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सीर खड्ड का जलस्तर गिरा, 29 पेयजल योजनाओं पर संकट
Updated Mon, 04 Jun 2018 11:42 PM IST
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झंडूता (बिलासुपर)। सीर खड्ड सूखने के कारण जिले की 29 पेयजल योजनाओं पर संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा मंडी जिले के सरकाघाट और हमीरपुर जिले के जाहू में भी खड्ड के सूख जाने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
खड्ड के सूखने का कारण अवैध खनन माना जा रहा है। बिलासपुर जिले के ही करीब 52 हजार लोगों को खड्ड के सूख जाने से पानी के संकट का सामना करना पड़ेगा। हालांकि आईपीएच अधिकारियों का दावा है कि लोगों को पानी की समस्या खड़ी न हो इसके लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि आईपीएच उपमंडल झंडूता के तहत 42 उठाऊ पेयजल योजनाएं हैं। इनमें 29 उठाऊ योजनाएं सीर खड्ड पर निर्भर हैं। जबकि 13 प्राकृतिक पेयजल स्रोतों पर निर्भर हैं।
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जानकारी के अनुसार क्षेत्र की बीस ग्राम पंचायतों की 52 हजार आबादी है। जिसे आने वाले समय में पानी के संकट का सामना करना पड़ सकता है। कई योजनाओं में जलस्तर 50 फीसदी तक गिर चुका है।
आईपीएच विभाग उपमंडल झंडूता के सहायक अभियंता सुरेंद्र सिंह ठाकुर के अनुसार क्षेत्र की सीर खड्ड पर बनी टिहरा बड़गांव, बरठीं सरगल, श्री बडोल देवी, बाला सेर बरोहा सहित चार पेयजल योजनाओं में जलस्तर 50 प्रतिशत घटने से पानी का संकट पैदा हो गया है। विभाग ने इन योजनाओं को दूसरी पेयजल योजनाओं के साथ जोड़कर पानी की आपूर्ति बहाल कर दी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जहां भी पानी की गंभीर समस्या है वहां पर विभाग हैंडपंप लगाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील करते हुए कहा कि पानी का सही प्रयोग करें और किसी भी हाल में पानी व्यर्थ न गंवाएं। उन्होंने कहा कि पीने का पानी व्यर्थ गवाने वालों पर विभाग की पैनी नजर है। कोई भी ऐसा मामला पाए जाने पर पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा।
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खड्ड के सूखने का कारण अवैध खनन माना जा रहा है। बिलासपुर जिले के ही करीब 52 हजार लोगों को खड्ड के सूख जाने से पानी के संकट का सामना करना पड़ेगा। हालांकि आईपीएच अधिकारियों का दावा है कि लोगों को पानी की समस्या खड़ी न हो इसके लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
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उल्लेखनीय है कि आईपीएच उपमंडल झंडूता के तहत 42 उठाऊ पेयजल योजनाएं हैं। इनमें 29 उठाऊ योजनाएं सीर खड्ड पर निर्भर हैं। जबकि 13 प्राकृतिक पेयजल स्रोतों पर निर्भर हैं।
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जानकारी के अनुसार क्षेत्र की बीस ग्राम पंचायतों की 52 हजार आबादी है। जिसे आने वाले समय में पानी के संकट का सामना करना पड़ सकता है। कई योजनाओं में जलस्तर 50 फीसदी तक गिर चुका है।
आईपीएच विभाग उपमंडल झंडूता के सहायक अभियंता सुरेंद्र सिंह ठाकुर के अनुसार क्षेत्र की सीर खड्ड पर बनी टिहरा बड़गांव, बरठीं सरगल, श्री बडोल देवी, बाला सेर बरोहा सहित चार पेयजल योजनाओं में जलस्तर 50 प्रतिशत घटने से पानी का संकट पैदा हो गया है। विभाग ने इन योजनाओं को दूसरी पेयजल योजनाओं के साथ जोड़कर पानी की आपूर्ति बहाल कर दी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जहां भी पानी की गंभीर समस्या है वहां पर विभाग हैंडपंप लगाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील करते हुए कहा कि पानी का सही प्रयोग करें और किसी भी हाल में पानी व्यर्थ न गंवाएं। उन्होंने कहा कि पीने का पानी व्यर्थ गवाने वालों पर विभाग की पैनी नजर है। कोई भी ऐसा मामला पाए जाने पर पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा।