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Yamuna Nagar News: जीएसटी के नए नियम लागू होने पर व्यापारियों को राहत की उम्मीद
Tue, 13 Oct 2026 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 13 Oct 2026 01:11 AM IST
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शहर की प्लाईवुड फैक्टरी में काम करते मजदूर। आर्काइव
अभय सिंह
जगाधरी। दूसरे राज्यों में माल भेजने वाले व्यापारियों के लिए जीएसटी के नए नियम से राहत मिली है। नए प्रावधान के तहत रास्ते में पड़ने वाले राज्यों की जीएसटी टीमें अब माल की जांच नहीं कर सकेंगी। जांच का अधिकार केवल संबंधित दो राज्यों की टीमों तक सीमित रहेगा। नए नियम से परिवहन सुगम होने की उम्मीद है।
जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में गिरफ्तारी की शक्तियों, अभियोजन की मौद्रिक सीमा और मालवाहक वाहनों की जांच प्रक्रिया में बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। अभियोजन की सीमा एक करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने और मालवाहक वाहनों को सामान्य जांच के बजाय विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर रोकने का प्रस्ताव है। इनका उद्देश्य कारोबारियों को अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से राहत देना है।
प्रस्तावों के अनुसार मालवाहक वाहनों को सामान्यतः विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर ही रोका जा सकेगा। इसके लिए संयुक्त आयुक्त या उससे ऊपर के अधिकारी की पूर्व अनुमति भी आवश्यक होगी। इससे एक से दूसरे राज्य में माल लेकर जाने वाले परिवहनकर्ता व माल वाहक वाहनों को रास्ते में बार-बार जांच का सामना करने से राहत मिलेगी।इसका लाभ विशेष रूप से उन कारोबारियों और छोटे व मध्यम उद्यमों को मिलेगा, जिन्हें माल की आवाजाही में देरी से काफी परेशानी होती है।
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देरी का असर कारोबार पर पड़ता है। जीएसटी मामलों में अभियोजन की मौद्रिक सीमा पांच करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण है। इससे कम राशि से जुड़े मामलों में आपराधिक कार्रवाई का दायरा सीमित हो जाएगा। संवाद
माल का परिवहन सुगम होने की आशा
दी हरियाणा प्लाईवुड मेन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन प्रधान जेके बिहानी ने दुबई में बातचीत से बताया कि यह व्यापारियों व व्यापार के लिए बहुत अच्छा है। पहले एक से दूसरे राज्य में माल भेजने के दौरान रास्ते में पड़ने वाले राज्यों व जिलों की जीएसटी टीम जांच करती थी, जिससे समय काफी खराब होता था। कई बार इस जांच में पूरा दिन तक लग जाता था, जिससे माल पहुंचाने में देरी होती थी। इस प्रावधान से सामान भेजना सुगम होगा।
आपराधिक मामले के जोखिम से राहत
सीए एसोसिएशन के पूर्व प्रधान सीए सुमित छाबड़ा ने बताया कि जीएसटी के नए प्रावधान से व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। इन प्रस्तावों से करदाताओं को अनावश्यक अनुपालन संबंधी दबाव और आपराधिक कार्रवाई के जोखिम से राहत मिल सकती है। इसके साथ ही कर चोरी के मामलों में लक्षित कार्रवाई व कारोबार करने की प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद मिलेगी। इससे दूसरे राज्यों में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
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जगाधरी। दूसरे राज्यों में माल भेजने वाले व्यापारियों के लिए जीएसटी के नए नियम से राहत मिली है। नए प्रावधान के तहत रास्ते में पड़ने वाले राज्यों की जीएसटी टीमें अब माल की जांच नहीं कर सकेंगी। जांच का अधिकार केवल संबंधित दो राज्यों की टीमों तक सीमित रहेगा। नए नियम से परिवहन सुगम होने की उम्मीद है।
जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में गिरफ्तारी की शक्तियों, अभियोजन की मौद्रिक सीमा और मालवाहक वाहनों की जांच प्रक्रिया में बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। अभियोजन की सीमा एक करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने और मालवाहक वाहनों को सामान्य जांच के बजाय विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर रोकने का प्रस्ताव है। इनका उद्देश्य कारोबारियों को अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से राहत देना है।
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प्रस्तावों के अनुसार मालवाहक वाहनों को सामान्यतः विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर ही रोका जा सकेगा। इसके लिए संयुक्त आयुक्त या उससे ऊपर के अधिकारी की पूर्व अनुमति भी आवश्यक होगी। इससे एक से दूसरे राज्य में माल लेकर जाने वाले परिवहनकर्ता व माल वाहक वाहनों को रास्ते में बार-बार जांच का सामना करने से राहत मिलेगी।इसका लाभ विशेष रूप से उन कारोबारियों और छोटे व मध्यम उद्यमों को मिलेगा, जिन्हें माल की आवाजाही में देरी से काफी परेशानी होती है।
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देरी का असर कारोबार पर पड़ता है। जीएसटी मामलों में अभियोजन की मौद्रिक सीमा पांच करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण है। इससे कम राशि से जुड़े मामलों में आपराधिक कार्रवाई का दायरा सीमित हो जाएगा। संवाद
माल का परिवहन सुगम होने की आशा
दी हरियाणा प्लाईवुड मेन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन प्रधान जेके बिहानी ने दुबई में बातचीत से बताया कि यह व्यापारियों व व्यापार के लिए बहुत अच्छा है। पहले एक से दूसरे राज्य में माल भेजने के दौरान रास्ते में पड़ने वाले राज्यों व जिलों की जीएसटी टीम जांच करती थी, जिससे समय काफी खराब होता था। कई बार इस जांच में पूरा दिन तक लग जाता था, जिससे माल पहुंचाने में देरी होती थी। इस प्रावधान से सामान भेजना सुगम होगा।
आपराधिक मामले के जोखिम से राहत
सीए एसोसिएशन के पूर्व प्रधान सीए सुमित छाबड़ा ने बताया कि जीएसटी के नए प्रावधान से व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। इन प्रस्तावों से करदाताओं को अनावश्यक अनुपालन संबंधी दबाव और आपराधिक कार्रवाई के जोखिम से राहत मिल सकती है। इसके साथ ही कर चोरी के मामलों में लक्षित कार्रवाई व कारोबार करने की प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद मिलेगी। इससे दूसरे राज्यों में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

शहर की प्लाईवुड फैक्टरी में काम करते मजदूर। आर्काइव