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15 सालों से बरठीं स्वास्थ्य केंद्र के आवासीय कमरे बने खंडहर
Updated Thu, 02 Nov 2017 06:18 PM IST
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Hospital
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला ब्यूरो
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बरठीं (बिलासपुर)।
चुनावी मौसम में राजनैतिक दल अथाह विकास करवाने के खोखले दावे करते हैं, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर होती है। गद्दी मिलने के बाद सभी नेता विकास को भूल कर ऐशो-आराम की जिंदगी गुजर बसर शुरू कर देते हैं। ऐसा ही एक मामला पिछले दस वर्षों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरठीं में देखने को मिल रहा है।
सीएचसी बरठीं में 60 के दशक में चिकित्सकों के लिए बनाए मकान आज खंडहर बन चुके हैं। 25 पंचायतों को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले चिकित्सक किराये के भवन में रहने को मजबूर हैं। सरकारी रिहायशी मकानों की आज तक किसी भी नेता ने सुध नहीं ली। लोगों ने बताया कि लगभग तीन चुनावों से लगातार वे भाजपा और कांग्रेस के नेताओं को सीएचसी में चल रही असुविधाओं को उठाते रहे हैं।
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सभी नेता जीतने के बाद समस्या को हल करने का वायदा तो करते हैं, लेकिन जीत जाने के बाद समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं। मकान खंडहर होने को हैं। कुछ को तो नाम मात्र रिपेयर करवा लिया गया है, लेकिन मुख्य चिकित्सक का आवास लगभग पंद्रह वर्षों से रहने योग्य नहीं है। कई बार विभाग की ओर से लिखित में लोनिवि से इसका प्राकलन तैयार कर उच्चाधिकारियों व सरकार को भेजा जा चुका है लेकिन किसी भी नेता या सरकार ने इसकी सुध नहीं ली।
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आएकेएस की बैठक में विधायक के समक्ष कई बार भवन को गिराए जाने और इसकी रिपेयर करने के लिए कहा गया लेकिन हाल जस के तस हैं। भवन में मात्र दीवारें खड़ी हैं। लेंटर और छज्जों पर घास ने डेरा जमाया है। दरवाजे-खिड़कियों का नामोनिशान नहीं है।