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Yamuna Nagar News: स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं
Thu, 23 Jul 2026 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 23 Jul 2026 12:51 AM IST
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बचत व स्वरोजगार के लिए महिलाओं को जागरूक करते अधिकारी। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रतनगढ़ गांव की महिलाएं स्वरोजगार से आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं। गृहिणी होने के साथ वे सिलाई-कढ़ाई, कॉस्मेटिक कारोबार और अन्य छोटे-छोटे स्वरोजगार से न केवल परिवार की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
गांव की महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बचत की आदत विकसित की है। समूह की नियमित बैठकों में बचत के साथ-साथ नए रोजगार के अवसरों, सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की जाती है। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आर्थिक रूप से पहले की अपेक्षा अधिक सशक्त हुई हैं।
रेखा, प्रवेश कुमारी, संजना, करनैलो देवी और मीनाक्षी ने बताया कि शुरुआत छोटे स्तर से की थी। मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर उनका काम आगे बढ़ा। सिलाई-कढ़ाई, कॉस्मेटिक उत्पादों की बिक्री और अन्य घरेलू कार्यों से होने वाली अतिरिक्त आय से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। उनका कहना है किअवसर और परिवार का सहयोग मिले तो वे शिक्षा, समाजसेवा, खेलकूद और व्यवसाय सहित हर क्षेत्र में प्रतिभा साबित कर सकती हैं।
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महिलाओं ने बताया कि स्वयं सहायता समूह के माध्यम से बचत करने की आदत भी विकसित हुई है। जरूरत पड़ने पर समूह से आर्थिक सहायता मिलने से छोटे कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। यही कारण है कि अब गांव की अन्य महिलाएं भी इनसे प्रेरणा लेकर स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
मार्गदर्शन व सहायता दी जा रही : सुशील
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। जिले में कई स्वयं सहायता समूह बेहतर कार्य कर रहे हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र शर्मा का कहना है कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रशिक्षण, बचत और स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।
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यमुनानगर। रतनगढ़ गांव की महिलाएं स्वरोजगार से आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं। गृहिणी होने के साथ वे सिलाई-कढ़ाई, कॉस्मेटिक कारोबार और अन्य छोटे-छोटे स्वरोजगार से न केवल परिवार की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
गांव की महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बचत की आदत विकसित की है। समूह की नियमित बैठकों में बचत के साथ-साथ नए रोजगार के अवसरों, सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की जाती है। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आर्थिक रूप से पहले की अपेक्षा अधिक सशक्त हुई हैं।
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रेखा, प्रवेश कुमारी, संजना, करनैलो देवी और मीनाक्षी ने बताया कि शुरुआत छोटे स्तर से की थी। मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर उनका काम आगे बढ़ा। सिलाई-कढ़ाई, कॉस्मेटिक उत्पादों की बिक्री और अन्य घरेलू कार्यों से होने वाली अतिरिक्त आय से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। उनका कहना है किअवसर और परिवार का सहयोग मिले तो वे शिक्षा, समाजसेवा, खेलकूद और व्यवसाय सहित हर क्षेत्र में प्रतिभा साबित कर सकती हैं।
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महिलाओं ने बताया कि स्वयं सहायता समूह के माध्यम से बचत करने की आदत भी विकसित हुई है। जरूरत पड़ने पर समूह से आर्थिक सहायता मिलने से छोटे कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। यही कारण है कि अब गांव की अन्य महिलाएं भी इनसे प्रेरणा लेकर स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
मार्गदर्शन व सहायता दी जा रही : सुशील
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। जिले में कई स्वयं सहायता समूह बेहतर कार्य कर रहे हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र शर्मा का कहना है कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रशिक्षण, बचत और स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।