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शहीद के घर 24 घंटे बाद पहुंचा सरकारी अमला
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शाहतलाई (बिलासपुर)। जिले के झंडूता उपमंडल के तहत आने वाले गांव घुमारपुर का एक सैनिक हिमखंड की चपेट में आने से शहीद हो गया। सेना की ओर से प्रशासन को इसकी सूचना बुधवार करीब 4 बजे दे दी गई थी। लेकिन इसके बाद भी सरकारी अमले ने इस शहादत को गंभीरता से नहीं लिया। इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि शहादत के बाद करीब 24 घंटे बाद सरकारी अमले ने शहीद के घर जाने की जहमत उठाई।
बुधवार को हिमखंड की चपेट में आने से घुमारपुर का राकेश कुमार शहीद हो गया। इसकी सूचना परिवार को करीब 4 बजे फोन के माध्यम से दी गई। इसकी सूचना प्रशासन को इससे पहले ही मिल गई थी। लेकिन इस दुख की घड़ी में सरकारी अमले ने शहीद के घर जाना जरूरी नहीं समझा।
वीरवार को भी मेले की बैठक के लिए उपायुक्त शाहतलाई में दिन भर रहे। लेकिन इसके बाद भी उन्होंने शहीद के घर जाना मुनासिब नहीं समझा। हालांकि देर शाम करीब 6 बजे के बाद विधायक जेरआर कटवाल, एडीएम और थाना प्रभारी झंडूता जरूरी राकेश कुमार के घर पहुंचे।
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प्रशासन के इस रवैये को लेकर क्षेत्र के लोगों में रोष है। पंचायत के उपप्रधान वीरी सिंह वर्मा का कहना है कि प्रशासन जिस प्रकार से शहीद के घर पहुंचा उससे साफ है कि शायद इन लोगों के लिए शहादत का कोई मोल नहीं है।
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बुधवार को हिमखंड की चपेट में आने से घुमारपुर का राकेश कुमार शहीद हो गया। इसकी सूचना परिवार को करीब 4 बजे फोन के माध्यम से दी गई। इसकी सूचना प्रशासन को इससे पहले ही मिल गई थी। लेकिन इस दुख की घड़ी में सरकारी अमले ने शहीद के घर जाना जरूरी नहीं समझा।
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वीरवार को भी मेले की बैठक के लिए उपायुक्त शाहतलाई में दिन भर रहे। लेकिन इसके बाद भी उन्होंने शहीद के घर जाना मुनासिब नहीं समझा। हालांकि देर शाम करीब 6 बजे के बाद विधायक जेरआर कटवाल, एडीएम और थाना प्रभारी झंडूता जरूरी राकेश कुमार के घर पहुंचे।
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प्रशासन के इस रवैये को लेकर क्षेत्र के लोगों में रोष है। पंचायत के उपप्रधान वीरी सिंह वर्मा का कहना है कि प्रशासन जिस प्रकार से शहीद के घर पहुंचा उससे साफ है कि शायद इन लोगों के लिए शहादत का कोई मोल नहीं है।