{"_id":"6293cbe31f224a6bb41aa809","slug":"when-an-elderly-woman-was-seen-searching-for-food-in-the-garbage-she-put-the-anchor-at-the-station-yamuna-nagar-news-knl109828398","type":"story","status":"publish","title_hn":"कचरे में खाना तलाशती देखी बुजुर्ग महिला तो स्टेशन पर लगा दिया लंगर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कचरे में खाना तलाशती देखी बुजुर्ग महिला तो स्टेशन पर लगा दिया लंगर
विज्ञापन
When an elderly woman was seen searching for food in the garbage, she put the anchor at the station
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। वर्ष-2019 में रेलवे स्टेशन के पास कचरे में खाना तलाशती बुजुर्ग महिला को देख मॉडल कॉलोनी के सहज दुग्गल का दिल पसीज गया। इसी के साथ सहज ने बुजुर्ग महिला जैसे तमाम लोगों की भूख मिटाने की ठान ली। दो साल पहले घर पर बना खाना कार में ले जाकर स्टेशन के समीप 20 लोगों से लंगर सेवा शुरू की। यह सेवा अब 120 लोगों की भूख मिटा रही है।
शुरुआत के सात माह सहज ने अकेले लंगर सेवा की, जिसे देख दो साल में उसके साथ सहयोग में 120 साथी जुड़ गए। ये टीम न केवल रोज रात आठ बजे कार से खाना ले जाकर 100 से 120 लोगों में बांट रही है, बल्कि अन्य 70 जरूरतमंद परिवारों तक राशन किट भी पहुंचा रही है। मॉडल कॉलोनी के सहज दुग्गल ने बताया कि 2019 के अप्रैल महीने में एक रात में रेलवे स्टेशन के समीप दोस्तों के साथ किसी काम से गए थे, तब ढाबे के बाहर कचरे के बीच एक बुजुर्ग महिला को खाना तलाशते देखा। महिला दूध के खाली पैकेट उठाकर उसमें से दूध की बूंदों से भूख मिटाती दिखी। यह देख उन्होंने बुजुर्ग महिला को खाना खिलाया। भूख के लिए बुजुर्ग महिला का यह हाल देखकर रेलवे स्टेशन से लौटते समय बुजुर्ग महिला जैसे तमाम लोगों की भूख मिटाने के लिए लंगर सेवा शुरू करने की ठान ली।
अगले ही दिन घर पर दो किलो चावल, एक किलो दाल व कुछ चपाती बनवाए, जिसे कार में लेकर स्टेशन के समीप पहुंच गया। रोड किनारे फुटपाथ और डिवाइडर पर सो रहे लोगों से कहा कि भूख लगी है तो खाना है। तब 20 लोगों को खाना खिलाया। कई दिन ऐसे ही 20 लोगों को घर से लंगर सेवा दी, पर अगले माह से धीरे-धीरे लोगों की संख्या बढ़ती गई, जिससे घर पर ज्यादा राशन मंगाकर खाना बनवाने लगे। शुरुआत के सात माह अकेले ही लंगर सेवा की फिर सहयोग के लिए दोस्त और शहर के समाजसेवी भी साथ जुड़ते गए। अब लंगर सेवा देने के लिए टीम में कुल 110 सहयोगी हैं, जिनके जरिए रेलवे स्टेशन पर रोज रात आठ बजे 100 से 120 लोगों तक लंगर सेवा पहुंचाई जा रही है। टीम को हर मैदान फतेह सोसाइटी नाम दिया है, जो लंगर सेवा के साथ शहर के अलग-अलग जगह रह रहे 70 जरूरतमंद परिवारों तक निशुल्क राशन किट भी पहुंचा रही है। एक सातवीं कक्षा की छात्रा की पढ़ाई का खर्च उठाने के साथ ही जरूरतमंद मरीजों के इलाज में भी मदद पहुंचाया जा रहा है।
विज्ञापन
एक से आठवीं तक बच्चों को फ्री ट्यूशन देने का भी इरादा
सहज दुग्गल ने बताया कि लंगर सेवा और जरूरतमंदों तक निशुल्क राशन किट पहुंचाने के बाद अगला कदम कक्षा एक से आठवीं तक के जरूरतमंद बच्चों को फ्री ट्यूशन देने का है। बच्चों को पढ़ाने के लिए दो टीचर से बात हुई है। अब ट्यूशन शुरू करने के लिए स्थान चिह्नित कर रहे हैं। स्थान फाइनल होने पर यह सेवा भी शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन
शुरुआत के सात माह सहज ने अकेले लंगर सेवा की, जिसे देख दो साल में उसके साथ सहयोग में 120 साथी जुड़ गए। ये टीम न केवल रोज रात आठ बजे कार से खाना ले जाकर 100 से 120 लोगों में बांट रही है, बल्कि अन्य 70 जरूरतमंद परिवारों तक राशन किट भी पहुंचा रही है। मॉडल कॉलोनी के सहज दुग्गल ने बताया कि 2019 के अप्रैल महीने में एक रात में रेलवे स्टेशन के समीप दोस्तों के साथ किसी काम से गए थे, तब ढाबे के बाहर कचरे के बीच एक बुजुर्ग महिला को खाना तलाशते देखा। महिला दूध के खाली पैकेट उठाकर उसमें से दूध की बूंदों से भूख मिटाती दिखी। यह देख उन्होंने बुजुर्ग महिला को खाना खिलाया। भूख के लिए बुजुर्ग महिला का यह हाल देखकर रेलवे स्टेशन से लौटते समय बुजुर्ग महिला जैसे तमाम लोगों की भूख मिटाने के लिए लंगर सेवा शुरू करने की ठान ली।
विज्ञापन
अगले ही दिन घर पर दो किलो चावल, एक किलो दाल व कुछ चपाती बनवाए, जिसे कार में लेकर स्टेशन के समीप पहुंच गया। रोड किनारे फुटपाथ और डिवाइडर पर सो रहे लोगों से कहा कि भूख लगी है तो खाना है। तब 20 लोगों को खाना खिलाया। कई दिन ऐसे ही 20 लोगों को घर से लंगर सेवा दी, पर अगले माह से धीरे-धीरे लोगों की संख्या बढ़ती गई, जिससे घर पर ज्यादा राशन मंगाकर खाना बनवाने लगे। शुरुआत के सात माह अकेले ही लंगर सेवा की फिर सहयोग के लिए दोस्त और शहर के समाजसेवी भी साथ जुड़ते गए। अब लंगर सेवा देने के लिए टीम में कुल 110 सहयोगी हैं, जिनके जरिए रेलवे स्टेशन पर रोज रात आठ बजे 100 से 120 लोगों तक लंगर सेवा पहुंचाई जा रही है। टीम को हर मैदान फतेह सोसाइटी नाम दिया है, जो लंगर सेवा के साथ शहर के अलग-अलग जगह रह रहे 70 जरूरतमंद परिवारों तक निशुल्क राशन किट भी पहुंचा रही है। एक सातवीं कक्षा की छात्रा की पढ़ाई का खर्च उठाने के साथ ही जरूरतमंद मरीजों के इलाज में भी मदद पहुंचाया जा रहा है।
विज्ञापन
एक से आठवीं तक बच्चों को फ्री ट्यूशन देने का भी इरादा
सहज दुग्गल ने बताया कि लंगर सेवा और जरूरतमंदों तक निशुल्क राशन किट पहुंचाने के बाद अगला कदम कक्षा एक से आठवीं तक के जरूरतमंद बच्चों को फ्री ट्यूशन देने का है। बच्चों को पढ़ाने के लिए दो टीचर से बात हुई है। अब ट्यूशन शुरू करने के लिए स्थान चिह्नित कर रहे हैं। स्थान फाइनल होने पर यह सेवा भी शुरू कर दी जाएगी।