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Yamuna Nagar News: मंडियों में फसल सुखाने के लिए जगह नहीं, धान से लदी ट्रालियां खड़ीं
Tue, 13 Oct 2026 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 13 Oct 2026 01:37 AM IST
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जगाधरी अनाज मंडी में धान से भरी ट्राली पर बैठ कर इंतजार करता किसान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एक दिन पहले हुई बारिश के बाद सोमवार को मौसम साफ होने से किसानों ने राहत की सांस ली, लेकिन अनाज मंडियों में उनकी परेशानी कम नहीं हुई। बारिश से भीगा धान सुखाने के लिए किसानों को जगह तक नहीं मिली। मंडियों की सड़कों के दोनों ओर पानी जमा होने के कारण धान फैलाने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं बचा।
उठान धीमा होने से मंडियों में धान के ढेर लगे हुए हैं। सोमवार को धान लेकर पहुंचे किसानों को ट्रैक्टर-ट्रालियों से फसल उतारने का मौका तक नहीं मिला। ऐसे में धान से भरी ट्रालियां दिनभर मंडियों में खड़ी रहीं। मजदूरों ने बारिश में भीगे धान को सुखाने के लिए सड़कों पर फैलाया, लेकिन उसमें नमी इतनी अधिक थी कि सोमवार को भी धान से पानी टपक रहा था। किसानों को चिंता है कि धान सूखने और नमी कम होने में कितना समय लगेगा।
जिले की सभी 13 अनाज मंडियों में अब तक 1,37,530 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 95,376 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है, लेकिन उठान की गति काफी धीमी है। अब तक केवल 24,188 मीट्रिक टन धान का ही उठान हुआ है। खरीद और उठान के बीच बड़ा अंतर होने के कारण मंडियों में धान जमा हो रहा है। बारिश के बाद स्थिति और मुश्किल हो गई है। किसानों को धान उतारने, सुखाने और बिक्री के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
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उठान तेज होता तो नहीं भीगता धान
जगाधरी अनाज मंडी में धान लेकर पहुंचे किसान लज्जा राम और सुखदेव ने बताया कि बारिश के कारण उनकी फसल भीग गई है। अब धान को सूखने में समय लगेगा। नमी कम होने के बाद ही बिक्री हो सकेगी। किसानों का कहना है कि मंडी में धान सुखाने और रखने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिससे परेशानी बढ़ रही है।
उठान में तेजी नहीं आने से समस्या
अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन जगाधरी के प्रधान मुनीष कांबोज ने कहा कि यदि धान का उठान समय पर होता तो मंडी में इतनी फसल जमा नहीं होती और बारिश में धान के भीगने की नौबत भी नहीं आती। उन्होंने बताया कि उठान प्रभावित होने का एक कारण जीपीएस लोकेशन में बार-बार खराबी आना है। इसके चलते ट्रकों के आउट गेटपास नहीं कट पा रहे हैं। उठान में तेजी नहीं आने से मंडियों में जगह की कमी बनी हुई है।
जो धान भीगा था उसे सुखाया जा रहा है। इसके बाद ही उसका उठान करवाया जाएगा। अब तक मंडी में कोई दिक्कत नहीं थी। बारिश से खरीद व उठान में बाधा आई है। अब मौसम साफ है। इसलिए उठान भी तेजी से होगा। - मोहित बेरी, सचिव, मार्केट कमेटी जगाधरी।
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यमुनानगर। एक दिन पहले हुई बारिश के बाद सोमवार को मौसम साफ होने से किसानों ने राहत की सांस ली, लेकिन अनाज मंडियों में उनकी परेशानी कम नहीं हुई। बारिश से भीगा धान सुखाने के लिए किसानों को जगह तक नहीं मिली। मंडियों की सड़कों के दोनों ओर पानी जमा होने के कारण धान फैलाने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं बचा।
उठान धीमा होने से मंडियों में धान के ढेर लगे हुए हैं। सोमवार को धान लेकर पहुंचे किसानों को ट्रैक्टर-ट्रालियों से फसल उतारने का मौका तक नहीं मिला। ऐसे में धान से भरी ट्रालियां दिनभर मंडियों में खड़ी रहीं। मजदूरों ने बारिश में भीगे धान को सुखाने के लिए सड़कों पर फैलाया, लेकिन उसमें नमी इतनी अधिक थी कि सोमवार को भी धान से पानी टपक रहा था। किसानों को चिंता है कि धान सूखने और नमी कम होने में कितना समय लगेगा।
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जिले की सभी 13 अनाज मंडियों में अब तक 1,37,530 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 95,376 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है, लेकिन उठान की गति काफी धीमी है। अब तक केवल 24,188 मीट्रिक टन धान का ही उठान हुआ है। खरीद और उठान के बीच बड़ा अंतर होने के कारण मंडियों में धान जमा हो रहा है। बारिश के बाद स्थिति और मुश्किल हो गई है। किसानों को धान उतारने, सुखाने और बिक्री के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
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उठान तेज होता तो नहीं भीगता धान
जगाधरी अनाज मंडी में धान लेकर पहुंचे किसान लज्जा राम और सुखदेव ने बताया कि बारिश के कारण उनकी फसल भीग गई है। अब धान को सूखने में समय लगेगा। नमी कम होने के बाद ही बिक्री हो सकेगी। किसानों का कहना है कि मंडी में धान सुखाने और रखने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिससे परेशानी बढ़ रही है।
उठान में तेजी नहीं आने से समस्या
अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन जगाधरी के प्रधान मुनीष कांबोज ने कहा कि यदि धान का उठान समय पर होता तो मंडी में इतनी फसल जमा नहीं होती और बारिश में धान के भीगने की नौबत भी नहीं आती। उन्होंने बताया कि उठान प्रभावित होने का एक कारण जीपीएस लोकेशन में बार-बार खराबी आना है। इसके चलते ट्रकों के आउट गेटपास नहीं कट पा रहे हैं। उठान में तेजी नहीं आने से मंडियों में जगह की कमी बनी हुई है।
जो धान भीगा था उसे सुखाया जा रहा है। इसके बाद ही उसका उठान करवाया जाएगा। अब तक मंडी में कोई दिक्कत नहीं थी। बारिश से खरीद व उठान में बाधा आई है। अब मौसम साफ है। इसलिए उठान भी तेजी से होगा। - मोहित बेरी, सचिव, मार्केट कमेटी जगाधरी।