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बिलासपुर में बनेगा कूड़ा-कचरा निष्पादन प्लांट
Updated Mon, 05 Feb 2018 10:26 PM IST
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- फोटो : amarujala
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बिलासपुर। नगर परिषद एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए शहरी निकायों की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसके लिए उनको अपने कार्यों में निरंतरता देनी चाहिए। अपने कार्य क्षेत्र को और अधिक बढ़ाना चाहिए ताकि शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास की संभावनाएं बढ़ें और शहर सुंदर, स्वच्छ और सुविधा संपन्न बन सके। बचत भवन बिलासपुर में अतिरिक्त मुख्य सचिव (शहरी विकास) तरुण कपूर ने शहरी निकायों के अधिकारियों के साथ शहर की विकास योजनाओं से संबंधित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिए।
शहर की स्वच्छता व सुंदरता बनाए रखने के लिए सभी वर्गों का सहयोग अपेक्षित रहता है, इसके लिए संयुक्त प्रयासों की नितांत आवश्यकता है। गृह स्वामी अगर अपने घर व आसपास के कूड़े को व्यवस्थित ढंग से शहरी निकायों द्वारा नियुक्त किए गए कर्मचारियों को सौंपते हैं तो वे उनके कर्तव्य निर्वहन की बेहतर भूमिका में शुमार किए जाते है। जिला के नगर परिषद क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कूड़ा-कचरा उठाने की प्रक्रिया को नियमित रूप से चलाने की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में अन्य जिलों की अपेक्षा जिला बिलासपुर अग्रणी पंक्ति में खड़ा है।
शिमला, बद्दी और मनाली की तर्ज पर ठोस कचरे के निष्पादन के लिए शीघ्र ही जिला बिलासपुर में भी एक बड़ा कूड़ा-कचरा डिस्पोजल प्लांट निर्मित किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने उपायुक्त विवेक भाटिया को शीघ्र स्थान चयन करके आगामी प्रक्रिया के लिए मामला भेजने को कहा है। उन्होंने कहा कि इस डिस्पोजल प्लांट के निर्मित होने से पूरे जिले के नगर परिषद क्षेत्र के कूड़े कचरे को एक ही स्थल पर निष्पादित करना संभव हो सकेगा।
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उन्होंने कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद घुमारवीं को निर्देश दिए किए वे घुमारवीं शहर के कचरे के निष्पादन में आ रहीं दिक्कतों को देखते हुए शीघ्र विकल्प तलाशें। सभी कबाड़ियों के पंजीकरण को अनिवार्य बनाया जाएगा ताकि उनके माध्यम से प्लास्टिक व पॉलीथिन आदि के कचरे का निष्पादन किया जा सके।
जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण पार्किंग के लिए लोगों को किसी भी प्रकार की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े, इसके लिए निर्मित हो रहे वाहन पार्किंग स्थलों को शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। नए वाहन पार्किंग स्थलों की संभावनाओं को तलाशा जाए। बैठक में नगर निकायों के खाली पदों को भरने, स्थानीय निकायों की आर्थिक स्थिति व आय के स्रोतों, टीसीपी एक्ट, गृहकर व अधूरे निर्माण कार्यों में प्रगति लाने सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर निदेशक शहरी विकास डीके गुप्ता, आईएएस प्रोबेशनर राहुल कुमार, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विनय कुमार, वन अरण्यपाल अजीत ठाकुर, एसडीएम सदर प्रियंका वर्मा, एसडीएम घुमारवीं शशीपाल शर्मा, एसीटूडीसी कविता ठाकुर, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद बिलासपुर केआर ठाकुर, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद घुमारवीं संजय कुमार, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद नयनादेवी पीसी शर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे।
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शहर की स्वच्छता व सुंदरता बनाए रखने के लिए सभी वर्गों का सहयोग अपेक्षित रहता है, इसके लिए संयुक्त प्रयासों की नितांत आवश्यकता है। गृह स्वामी अगर अपने घर व आसपास के कूड़े को व्यवस्थित ढंग से शहरी निकायों द्वारा नियुक्त किए गए कर्मचारियों को सौंपते हैं तो वे उनके कर्तव्य निर्वहन की बेहतर भूमिका में शुमार किए जाते है। जिला के नगर परिषद क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कूड़ा-कचरा उठाने की प्रक्रिया को नियमित रूप से चलाने की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में अन्य जिलों की अपेक्षा जिला बिलासपुर अग्रणी पंक्ति में खड़ा है।
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शिमला, बद्दी और मनाली की तर्ज पर ठोस कचरे के निष्पादन के लिए शीघ्र ही जिला बिलासपुर में भी एक बड़ा कूड़ा-कचरा डिस्पोजल प्लांट निर्मित किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने उपायुक्त विवेक भाटिया को शीघ्र स्थान चयन करके आगामी प्रक्रिया के लिए मामला भेजने को कहा है। उन्होंने कहा कि इस डिस्पोजल प्लांट के निर्मित होने से पूरे जिले के नगर परिषद क्षेत्र के कूड़े कचरे को एक ही स्थल पर निष्पादित करना संभव हो सकेगा।
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उन्होंने कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद घुमारवीं को निर्देश दिए किए वे घुमारवीं शहर के कचरे के निष्पादन में आ रहीं दिक्कतों को देखते हुए शीघ्र विकल्प तलाशें। सभी कबाड़ियों के पंजीकरण को अनिवार्य बनाया जाएगा ताकि उनके माध्यम से प्लास्टिक व पॉलीथिन आदि के कचरे का निष्पादन किया जा सके।
जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण पार्किंग के लिए लोगों को किसी भी प्रकार की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े, इसके लिए निर्मित हो रहे वाहन पार्किंग स्थलों को शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। नए वाहन पार्किंग स्थलों की संभावनाओं को तलाशा जाए। बैठक में नगर निकायों के खाली पदों को भरने, स्थानीय निकायों की आर्थिक स्थिति व आय के स्रोतों, टीसीपी एक्ट, गृहकर व अधूरे निर्माण कार्यों में प्रगति लाने सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर निदेशक शहरी विकास डीके गुप्ता, आईएएस प्रोबेशनर राहुल कुमार, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विनय कुमार, वन अरण्यपाल अजीत ठाकुर, एसडीएम सदर प्रियंका वर्मा, एसडीएम घुमारवीं शशीपाल शर्मा, एसीटूडीसी कविता ठाकुर, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद बिलासपुर केआर ठाकुर, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद घुमारवीं संजय कुमार, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद नयनादेवी पीसी शर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे।