{"_id":"5be4894dbdec22693257bf0d","slug":"121541704013-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानसिक रुप से परेशान किसान ने गोली मारकर की आत्महत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानसिक रुप से परेशान किसान ने गोली मारकर की आत्महत्या
Updated Fri, 09 Nov 2018 12:40 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
बिलासपुर (रामपुर)। मानसिक रुप से परेशान एक किसान ने पहले कीटनाशक का सेवन कर लिया और बाद में खुद को गोली मार ली। किसान को गंभीर हालत में दिल्ली ले जाया गया, जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। दिल्ली पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।कोतवाली पुलिस ने मृतक के घर पहुंचकर घटना की जांच की।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रवानाघासी निवासी गुरविंद्र सिंह (50) के परिजनों के मुताबिक, वह काफी समय से मानसिक रुप से परेशान थे। गुरविंद्र के छोटे भाई शमशेर सिंह ने पुलिस को बताया कि 20 अक्तूबर की सुबह करीब पांच बजे गुरविंद्र सिंह के कमरे से एक फायर की आवाज आई। फायर की आवाज सुनकर वे दौड़कर गुरविंद्र के कमरे में पहुंचे तो देखा कि गुरविंद्र लहुलुहान हालत में पड़े थे। उन्होंने आत्महत्या करने के उद्देश्य से स्वयं को बंदूक से गोली मार ली थी। कमरे में उन्हें एक कीटनाशक दवाई की खाली शीशी मिली, जिसका सेवन भी उन्होंने कर लिया था। कुछ ही देर मौके पर तमाम लेाग एकत्र हो गए थे।इसके बाद परिजन उन्हें आनन फानन में रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल में ले गए। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दिल्ली को रेफर कर दिया था। परिजन उन्हें दिल्ली ले गए, जहां उनका उपचार चलता रहा। बुधवार की रात उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। दिल्ली पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया। परिजनों ने बृहस्पतिवार को शव गांव लाकर अंतिम संस्कार कर दिया। कोतवाली प्रभारी अजय कुमार श्रोतिया ने बताया कि परिजनों ने उन्हें सूचना दी कि गुरविंद्र सिंह डिप्ररेशन में थे, जिसकी वजह से उन्होंने कीटनाशक का सेवन और गोली मारकर आत्महत्या कर ली है, वह लोग कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं।पुलिस ने गांव पहुंचकर घटना की जांच की तो जांच में डिप्रेशन की बात की पुष्टि हुई है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रवानाघासी निवासी गुरविंद्र सिंह (50) के परिजनों के मुताबिक, वह काफी समय से मानसिक रुप से परेशान थे। गुरविंद्र के छोटे भाई शमशेर सिंह ने पुलिस को बताया कि 20 अक्तूबर की सुबह करीब पांच बजे गुरविंद्र सिंह के कमरे से एक फायर की आवाज आई। फायर की आवाज सुनकर वे दौड़कर गुरविंद्र के कमरे में पहुंचे तो देखा कि गुरविंद्र लहुलुहान हालत में पड़े थे। उन्होंने आत्महत्या करने के उद्देश्य से स्वयं को बंदूक से गोली मार ली थी। कमरे में उन्हें एक कीटनाशक दवाई की खाली शीशी मिली, जिसका सेवन भी उन्होंने कर लिया था। कुछ ही देर मौके पर तमाम लेाग एकत्र हो गए थे।इसके बाद परिजन उन्हें आनन फानन में रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल में ले गए। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दिल्ली को रेफर कर दिया था। परिजन उन्हें दिल्ली ले गए, जहां उनका उपचार चलता रहा। बुधवार की रात उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। दिल्ली पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया। परिजनों ने बृहस्पतिवार को शव गांव लाकर अंतिम संस्कार कर दिया। कोतवाली प्रभारी अजय कुमार श्रोतिया ने बताया कि परिजनों ने उन्हें सूचना दी कि गुरविंद्र सिंह डिप्ररेशन में थे, जिसकी वजह से उन्होंने कीटनाशक का सेवन और गोली मारकर आत्महत्या कर ली है, वह लोग कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं।पुलिस ने गांव पहुंचकर घटना की जांच की तो जांच में डिप्रेशन की बात की पुष्टि हुई है।
विज्ञापन