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Yamuna Nagar News: महिलाओं को कैंटीन से मिला स्वरोजगार
Mon, 27 Jul 2026 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 27 Jul 2026 01:09 AM IST
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छछरौली अनाज मंडी की कैंटीन में खाना तैयार करतीं महिलाएं। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गांव खारवन की लक्ष्मी ने कभी गृहिणी के रूप में परिवार संभाला था, लेकिन स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बदलाव आया। अब वह छछरौली अनाज मंडी में संचालित अटल किसान श्रमिक कैंटीन के माध्यम से न केवल लोगों को सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवा रही हैं।
अटल किसान श्रमिक कैंटीन की शुरुआत 24 फरवरी 2024 को हुई थी। इसका संचालन परी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। यह समूह उत्साह महिला कलस्टर के अंतर्गत आता है। समूह में प्रधान सीता देवी, सचिव केला देवी और खजांची कमलेश के अलावा लक्ष्मी व सुमन सहित अन्य सदस्य शामिल हैं। कैंटीन में किसानों, मजदूरों और मंडी में आने वाले लोगों को मात्र 10 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। रोजाना करीब 200 से अधिक लोग कैंटीन में भोजन करते हैं।
सोमवार को कड़ी-चावल और रोटी, मंगलवार को काले छोले के साथ चावल व रोटी, बुधवार को उड़द-राजमा चावल व रोटी, वीरवार को कड़ी-चावल व रोटी, शुक्रवार को आलू-सोयाबीन के साथ चावल व रोटी तथा शनिवार को सफेद छोले के साथ चावल व रोटी परोसी जाती है। रविवार को कैंटीन बंद रहती है।
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लक्ष्मी ने बताया कि समूह से जुड़ने से पहले वह गृहिणी थीं। वर्ष 2024 में स्वयं सहायता समूह की शुरुआत हुई, जिसके बाद उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि शुरुआत में 10 महिलाएं कैंटीन में काम करती थीं।
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यमुनानगर। गांव खारवन की लक्ष्मी ने कभी गृहिणी के रूप में परिवार संभाला था, लेकिन स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बदलाव आया। अब वह छछरौली अनाज मंडी में संचालित अटल किसान श्रमिक कैंटीन के माध्यम से न केवल लोगों को सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवा रही हैं।
अटल किसान श्रमिक कैंटीन की शुरुआत 24 फरवरी 2024 को हुई थी। इसका संचालन परी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। यह समूह उत्साह महिला कलस्टर के अंतर्गत आता है। समूह में प्रधान सीता देवी, सचिव केला देवी और खजांची कमलेश के अलावा लक्ष्मी व सुमन सहित अन्य सदस्य शामिल हैं। कैंटीन में किसानों, मजदूरों और मंडी में आने वाले लोगों को मात्र 10 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। रोजाना करीब 200 से अधिक लोग कैंटीन में भोजन करते हैं।
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सोमवार को कड़ी-चावल और रोटी, मंगलवार को काले छोले के साथ चावल व रोटी, बुधवार को उड़द-राजमा चावल व रोटी, वीरवार को कड़ी-चावल व रोटी, शुक्रवार को आलू-सोयाबीन के साथ चावल व रोटी तथा शनिवार को सफेद छोले के साथ चावल व रोटी परोसी जाती है। रविवार को कैंटीन बंद रहती है।
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लक्ष्मी ने बताया कि समूह से जुड़ने से पहले वह गृहिणी थीं। वर्ष 2024 में स्वयं सहायता समूह की शुरुआत हुई, जिसके बाद उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि शुरुआत में 10 महिलाएं कैंटीन में काम करती थीं।