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तीन सौ की जरूरत, तीस शिक्षक ही चेकिंग के लिए तैयार
यमुनानगर
Updated Fri, 22 Nov 2013 05:39 PM IST
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हरियाणा बोर्ड 12वीं के पेपर चेकिंग का मामला उलझता ही जा रहा है। पिछले
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वर्ष जहां इन दिनों पेपर चेकिंग का काम पूरा हो गया था और 14 दिसंबर को
रिजल्ट आउट भी हो गया था।
लेकिन इस बार तो आज की तारीख में एक पेपर भी चेक नहीं हो पाया है। जहां एक तरफ बोर्ड ने कड़ी मशक्कत के बाद गेस्ट टीचर और एडिड स्कूल टीचरों से पेपर चेकिंग कराने का फैसला लिया था, तो वह भी नैया पार लगाता नहीं दिख रहा है। क्योंकि गेस्ट टीचर अपने ही वर्ग के लेक्चरार्स के खिलाफ नहीं जाना चाह रहे हैं।
इससे पेपर चेकिंग अधर में ही लटकी हुई है। हालांकि एडिड स्कूल और कुछ गेस्ट टीचर पेपर चेकिंग करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इनकी संख्या केवल 25 से 30 ही है, जबकि पेपर चेकिंग के लिए बोर्ड को 300 टीचरों की फौज की जरूरत है। पेपर चेकिंग के लिए पहले पूरी टीम तैयार करनी पड़ती है, जिसमें एक हेड और एक सब हेड बनाया जाता है, फिर उसकी देखरेख में 11 टीचर पेपर चेकिंग का कार्य करते हैं।
12वीं के पेपरों को चेक कराने के लिए 23 टीमें बनाई जानी हैं। लेकिन अभी बोर्ड के पास दो टीमों के ही अध्यापक जुट पाए हैं। परीक्षा खत्म होने के बाद सभी सेंटर से मार्किंग के लिए पेपर डीएवी स्कूल के कमरे में रखे हुए हैं, जिनका ताला पेपर चेकिंग के लिए फिलहाल एक बार भी नहीं खुल पाया है, वहीं बोर्ड के प्रवक्ता का कहना है कि हम टीचरों को मनाने का प्रयास कर रहे हैं, उम्मीद है कि जल्द ही पूरी संख्या में टीचर चेकिंग सेंटर पर पहुंच जाएंगे।
डेढ़ माह लेट हो सकता है रिजल्ट
पेपर चेकिंग शुरू न होने से इस बार 12वीं का रिजल्ट डेढ़ से दो माह लेट हो सकता है। अगर इस माह भी चेकिंग का कार्य शुरू होता है, तो चेकिंग करने और रिजल्ट बनाने में कम से कम डेढ़ महीने का समय लगेगा। इससे इस बार 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट जनवरी माह में ही आ पाएगा। इसका खामियाजा उन बच्चों को भुगतना पड़ेगा, जिनकी रिअपियर आएगी। क्योंकि इसकी तैयारी करने के लिए उन्हें एक से डेढ़ महीना ही मिल पाएगा। मार्च के पहले सप्ताह से दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू हो जाती हैं।
दसवीं की पेपर चेकिंग पच्चीस से
दसवीं कक्षा के पेपरों की चेकिंग 25 नवंबर से शुरू हो रही है। इन पेपराें की चेकिंग मास्टर वर्ग की ओर से की जाएगी। जिसको लेकर टीचरों की ड्यूटियां लगता दी गई हैं। इस बार 18 हजार के करीब बच्चों ने दसवीं की परीक्षा दी थी। जिनके पेपर चेक करने में अध्यापकों को 20 से 25 दिन का समय लगेगा। उसके बाद इतने ही दिन रिजल्ट तैयार करने में बोर्ड को लगेगा। डीईओ जगजीत कौर ने बताया कि चेकिंग को लेकर तैयारियां कर ली गई हैं। 25 से दसवीं कक्षा के पेपरों की चेकिंग शुरू की जा रही है।
लेकिन इस बार तो आज की तारीख में एक पेपर भी चेक नहीं हो पाया है। जहां एक तरफ बोर्ड ने कड़ी मशक्कत के बाद गेस्ट टीचर और एडिड स्कूल टीचरों से पेपर चेकिंग कराने का फैसला लिया था, तो वह भी नैया पार लगाता नहीं दिख रहा है। क्योंकि गेस्ट टीचर अपने ही वर्ग के लेक्चरार्स के खिलाफ नहीं जाना चाह रहे हैं।
इससे पेपर चेकिंग अधर में ही लटकी हुई है। हालांकि एडिड स्कूल और कुछ गेस्ट टीचर पेपर चेकिंग करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इनकी संख्या केवल 25 से 30 ही है, जबकि पेपर चेकिंग के लिए बोर्ड को 300 टीचरों की फौज की जरूरत है। पेपर चेकिंग के लिए पहले पूरी टीम तैयार करनी पड़ती है, जिसमें एक हेड और एक सब हेड बनाया जाता है, फिर उसकी देखरेख में 11 टीचर पेपर चेकिंग का कार्य करते हैं।
12वीं के पेपरों को चेक कराने के लिए 23 टीमें बनाई जानी हैं। लेकिन अभी बोर्ड के पास दो टीमों के ही अध्यापक जुट पाए हैं। परीक्षा खत्म होने के बाद सभी सेंटर से मार्किंग के लिए पेपर डीएवी स्कूल के कमरे में रखे हुए हैं, जिनका ताला पेपर चेकिंग के लिए फिलहाल एक बार भी नहीं खुल पाया है, वहीं बोर्ड के प्रवक्ता का कहना है कि हम टीचरों को मनाने का प्रयास कर रहे हैं, उम्मीद है कि जल्द ही पूरी संख्या में टीचर चेकिंग सेंटर पर पहुंच जाएंगे।
डेढ़ माह लेट हो सकता है रिजल्ट
पेपर चेकिंग शुरू न होने से इस बार 12वीं का रिजल्ट डेढ़ से दो माह लेट हो सकता है। अगर इस माह भी चेकिंग का कार्य शुरू होता है, तो चेकिंग करने और रिजल्ट बनाने में कम से कम डेढ़ महीने का समय लगेगा। इससे इस बार 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट जनवरी माह में ही आ पाएगा। इसका खामियाजा उन बच्चों को भुगतना पड़ेगा, जिनकी रिअपियर आएगी। क्योंकि इसकी तैयारी करने के लिए उन्हें एक से डेढ़ महीना ही मिल पाएगा। मार्च के पहले सप्ताह से दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू हो जाती हैं।
दसवीं की पेपर चेकिंग पच्चीस से
दसवीं कक्षा के पेपरों की चेकिंग 25 नवंबर से शुरू हो रही है। इन पेपराें की चेकिंग मास्टर वर्ग की ओर से की जाएगी। जिसको लेकर टीचरों की ड्यूटियां लगता दी गई हैं। इस बार 18 हजार के करीब बच्चों ने दसवीं की परीक्षा दी थी। जिनके पेपर चेक करने में अध्यापकों को 20 से 25 दिन का समय लगेगा। उसके बाद इतने ही दिन रिजल्ट तैयार करने में बोर्ड को लगेगा। डीईओ जगजीत कौर ने बताया कि चेकिंग को लेकर तैयारियां कर ली गई हैं। 25 से दसवीं कक्षा के पेपरों की चेकिंग शुरू की जा रही है।