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Yamuna Nagar News: अब घरों में एक दिन में आठ घंटे होगी जलापूर्ति
Tue, 24 Mar 2026 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 24 Mar 2026 01:28 AM IST
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ताऊ देवी लाल पार्क के पास व्यर्थ बहता पानी। संवाद
अभय सिंह
जगाधरी। कई राज्यों व जिलों की प्यास बुझाने वाली यमुना नदी के नाम से पहचाने जाने वाले यमुनानगर में जल संकट गहराने लगा है। जिले में साल दर साल भू-जल स्तर नीचे जा रहा है। जिले के दो खंडों में तो स्थिति गंभीर बन गई। दो और खंडों में जलस्तर नीचे खिसक रहा है। ऐसे में प्रशासन इसके प्रति गंभीर हो गया है।
हर दिन बढ़ती पानी की खपत, जल की बर्बादी व गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए प्रशासन ने शहर में पानी की सप्लाई का समय बदल दिया है। अब शहर में लोगों को तीन नहीं बल्कि दो समय सप्लाई दी जाएगी। पहले जहां 24 घंटे में 13 घंटे पानी मिलता था। वहीं, अब सिर्फ आठ घंटे पानी मिलेगा।
जिले का भू-जल स्तर हर वर्ष एक से डेढ़ वर्ष नीचे जा रहा है। इससे जिले के कई क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक बन गई है। इसके साथ ही आंकड़े जल संरक्षण को लेकर प्रशासनिक दावों की पोल खोल रहे हैं। इन दिनों जिले के व्यासपुर खंड में भू-स्तर सबसे नीचे है। यहां पर भू-जल स्तर 25 मीटर तक चला गया है।
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पिछले वर्ष के आंकड़ों के अनुसार सुविधा नहीं बल्कि जल संकट बढ़ा है। ऐसे में भू-जल स्तर भविष्य के लिए खतरनाक स्थिति की चेतावनी दे रही है। दूसरी तरफ जिले में जलापूर्ति व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक साल में पेयजल आपूर्ति की 28,529 शिकायतें दर्ज हुईं।
इसके साथ वर्ष भर में पानी के कुल 24289 सैंपल लिए गए थे, जिसमें से 796 फेल हुए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले के कई हिस्सों में पीने लायक पानी भी नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा हर साल गिरता एक से डेढ़ फीट जलस्तर ने चिंता और बढ़ा दी है।
डीसी प्रीति के आदेशों पर शहर में पेयजल की आपूर्ति के समय बदला गया है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता दिनेश गाबा ने बताया कि कई स्थानों पर नल अनावश्यक रूप से खुला छोड़ने, वाहनों की धुलाई से पानी की भारी बर्बादी हो रही है। इससे जलस्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
जल संरक्षण को बढ़ावा देने व लोगों को समान रूप से पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए अब शहर में जलापूर्ति का समय प्रात: सुबह 5 से 9 बजे और शाम को 5 बजे से रात 9 बजे तक कर दिया गया है। पहले शहर में सुबह पांच से दस बजे तक इसके बार दोपहर 12 से दो बजे तक और फिर शाम चार बजे से रात दस बजे तक पानी की सप्लाई दी जाती थी। डीसी के आदेशों पर यह बंद कर नए समय पर सप्लाई दी जा रही है। संवाद
छछरौली में नौ मीटर पर ही पानी उपलब्ध
खंड
जलस्तर
व्यासपुर 25 मीटर
रादौर
18 मीटर
सरस्वतीनगर
15 मीटर
प्रतापनगर
15 मीटर
जगाधरी 14.5 मीटर
साढौरा में
11 मीटर
छछरौली
09 मीटर
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जगाधरी। कई राज्यों व जिलों की प्यास बुझाने वाली यमुना नदी के नाम से पहचाने जाने वाले यमुनानगर में जल संकट गहराने लगा है। जिले में साल दर साल भू-जल स्तर नीचे जा रहा है। जिले के दो खंडों में तो स्थिति गंभीर बन गई। दो और खंडों में जलस्तर नीचे खिसक रहा है। ऐसे में प्रशासन इसके प्रति गंभीर हो गया है।
हर दिन बढ़ती पानी की खपत, जल की बर्बादी व गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए प्रशासन ने शहर में पानी की सप्लाई का समय बदल दिया है। अब शहर में लोगों को तीन नहीं बल्कि दो समय सप्लाई दी जाएगी। पहले जहां 24 घंटे में 13 घंटे पानी मिलता था। वहीं, अब सिर्फ आठ घंटे पानी मिलेगा।
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जिले का भू-जल स्तर हर वर्ष एक से डेढ़ वर्ष नीचे जा रहा है। इससे जिले के कई क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक बन गई है। इसके साथ ही आंकड़े जल संरक्षण को लेकर प्रशासनिक दावों की पोल खोल रहे हैं। इन दिनों जिले के व्यासपुर खंड में भू-स्तर सबसे नीचे है। यहां पर भू-जल स्तर 25 मीटर तक चला गया है।
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पिछले वर्ष के आंकड़ों के अनुसार सुविधा नहीं बल्कि जल संकट बढ़ा है। ऐसे में भू-जल स्तर भविष्य के लिए खतरनाक स्थिति की चेतावनी दे रही है। दूसरी तरफ जिले में जलापूर्ति व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक साल में पेयजल आपूर्ति की 28,529 शिकायतें दर्ज हुईं।
इसके साथ वर्ष भर में पानी के कुल 24289 सैंपल लिए गए थे, जिसमें से 796 फेल हुए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले के कई हिस्सों में पीने लायक पानी भी नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा हर साल गिरता एक से डेढ़ फीट जलस्तर ने चिंता और बढ़ा दी है।
डीसी प्रीति के आदेशों पर शहर में पेयजल की आपूर्ति के समय बदला गया है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता दिनेश गाबा ने बताया कि कई स्थानों पर नल अनावश्यक रूप से खुला छोड़ने, वाहनों की धुलाई से पानी की भारी बर्बादी हो रही है। इससे जलस्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
जल संरक्षण को बढ़ावा देने व लोगों को समान रूप से पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए अब शहर में जलापूर्ति का समय प्रात: सुबह 5 से 9 बजे और शाम को 5 बजे से रात 9 बजे तक कर दिया गया है। पहले शहर में सुबह पांच से दस बजे तक इसके बार दोपहर 12 से दो बजे तक और फिर शाम चार बजे से रात दस बजे तक पानी की सप्लाई दी जाती थी। डीसी के आदेशों पर यह बंद कर नए समय पर सप्लाई दी जा रही है। संवाद
छछरौली में नौ मीटर पर ही पानी उपलब्ध
खंड
जलस्तर
व्यासपुर 25 मीटर
रादौर
18 मीटर
सरस्वतीनगर
15 मीटर
प्रतापनगर
15 मीटर
जगाधरी 14.5 मीटर
साढौरा में
11 मीटर
छछरौली
09 मीटर