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बिजली के अघोषित कट, इंडस्ट्री पर भारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 23 Apr 2022 01:54 AM IST
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Unannounced cut of electricity, heavy on the industry
यमुनानगर। बिजली के अघोषित कटों ने उद्योगों की स्थिति को डांवाडोल कर दिया है। बिजली के न आने का समय है और न जाने का। असर उत्पादन पर पड़ रहा है। उद्योगपतियों की माने तो उद्योग न चलने से उत्पादन 50 प्रतिशत तक कम हो गया है। बिजली सप्लाई में यदि सुधार नहीं हुआ तो रोजाना हो रहा लाखों रुपये का घाटा आने वाले दिनों में करोड़ों में पहुंच जाएगा।
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पहले फैक्टरियों में डीजल से जनरेटर चलाए जाते थे। अब डीजल का रेट बहुत ज्यादा है। एक दिन में ही जनरेटर पर हजारों रुपये की डीजल की खपत होती है। 21 अप्रैल को जिले में कुल 52.43 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई। इसमें से खेती के लिए 6.24 लाख यूनिट, ग्रामीण क्षेत्र को 13 लाख, उद्योगों को 10.63 लाख, शहर में 22.56 लाख यूनिट दी गई। बिजली निगम के अनुसार 24 घंटे में से शहर को 21.30 घंटे, उद्योगों को 19.50 घंटे, ग्रामीण क्षेत्र में 18.30 घंटे व खेती के लिए 4.25 घंटे बिजली दी जा रही है। गत वर्ष 21 अप्रैल को कुल 48.37 लाख यूनिट की खपत हुई थी। इस बार 4.06 लाख यूनिट की डिमांड ज्यादा रही।
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बिजली कट की स्थिति यह है कि मजदूर उद्योगों में सारा दिन खाली बैठे रहते हैं। कई बार तो तो ऐसा होता है कि सुबह आठ बजे जब मजदूर काम पर आते हैं तो आधा-पौना घंटे बाद ही बिजली गुल हो जाती है। जब तक बिजली नहीं आती तब तक मजदूर खाली बैठे रहते हैं। कई घंटे यदि बिजली नहीं आती तो मजदूर घर चले जाते हैं। दरअसल उद्योगों में दो तरह के मजदूर काम करते हैं। एक वह जो मासिक वेतन पर काम करते हैं। दूसरे वह हैं जो ठेकेदार के माध्यम से घंटे के हिसाब से काम करते हैं। ऐसे में मजदूरों को भी बिना काम के वेतन देना पड़ रहा है। अक्सर यह होता है कि जब मजदूर चले जाते हैं तो बिजली आ जाती है।
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ऑर्डर नहीं कर पा रहे पूरा, पेमेंट अटकी
जिले में करीब 750 मेटल इंडस्ट्री व एक हजार से अधिक प्लाईवुड फैक्टरी हैं। बार-बार बिजली कट लगने से उद्योगपति सामान के ऑर्डर पूरे नहीं कर पा रहे। जिससे डिमांड व सप्लाई में बड़ा अंतर आ गया है। उद्योगों में सामान की डिलीवरी के ऑर्डर तो रोजमर्रा में पहले की तरह आ रहे हैं, लेकिन बिजली कट अधिक होने के कारण उद्योगपति ऑर्डर को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। सामान की डिलीवरी न होने से उनकी पेमेंट भी अटक गई है। जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।
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बिजली कट की पहले दी जाए सूचना
मानकपुर इंडस्ट्रियल एरिया के कारोबारी सुभाष अरोड़ा का कहना है कि बिजली कट कब से कब तक रहेगा इसकी सूचना उद्योगों को पहले दी जानी चाहिए। जिससे उद्यमी उस दिन अपनी फैक्ट्री को बंद रख सकें। बिजली कटौती से उद्योगों को 40 से 50 प्रतिशत उत्पादन का नुकसान हो रहा है। इस वक्त उद्योगों को चलाना बहुत मुश्किल हो रहा है। यदि कुछ बचत ही नहीं होगी तो डीजल जनरेटर पर भी कब तक मशीनरी को चलाया जाएगा।
रात को नौ घंटे का लग रहा कट: पवन सोनी
एचएसआइडीसी मानकपुर के प्रेसिडेंट पवन सोनी का कहना है कि रात को आठ बजे से सुबह पांच बजे तक लंबा कट लग रहा है। इसी तरह दिन में भी बिजली के आने जाने का कोई समय नहीं है। इसका उत्पादन पर बुरा असर पड़ रहा है।

गर्मी में डिमांड बढ़ जाती है: जीएस चावला
इंडस्ट्रियल इस्टेट एसोसिएशन यमुनानगर के प्रेसिडेंट जीएस चावला का कहना है कि पावर कट बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। गर्मी के कारण इन दिनों डिमांड बढ़ जाती है। इस वक्त सभी को बिजली की जरूरत है। बिजली कट से उत्पादन भी कम हुआ है। सरकार भी अपनी तरफ से प्रयास कर बिजली उपलब्ध करवा रही है। उद्योगपति भी इसमें सहयोग कर रहे हैं।
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