूड़ों या नाक से खून आना, या सांस लेने में कठिनाई महसूस हो तो तुरंत चिकित्सीय परामर्श लें। उन्होंने कहा कि लक्षणों को हल्के में न लें और विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।