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डॉक्टरों की नियुक्ति को लेकर झंडूता में लोगों का हल्ला बोल
Updated Wed, 25 Jul 2018 11:39 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झंडूता(बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता के तहत आने वाले सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी को लेकर पंचायत समिति सदस्यों के साथ मिल कर अन्य लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। वहीं साफ किया की अगर डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं की गई तो आने वाले समय में आंदोलन और उग्र कर दिया जाएगा। दिन भर किए गए प्रदर्शन के बाद डॉक्टरों की मांग को लेकर एक ज्ञापन तहसीलदार के माध्यम से प्रदेश सरकार को भी भेजा गया।
समिति ने सरकार को चेताया कि एक माह के अंदर डॉक्टरों के पदों को नहीं भरा गया तो पंचायत समिति जन आंदोलन कर सरकार के खिलाफ धरने प्रदर्शन किए जाएंगे। इस अवसर पर धरने पर बैठे पंचायत समिति सदस्यों ने उपमंडलाधिकारी नागरिक झंडूता नवीन शर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा जिसमें चेताया कि झंडूता पंचायत समिति की 26.6.2018 की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया था कि 15 दिनों के भीतर विकास खंड झंडूता के अंतर्गत रिक्त पड़े पदों को भरा जाए।
इस मांग पर डॉक्टरों के कोई भी पद नहीं भरे गए। समिति ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि एक माह के भीतर रिक्त पड़े डॉक्टरों के पदों को भरा जाए। उन्होंने कहा कि उपमंडल स्तर का एक मात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता जो एक अनुबंध चिकित्सक के सहारे चल रहा है। इसके अलावा झंडूता में खंड चिकित्सा अधिकारी का पद भी काफी समय से रिक्त पड़ा हुआ है। उन्होंने समस्त डॉक्टरों के पदों के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता में एक औषधि विशेषज्ञ व एक पद स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर के पद सृजित करने की मांग की है।
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उन्होंने सरकार से मांग की है कि विकास खंड झंडूता का अधिकतर क्षेत्र पिछड़ा एवं भाखड़ा विस्थापितों का हैं। इस दौरान झंडूता पंचायत समिति अध्यक्ष प्रोमिला वसु, सीता राम नेगी, वासु देव चैन सिंह, राजेंद्र, हरीश गौतम, चिरंजी लाल, कलां चंदेल, सुख देव, कश्मीरी देवी, सुषमा, कृष्णी देवी, जगदीश, प्रमोद चंदेल, गोवर्धन गौतम, निरंजना, रमेश राजपूत, शमशेर सिंह, श्याम लाल बैंस, तुलसी राम, कुलदीप, देवी राम, संत सिंह, धनी राम, करतार सिंह, कृष्णु राम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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झंडूता(बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता के तहत आने वाले सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी को लेकर पंचायत समिति सदस्यों के साथ मिल कर अन्य लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। वहीं साफ किया की अगर डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं की गई तो आने वाले समय में आंदोलन और उग्र कर दिया जाएगा। दिन भर किए गए प्रदर्शन के बाद डॉक्टरों की मांग को लेकर एक ज्ञापन तहसीलदार के माध्यम से प्रदेश सरकार को भी भेजा गया।
समिति ने सरकार को चेताया कि एक माह के अंदर डॉक्टरों के पदों को नहीं भरा गया तो पंचायत समिति जन आंदोलन कर सरकार के खिलाफ धरने प्रदर्शन किए जाएंगे। इस अवसर पर धरने पर बैठे पंचायत समिति सदस्यों ने उपमंडलाधिकारी नागरिक झंडूता नवीन शर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा जिसमें चेताया कि झंडूता पंचायत समिति की 26.6.2018 की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया था कि 15 दिनों के भीतर विकास खंड झंडूता के अंतर्गत रिक्त पड़े पदों को भरा जाए।
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इस मांग पर डॉक्टरों के कोई भी पद नहीं भरे गए। समिति ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि एक माह के भीतर रिक्त पड़े डॉक्टरों के पदों को भरा जाए। उन्होंने कहा कि उपमंडल स्तर का एक मात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता जो एक अनुबंध चिकित्सक के सहारे चल रहा है। इसके अलावा झंडूता में खंड चिकित्सा अधिकारी का पद भी काफी समय से रिक्त पड़ा हुआ है। उन्होंने समस्त डॉक्टरों के पदों के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता में एक औषधि विशेषज्ञ व एक पद स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर के पद सृजित करने की मांग की है।
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उन्होंने सरकार से मांग की है कि विकास खंड झंडूता का अधिकतर क्षेत्र पिछड़ा एवं भाखड़ा विस्थापितों का हैं। इस दौरान झंडूता पंचायत समिति अध्यक्ष प्रोमिला वसु, सीता राम नेगी, वासु देव चैन सिंह, राजेंद्र, हरीश गौतम, चिरंजी लाल, कलां चंदेल, सुख देव, कश्मीरी देवी, सुषमा, कृष्णी देवी, जगदीश, प्रमोद चंदेल, गोवर्धन गौतम, निरंजना, रमेश राजपूत, शमशेर सिंह, श्याम लाल बैंस, तुलसी राम, कुलदीप, देवी राम, संत सिंह, धनी राम, करतार सिंह, कृष्णु राम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।