{"_id":"6ac7ec196201713c150954bf","slug":"there-are-1018-ponds-across-the-districts-490-gram-panchayats-222-of-them-have-been-encroached-upon-by-people-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-164260-2026-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: जिले की 490 ग्राम पंचायतों में 1018 तालाब, 222 पर लोगों का कब्जा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: जिले की 490 ग्राम पंचायतों में 1018 तालाब, 222 पर लोगों का कब्जा
Fri, 09 Oct 2026 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 09 Oct 2026 12:46 AM IST
विज्ञापन
व्यासपुर में तालाब के बीचोबीच बनाई गई गली। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले की 490 ग्राम पंचायतों में कुल 1018 तालाब हैं। इनमें से 222 तालाब अतिक्रमण की जद में हैं। वहीं 74 तालाबों से जुड़े मामले अदालतों तक पहुंच चुके हैं। मामले विचाराधीन होने पर प्रशासन भी कब्जे हटाने में असमर्थ है।
जिले में सबसे अधिक अतिक्रमण सरस्वतीनगर और जगाधरी खंड के तालाबों पर है। सरस्वतीनगर में 73 और जगाधरी में 62 तालाब अतिक्रमण की चपेट में हैं। तालाबों की जमीन पर कहीं गोहरे और उपले रखे गए हैं तो कहीं मिट्टी डालकर जमीन को समतल किया गया है। कई जगह कच्ची छान और छोटे-मोटे निर्माण भी किए गए हैं। व्यासपुर में छछरौली मोड़ के सामने डेहा बस्ती के साथ स्थित तालाब का मामला प्रशासनिक दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है। तालाब के बीचो-बीच मिट्टी डालकर गली बना दी गई है। इससे तालाब में पानी की आवाजाही प्रभावित हुई है। गली के दोनों ओर पौधे भी लगाए गए हैं।
जनस्वास्थ्य विभाग साढौरा की ओर से व्यासपुर में डाली गई सीवरेज लाइन का पंपिंग स्टेशन भी तालाब के अंदर बनाया गया है। यहां पक्का कमरा बनाने के साथ पंपिंग स्टेशन तक लोहे की लाइन भी डाली गई है। इससे सवाल उठता है कि जब प्रशासन तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने का दावा करता है तो सरकारी विभागों की ओर से तालाब की जमीन पर किए गए निर्माण पर कार्रवाई क्यों नहीं होती।
विज्ञापन
सरस्वतीनगर में 73 तालाबों पर अतिक्रमण
आंकड़ों के अनुसार व्यासपुर खंड में 196 तालाब हैं, जिनमें दो के मामले अदालत में हैं और 13 पर अतिक्रमण है। छछरौली के 145 तालाबों में पांच मामले कोर्ट में हैं और 62 पर अतिक्रमण है। जगाधरी में 145 तालाबों में 24 मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं और 62 तालाब अतिक्रमण की चपेट में हैं। प्रतापनगर में 90 तालाब हैं, जिनमें कोई कोर्ट केस नहीं है और नौ पर अतिक्रमण है। रादौर के 158 तालाबों में नौ मामले अदालत में हैं और 27 पर अतिक्रमण है। साढौरा में 92 तालाबों में पांच मामले कोर्ट में हैं और 29 पर अतिक्रमण है। सरस्वतीनगर के 192 तालाबों में 29 मामले अदालत में विचाराधीन हैं और 73 तालाबों पर अतिक्रमण है।
जिन तालाबों पर कब्जा है, उन्हें खाली करने के लिए नोटिस दिए गए हैं। कई मामले कोर्ट में भी विचाराधीन हैं। अस्थायी कब्जों को भी धीरे-धीरे हटाया जा रहा है। - ब्रह्म प्रकाश मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद।
विज्ञापन
यमुनानगर। जिले की 490 ग्राम पंचायतों में कुल 1018 तालाब हैं। इनमें से 222 तालाब अतिक्रमण की जद में हैं। वहीं 74 तालाबों से जुड़े मामले अदालतों तक पहुंच चुके हैं। मामले विचाराधीन होने पर प्रशासन भी कब्जे हटाने में असमर्थ है।
जिले में सबसे अधिक अतिक्रमण सरस्वतीनगर और जगाधरी खंड के तालाबों पर है। सरस्वतीनगर में 73 और जगाधरी में 62 तालाब अतिक्रमण की चपेट में हैं। तालाबों की जमीन पर कहीं गोहरे और उपले रखे गए हैं तो कहीं मिट्टी डालकर जमीन को समतल किया गया है। कई जगह कच्ची छान और छोटे-मोटे निर्माण भी किए गए हैं। व्यासपुर में छछरौली मोड़ के सामने डेहा बस्ती के साथ स्थित तालाब का मामला प्रशासनिक दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है। तालाब के बीचो-बीच मिट्टी डालकर गली बना दी गई है। इससे तालाब में पानी की आवाजाही प्रभावित हुई है। गली के दोनों ओर पौधे भी लगाए गए हैं।
विज्ञापन
जनस्वास्थ्य विभाग साढौरा की ओर से व्यासपुर में डाली गई सीवरेज लाइन का पंपिंग स्टेशन भी तालाब के अंदर बनाया गया है। यहां पक्का कमरा बनाने के साथ पंपिंग स्टेशन तक लोहे की लाइन भी डाली गई है। इससे सवाल उठता है कि जब प्रशासन तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने का दावा करता है तो सरकारी विभागों की ओर से तालाब की जमीन पर किए गए निर्माण पर कार्रवाई क्यों नहीं होती।
विज्ञापन
सरस्वतीनगर में 73 तालाबों पर अतिक्रमण
आंकड़ों के अनुसार व्यासपुर खंड में 196 तालाब हैं, जिनमें दो के मामले अदालत में हैं और 13 पर अतिक्रमण है। छछरौली के 145 तालाबों में पांच मामले कोर्ट में हैं और 62 पर अतिक्रमण है। जगाधरी में 145 तालाबों में 24 मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं और 62 तालाब अतिक्रमण की चपेट में हैं। प्रतापनगर में 90 तालाब हैं, जिनमें कोई कोर्ट केस नहीं है और नौ पर अतिक्रमण है। रादौर के 158 तालाबों में नौ मामले अदालत में हैं और 27 पर अतिक्रमण है। साढौरा में 92 तालाबों में पांच मामले कोर्ट में हैं और 29 पर अतिक्रमण है। सरस्वतीनगर के 192 तालाबों में 29 मामले अदालत में विचाराधीन हैं और 73 तालाबों पर अतिक्रमण है।
जिन तालाबों पर कब्जा है, उन्हें खाली करने के लिए नोटिस दिए गए हैं। कई मामले कोर्ट में भी विचाराधीन हैं। अस्थायी कब्जों को भी धीरे-धीरे हटाया जा रहा है। - ब्रह्म प्रकाश मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद।