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हंगामें से शुरू हुई बैठक, हंगामे पर ही खत्म

Thu, 29 Dec 2016 12:15 AM IST
amar ujala beuro yamunanagar
amar ujala beuro yamunanagar Updated Thu, 29 Dec 2016 12:15 AM IST
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yamuna nagar, badak me hungama
b - फोटो : amar ujala
नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के वार्ड नंबर-14 से 20 के अंतर्गत आने वाली अन-अपू्रवर्ड कॉलोनियों को अप्रूवर्ड कराने के लिए डवेलपमेंट चार्ज की शर्त लोगों को रास नहीं आई। सरकार द्वारा जारी यह फरमान लघु सचिवालय में बुधवार को ईओ दीपक सुरा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सुनाया गया। इस पर विभिन्न कॉलोनियों से आए लोगों ने अपने वार्ड के पार्षदों के साथ पुरजोर विरोध किया। इस बीच लोगों की प्रतिक्रिया को अधिकारियों ने नोट कर लिया और हंगामे से शुरू हुई बैठक हंगामे पर ही घंटे भर में खत्म हो गई।
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नगर निगम की ओर से वार्ड नंबर-14 से 20 के अंतर्गत आने वाली अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए जारी प्रक्रिया के तहत संबंधित कॉलोनियों के लोगों की लघु सचिवालय में बुधवार को बैठक बुलाई गई। इसकी अध्यक्षता नगर निगम ईओ दीपक सुरा ने की। वार्ड नंबर-20 से पार्षद एवं मेयर सरोज बाला समेत वार्ड नंबर-14 से पार्षद निर्मल चौहान, वार्ड नंबर- 16 से पार्षद जसबीर सिंह, वार्ड नंबर-18 से पार्षद कर्मबीर मौजूद रहे। बैठक में ईओ ने वार्ड-14 से 20 की अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए सरकार द्वारा जारी 50 प्रतिशत डवेलपमेंट चार्र्ज देने की शर्त बताई। बैठक में मौजूद अवैध कॉलोनियों में कई वर्षों से रह रहे लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया।
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संबंधित वार्ड पार्षद भी लोगों के विरोध के समर्थन में आ गए इसके चलते बैठक शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। इस बीच लोगों और वार्ड पार्षदों की निगम अधिकारियों के साथ काफी देर तक बहस हुई। लोगों ने कहा कि उनकी कालोनियां 20-25 वर्षों से बसी हुई हैं। वह प्रॉपर्टी टैक्स भी भरते हैं, फिर वह किस नाम का डवेलपमेंट चार्ज दें। उन्होंने कहा कि अधिकांश अवैध कॉलोनियों में गलियां कच्ची हैं और निकासी हेतु सीवरेज व्यवस्था भी नही हैं। जगह-जगह पानी जमा है और गंदगी से अटे खाली प्लॉट बीमारियां फैला रहे हैं। यदि कालोनी वैध हो जाती है तो नक्शे पास होंगे और उन्हें मूलभूत सुविधाएं मिल सकेंगी। किंतु सरकार द्वारा डवेलपमेंट चार्ज की शर्त का कोई औचित्य नहीं है, इसलिए वह इसका विरोध करते हैं। इसी तरह करीब घंटे भर हंगामे के बाद विभिन्न कॉलोनियों से आए लोग बैठक से बाहर आकर नारेबाजी करने लगे।
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79 कॉलोनियों को सिर्फ एक वर्ष के लिए वैध करने की है योजना
 217 कॉलोनियों के फाइनल सर्वे के बाद यमुनानगर-जगाधरी में 105 अवैध कॉलोनियों की सूची बनी थी, जो मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। कई कॉलानियों के हालात ज्यादा खराब हैं और वहां रह रहे लोग नारकीय जीवन जीने पर मजबूर हैं। ऐसी बहुत सी कॉलोनियां हैं, जहां पेयजल, निकासी, सड़क, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। जबकि यह कॉलानियों दो दशकों से अधिक पहले की बसी हुई है, जिनमें सबसे अधिक वार्ड नंबर-20 यानि मेयर के वार्ड में हैं। फाइनल सर्वे के मुताबिक 79 कॉलोनियों को सिर्फ एक वर्ष के लिए वैध किए जाने की योजना है। इस पर भी बैठक में आए लोगों ने एतराज किया कि सिर्फ एक वर्ष के लिए कॉलोनियों वैध होंगी, तो आगले वर्ष क्या स्थिति होगी। इस पर निगम अधिकारी कुछ भी स्पष्ट नहीं कह पाए।

कमेटी बना निगम का ज्वाइंट बैंक खाता खोलने का रखा प्रावधान
बैठक में बताया गया कि अवैध कॉलोनियों के विकास के लिए डवेलपमेंट चार्ज देने के बाद कमेटियां बनाई जाएंगी और कमेटी व नगर निगम का ज्वाइंट बैंक खाता खोला जाएगा। डवेलपमेंट चार्ज से इकट्ठी होने वाली राशि को संबंधित कॉलोनियों पर ही खर्च किया जाएगा। किंतु लोगों ने गठन से पहले डवेलपमेंट चार्ज देने पर ही एतराज जता दिया। इस बीच अधिकारियों द्वारा उनकी प्रतिक्रिया नोट कर ली गई।

पार्षद स्वयं भी जता चुके विरोध, जनहित में सरकार वापस ले फरमान
वार्ड नंबर-14 से पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि बैठक में आए लोगों द्वारा डवेलपमेंट चार्ज देने पर एतराज जताया गया है। पार्षद स्वयं भी अपनी बैठक में इस पर विरोध जता चुके हैं। कहा सरकार को जनहित में यह फरमान वापस लेकर कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया को सरल बनाना चाहिए, ताकि अवैध कॉलोनियों में रह रहे लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।


किसी सूरत में डवेलपमेंट चार्ज देने पर नहीं राजी
वार्ड नंबर-18 से पार्षद कर्मबीर ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में रह रहे लोग गरीब तबके के हैं और वह किसी भी सूरत में यह डवेलमेंट चार्ज देने पर राजी नहीं है। ऐसे में सरकार को यह फैसला वापस लेकर अवैध कॉलोनियों को वैध कर उनके विकास की ओर ध्यान देना चाहिए।
 
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