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घुमारवीं उपमंडल के ज्यादातर स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सक नहीं
Updated Sun, 10 Dec 2017 10:25 PM IST
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भराड़ी (बिलासपुर)। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए अस्पताल व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो खोल दिए हैं, लेकिन डॉक्टर न होने के कारण सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। घुमारवीं उपमंडल में डॉक्टरों की कमी लोगों के जीवन पर भारी पड़ रही है। इलाज करवाने के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खुलकर सामने आ रही है।
घुमारवीं उपमंडल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुशनाल, बप्याड़, करयालग, बडसानी, मेहरीकाथला व कुमझवाड़ में डॉक्टर नहीं होने से लोगों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। छोटी-छोटी बीमारी के लिए बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। घुमारवीं उपमंडल के उक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फार्मासिस्टों के सहारे चल रहे हैं।
डॉक्टरों की कमी लोगों के जीवन पर भारी पड़ रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर न मिलने के कारण उपमंडल व जिला स्तर के अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही है। सरकार के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के वादे हवा हो रहे हैं। ऐसा ही हाल घुमारवीं उपमंडल के भराड़ी अस्पताल का है जहां पर 5 डॉक्टरों के पद हैं लेकिन मात्र 3 डॉक्टर होने के कारण समस्या पेश आ रही है।
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घुमारवीं उपमंडल के 5 से 7 ऐसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं जिनमें कोई भी डॉक्टर नहीं है। इस बारे में सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि चुनावों के समय तो जगह-जगह स्वास्थ्य केंद्र खोलने के बड़े-बड़े वायदे किए जाते हैं लेकिन डॉक्टरों के बिना यह स्वास्थ्य केंद्र महज सफेद हाथी साबित हो रहे हैं।
सुशनाल, बप्याड़, करयालग, बड़सानी, मेहरी कथला व कुमझवाड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर क्षेत्र की हजारों की आबादी निर्भर है। लेकिन इन स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर न होने से दिक्कतें पेश आ रही हैं। इन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को महज फार्मासिस्ट संभाल रहे हैं।
उधर, बीएमओ घुमारवीं डॉ. कमल किशोर का कहना है कि डॉक्टरों की कमी के कारण कुछेक जगहों पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। उपमंडल के जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं वहां पर जल्द ही डॉक्टर तैनात कर समस्या का समाधान किया जाएगा।
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घुमारवीं उपमंडल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुशनाल, बप्याड़, करयालग, बडसानी, मेहरीकाथला व कुमझवाड़ में डॉक्टर नहीं होने से लोगों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। छोटी-छोटी बीमारी के लिए बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। घुमारवीं उपमंडल के उक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फार्मासिस्टों के सहारे चल रहे हैं।
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डॉक्टरों की कमी लोगों के जीवन पर भारी पड़ रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर न मिलने के कारण उपमंडल व जिला स्तर के अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही है। सरकार के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के वादे हवा हो रहे हैं। ऐसा ही हाल घुमारवीं उपमंडल के भराड़ी अस्पताल का है जहां पर 5 डॉक्टरों के पद हैं लेकिन मात्र 3 डॉक्टर होने के कारण समस्या पेश आ रही है।
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घुमारवीं उपमंडल के 5 से 7 ऐसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं जिनमें कोई भी डॉक्टर नहीं है। इस बारे में सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि चुनावों के समय तो जगह-जगह स्वास्थ्य केंद्र खोलने के बड़े-बड़े वायदे किए जाते हैं लेकिन डॉक्टरों के बिना यह स्वास्थ्य केंद्र महज सफेद हाथी साबित हो रहे हैं।
सुशनाल, बप्याड़, करयालग, बड़सानी, मेहरी कथला व कुमझवाड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर क्षेत्र की हजारों की आबादी निर्भर है। लेकिन इन स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर न होने से दिक्कतें पेश आ रही हैं। इन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को महज फार्मासिस्ट संभाल रहे हैं।
उधर, बीएमओ घुमारवीं डॉ. कमल किशोर का कहना है कि डॉक्टरों की कमी के कारण कुछेक जगहों पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। उपमंडल के जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं वहां पर जल्द ही डॉक्टर तैनात कर समस्या का समाधान किया जाएगा।