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पंचायत सचिव निलंबित, पौने दो लाख की रिकवरी
Updated Thu, 16 Aug 2018 11:23 PM IST
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बरठीं(बिलासपुर)। श्री नयना देवी जी ब्लॉक की पंचायत कोट खास में रहे तत्कालीन सचिव संजय कुमार को निलंबित कर दिया गया है। उन पर 1,80,342 रुपये की रिकवरी भी डाली गई है। सचिव पर ड्यूटी के समय शराब के नशे में धुत, रिकवरी का पैसा जमा न करवाना, कार्य में अनियमितताएं, स्थानीय लोगों के साथ व्यवहार ठीक न होना, लापरवाही बरतने के आरोप लगे थे। जो जांच में सही पाए गए हैं। जिसके बाद विभाग ने उक्त कार्रवाई अमल में लाई है।
जिला पंचायत अधिकारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि उक्त सचिव के खिलाफ पंचायत से लगातार गड़बड़ियों व व्यवहार को लेकर शिकायतें मिल रही थी। जिसकी जांच करने के लिए वह स्वयं पंचायत में गए, जहां उन्होंने पाया कि पंचायत सचिव ड्यूटी समय में नशे में था और कोई भी रिकॉर्ड दिखाने से उसने मना कर दिया। इसके अतिरिक्त आरटीआई के तहत भी उसने कोई रिपोर्ट उनको प्रेषित नहीं की थी।
उन्होंने बताया कि पंचायत सचिव पर एक 1,80,342 की रिकवरी लगाई गई है। जिसको भी उसने गंभीरता से नहीं लिया और उपरोक्त सभी मामलों की जांच करने के बाद उक्त सचिव को अपनी सेवाएं देने से मुक्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिला की कुछ पंचायतों में प्रधानों व सचिवों द्वारा विकास कार्यों में गड़बड़ी व वित्तीय अनियमितताएं की हैं। उनकी जांच चल रही है, उनको भी दोषी पाए जाने पर बख्शा नहीं जाएगा।
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उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की है कि पंचायतें यदि किसी कार्य में गड़बड़ी करती हुई पाई जाती हैं तो वह इसकी शिकायत संबंधित विकास खंड अधिकारी व जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय में कर सकते हैं। जिला पंचायत अधिकारी ने कहा कि पंचायत में अनियमितताएं करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों व सचिवों को बख्शा नहीं जाएगा। जो पंचायत में गड़बड़ करेगा वह चाहे पंचायत प्रधान हो या सचिव, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी
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जिला पंचायत अधिकारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि उक्त सचिव के खिलाफ पंचायत से लगातार गड़बड़ियों व व्यवहार को लेकर शिकायतें मिल रही थी। जिसकी जांच करने के लिए वह स्वयं पंचायत में गए, जहां उन्होंने पाया कि पंचायत सचिव ड्यूटी समय में नशे में था और कोई भी रिकॉर्ड दिखाने से उसने मना कर दिया। इसके अतिरिक्त आरटीआई के तहत भी उसने कोई रिपोर्ट उनको प्रेषित नहीं की थी।
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उन्होंने बताया कि पंचायत सचिव पर एक 1,80,342 की रिकवरी लगाई गई है। जिसको भी उसने गंभीरता से नहीं लिया और उपरोक्त सभी मामलों की जांच करने के बाद उक्त सचिव को अपनी सेवाएं देने से मुक्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिला की कुछ पंचायतों में प्रधानों व सचिवों द्वारा विकास कार्यों में गड़बड़ी व वित्तीय अनियमितताएं की हैं। उनकी जांच चल रही है, उनको भी दोषी पाए जाने पर बख्शा नहीं जाएगा।
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उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की है कि पंचायतें यदि किसी कार्य में गड़बड़ी करती हुई पाई जाती हैं तो वह इसकी शिकायत संबंधित विकास खंड अधिकारी व जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय में कर सकते हैं। जिला पंचायत अधिकारी ने कहा कि पंचायत में अनियमितताएं करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों व सचिवों को बख्शा नहीं जाएगा। जो पंचायत में गड़बड़ करेगा वह चाहे पंचायत प्रधान हो या सचिव, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी