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सामान्य वर्ग कल्याण समिति ने केंद्र सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
Updated Sun, 30 Sep 2018 08:28 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। हिमाचल सामान्य वर्ग कल्याण समिति ने केंद्र सरकार के अनुसूचित जाति, जनजाति अधिनियम-2018 के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस एक्ट के विरोध में रणनीति बनाने के लिए संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक 30 सितंबर को मंडी जिला की इंदिरा मार्केट में होगी। वहीं, इस एक्ट के विरोध में आवाज बुलंद करने के लिए 6 अक्तूबर को हिमाचल बंद की रूपरेखा बनाकर व्यापारियों से सहयोग का आह्वान भी किया जाएगा।
सामान्य वर्ग कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष शक्तिचंद चौहान, महासचिव भूपेंद्र सेन, कार्यालय महासचिव सीताराम वर्मा व कोषाध्यक्ष मोहनलाल वालिया ने कहा कि जाति आधारित आरक्षण की व्यवस्था ने पहले से ही सामान्य व स्वर्ण वर्ग की कमर तोड़ कर रख दी है। सामान्य वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चे आरक्षण की वजह से पिछड़ रहे हैं। पढ़ाई से लेकर नौकरी और प्रमोशन जैसे हर स्तर पर उन्हें आरक्षण का दंश झेलना पड़ता है। अब रही-सही कसर अनुसूचित जाति, जनजाति अधिनियम-2018 लागू होने से पूरी की जा रही है।
समिति के नुमाइंदों ने कहा कि महज किसी की शिकायत के आधार पर एट्रोसिटी एक्ट के तहत कार्रवाई करना किसी भी लिहाज से तर्कसंगत नहीं है। इससे पहले भी समय-समय पर इस तरह की अधिकांश शिकायतें झूठी साबित होती रही हैं। ऐसे में बगैर जांच के ही किसी को दंडित किया जाना किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक्ट के विरोध में रणनीति तैयार करने के लिए रविवार को मंडी की इंदिरा मार्केट में राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी जिसमें सामान्य व स्वर्ण वर्ग के लोग भाग लेंगे। सरकार पर इस अधिनियम को वापस लेने का दबाव बनाने के लिए 6 अक्तूबर को 11 से 2 बजे तक हिमाचल बंद की रूपरेखा को भी बैठक में अंतिम रूप दिया जाएगा।
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बिलासपुर। हिमाचल सामान्य वर्ग कल्याण समिति ने केंद्र सरकार के अनुसूचित जाति, जनजाति अधिनियम-2018 के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस एक्ट के विरोध में रणनीति बनाने के लिए संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक 30 सितंबर को मंडी जिला की इंदिरा मार्केट में होगी। वहीं, इस एक्ट के विरोध में आवाज बुलंद करने के लिए 6 अक्तूबर को हिमाचल बंद की रूपरेखा बनाकर व्यापारियों से सहयोग का आह्वान भी किया जाएगा।
सामान्य वर्ग कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष शक्तिचंद चौहान, महासचिव भूपेंद्र सेन, कार्यालय महासचिव सीताराम वर्मा व कोषाध्यक्ष मोहनलाल वालिया ने कहा कि जाति आधारित आरक्षण की व्यवस्था ने पहले से ही सामान्य व स्वर्ण वर्ग की कमर तोड़ कर रख दी है। सामान्य वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चे आरक्षण की वजह से पिछड़ रहे हैं। पढ़ाई से लेकर नौकरी और प्रमोशन जैसे हर स्तर पर उन्हें आरक्षण का दंश झेलना पड़ता है। अब रही-सही कसर अनुसूचित जाति, जनजाति अधिनियम-2018 लागू होने से पूरी की जा रही है।
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समिति के नुमाइंदों ने कहा कि महज किसी की शिकायत के आधार पर एट्रोसिटी एक्ट के तहत कार्रवाई करना किसी भी लिहाज से तर्कसंगत नहीं है। इससे पहले भी समय-समय पर इस तरह की अधिकांश शिकायतें झूठी साबित होती रही हैं। ऐसे में बगैर जांच के ही किसी को दंडित किया जाना किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक्ट के विरोध में रणनीति तैयार करने के लिए रविवार को मंडी की इंदिरा मार्केट में राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी जिसमें सामान्य व स्वर्ण वर्ग के लोग भाग लेंगे। सरकार पर इस अधिनियम को वापस लेने का दबाव बनाने के लिए 6 अक्तूबर को 11 से 2 बजे तक हिमाचल बंद की रूपरेखा को भी बैठक में अंतिम रूप दिया जाएगा।
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