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गृहकर सर्वे में रोड़ा बने 40 परिवार, नोटिस जारी
Updated Tue, 16 Jan 2018 11:00 PM IST
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बिलासपुर। बिलासपुर में गृहकर सर्वे में 40 परिवार रोड़ा बन रहे हैं। इससे नगर परिषद गृहकर को लेकर आगामी प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रही है। नगर परिषद ने 40 परिवारों को नोटिस जारी कर दिए हैं। नोटिस में कहा गया है कि गृह कर सर्वे में सहयोग करें, अन्यथा नगर परिषद को सख्त कार्रवाई करनी पड़ेगी। जबकि अन्य घरों का सर्वेे पूरा हो चुका है। अब जल्द ही नगर परिषद गृह कर की दर को भी तय कर देगी।
गौरतलब है कि गत वर्ष नगर परिषद बिलासपुर को निदेशालय से नोटिस मिला था कि अगर नगर परिषद बिलासपुर गृह कर वसूलने में असमर्थ है तो क्यों न इसे भंग कर दिया जाए। इसके बाद नप बिलासपुर ने गृह वसूलने को लेकर आगामी कार्रवाई शुरू की। इसके तहत नप ने गृहकर के सर्वे के लिए टेंडर आमंत्रित किए। दिल्ली की एक कंपनी को गृह कर के लिए सर्वे करने का जिम्मा सौंपा गया। कंपनी गत वर्ष 2017 से शहर के सभी 11 वार्डों में गृह कर का खाका तैयार करने के लिए सर्वे कर रही है। इसमें करीब सभी शहरियों ने सहयोग किया है। लेकिन 40 परिवार ऐसे हैं जिन्होंने सर्वे करवाने से साफ मना कर दिया है। उनका कहना है कि वे विस्थापित हैं और जमीन उनके नाम पर नहीं है। ऐसे में वे सर्वे नहीं करवाएंगे, साथ ही गृह कर भी नहीं देंगे। नप सूत्रों का कहना है कि इनमें से कुछ ऐसे हैं जिनके पास जमीन पर कब्जा है। सर्वे करवाने से उन्हें जमीन का कब्जा भी छोड़ना पड़ सकता है। वहीं नगर परिषद ने भी सर्वे न करवाने वालों पर कार्रवाई करते हुए 40 परिवारों को नोटिस जारी कर दिए हैं, जिन्होंने सर्वे करवाने से मना किया है। वहीं नगर परिषद का यह भी कहना है कि अगर इसके बाद भी सर्वे करवाने से रोका तो कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।
नगर परिषद बिलासपुर के कार्यकारी अधिकारी केआर ठाकुर का कहना है कि 40 परिवारों को सर्वे न करवाने को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में उनसे गृह कर को लेकर सर्वे करवाने में सहयोग करने की अपील की गई है। अगर उसके बाद भी वे सर्वे करवाने में सहयोग नहीं करते है तो कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।
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गौरतलब है कि गत वर्ष नगर परिषद बिलासपुर को निदेशालय से नोटिस मिला था कि अगर नगर परिषद बिलासपुर गृह कर वसूलने में असमर्थ है तो क्यों न इसे भंग कर दिया जाए। इसके बाद नप बिलासपुर ने गृह वसूलने को लेकर आगामी कार्रवाई शुरू की। इसके तहत नप ने गृहकर के सर्वे के लिए टेंडर आमंत्रित किए। दिल्ली की एक कंपनी को गृह कर के लिए सर्वे करने का जिम्मा सौंपा गया। कंपनी गत वर्ष 2017 से शहर के सभी 11 वार्डों में गृह कर का खाका तैयार करने के लिए सर्वे कर रही है। इसमें करीब सभी शहरियों ने सहयोग किया है। लेकिन 40 परिवार ऐसे हैं जिन्होंने सर्वे करवाने से साफ मना कर दिया है। उनका कहना है कि वे विस्थापित हैं और जमीन उनके नाम पर नहीं है। ऐसे में वे सर्वे नहीं करवाएंगे, साथ ही गृह कर भी नहीं देंगे। नप सूत्रों का कहना है कि इनमें से कुछ ऐसे हैं जिनके पास जमीन पर कब्जा है। सर्वे करवाने से उन्हें जमीन का कब्जा भी छोड़ना पड़ सकता है। वहीं नगर परिषद ने भी सर्वे न करवाने वालों पर कार्रवाई करते हुए 40 परिवारों को नोटिस जारी कर दिए हैं, जिन्होंने सर्वे करवाने से मना किया है। वहीं नगर परिषद का यह भी कहना है कि अगर इसके बाद भी सर्वे करवाने से रोका तो कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।
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नगर परिषद बिलासपुर के कार्यकारी अधिकारी केआर ठाकुर का कहना है कि 40 परिवारों को सर्वे न करवाने को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में उनसे गृह कर को लेकर सर्वे करवाने में सहयोग करने की अपील की गई है। अगर उसके बाद भी वे सर्वे करवाने में सहयोग नहीं करते है तो कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।
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