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Yamuna Nagar News: कराटे में जिले का नाम रोशन कर रहे यशवीर
Sat, 27 Jun 2026 06:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 27 Jun 2026 06:07 AM IST
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कोच के साथ राष्ट्रीय प्रतियोगिता पदक विजेता यशवीर। स्वयं
जगाधरी। शहर के सेक्टर-15 में रहने वाले 11 वर्षीय यशवीर सिंह कराटे में जिले व प्रदेश का नाम चमका रहे हैं। 22-23 दिसंबर को पानीपत में हुई ओपन राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर यशवीर जिले का यश बढ़ा चुके हैं। इससे पूर्व भी यशवीर जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं। यशवीर का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने देश के लिए खेलना है और इसी लक्ष्य के साथ तैयारी कर रहा है। यशवीर शहर की बामणिया कराटे अकादमी से प्रशिक्षण ले रहे हैं।
कराटे एसोसिएशन के महासचिव विकास बामणिया ने बताया कि यशवीर विभिन्न प्रतियोगिताओं में करीब एक दर्जन से ज्यादा पदक जीत चुका है। उन्होंने बताया कि पिछले महीने करवाई गई ओपन नेशनल कराटे चैंपियनशिप में यशवीर ने 50 किलोग्राम भार वर्ग में भाग लिया था। इसमें सभी प्रतिद्वंद्वियों को परास्त करते हुए यशवीर ने स्वर्ण पदक जीतकर जिले का यश बढ़ाया। उन्होंने बताया कि यशवीर सात साल की आयु से कराटे करने लगा था। आयु के साथ उसका खेल के प्रति लगाव व जुनून भी बढ़ने लगा। वह चार वर्ष से सुबह-शाम तीन से चार घंटे कड़ा अभ्यास करता है। यशवीर अभी तक जिला स्तर पर दो स्वर्ण, राज्य स्तर पर तीन और राष्ट्रीय स्तर पर एक स्वर्ण पदक जीत चुका है।
यशवीर के पिता मनप्रीत सिंह निजी क्षेत्र में काम करते हैं और मां गुरजीत कौर गृहिणी हैं। स्कूल में एक खिलाड़ी को देखकर यशवीर का कराटे के प्रति रुझान बढ़ा। माता-पिता ने बेटे को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण दिलवाना शुरू कर दिया। इसके बाद अब यशवीर अपने नाम के अनुरूप यश कमा रहा है। यशवीर ने बताया कि वह राष्ट्रीय स्तर पर ब्लैक बेल्ट जीतने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए खेलना चाहता है।
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ये हैं उपलब्धियां
दिसंबर में ओपन नेशनल कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
हरियाणा राज्य वूडो कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
ओपन हरियाणा स्टेट कराटे चैंपियनशिप में रजत पदक।
छठी हरियाणा स्टेट कूडो टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक।
दूसरी मोटिवेशनल इंटरडोजो कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
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कराटे एसोसिएशन के महासचिव विकास बामणिया ने बताया कि यशवीर विभिन्न प्रतियोगिताओं में करीब एक दर्जन से ज्यादा पदक जीत चुका है। उन्होंने बताया कि पिछले महीने करवाई गई ओपन नेशनल कराटे चैंपियनशिप में यशवीर ने 50 किलोग्राम भार वर्ग में भाग लिया था। इसमें सभी प्रतिद्वंद्वियों को परास्त करते हुए यशवीर ने स्वर्ण पदक जीतकर जिले का यश बढ़ाया। उन्होंने बताया कि यशवीर सात साल की आयु से कराटे करने लगा था। आयु के साथ उसका खेल के प्रति लगाव व जुनून भी बढ़ने लगा। वह चार वर्ष से सुबह-शाम तीन से चार घंटे कड़ा अभ्यास करता है। यशवीर अभी तक जिला स्तर पर दो स्वर्ण, राज्य स्तर पर तीन और राष्ट्रीय स्तर पर एक स्वर्ण पदक जीत चुका है।
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यशवीर के पिता मनप्रीत सिंह निजी क्षेत्र में काम करते हैं और मां गुरजीत कौर गृहिणी हैं। स्कूल में एक खिलाड़ी को देखकर यशवीर का कराटे के प्रति रुझान बढ़ा। माता-पिता ने बेटे को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण दिलवाना शुरू कर दिया। इसके बाद अब यशवीर अपने नाम के अनुरूप यश कमा रहा है। यशवीर ने बताया कि वह राष्ट्रीय स्तर पर ब्लैक बेल्ट जीतने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए खेलना चाहता है।
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ये हैं उपलब्धियां
दिसंबर में ओपन नेशनल कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
हरियाणा राज्य वूडो कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
ओपन हरियाणा स्टेट कराटे चैंपियनशिप में रजत पदक।
छठी हरियाणा स्टेट कूडो टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक।
दूसरी मोटिवेशनल इंटरडोजो कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।