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Yamuna Nagar News: आंतरिक व्यवस्था पर रोक से स्कूलों में शिक्षकों का संकट

Fri, 09 Oct 2026 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 09 Oct 2026 01:10 AM IST
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Ban on internal arrangements leads to teacher shortage in schools
जिला ​शिक्षा सदन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए की जा रही आंतरिक व्यवस्था पर शिक्षा निदेशालय ने रोक लगा दी है। अब यह व्यवस्था केवल शिक्षक विहीन या एक शिक्षक वाले विद्यालयों में ही की जा सकेगी। ऐसे में जिले के करीब 40 विद्यालयों में शिक्षकों की कमी और बढ़ जाएगी।
जिले में 38 विद्यालयों में शिक्षक नहीं है और 91 केवल एक ही शिक्षक के सहारे चल रहे हैं। नए आदेश के बाद जिन विद्यालयों में दो या इससे अधिक शिक्षक हैं, लेकिन विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण शिक्षकों की जरूरत है, वहां आंतरिक व्यवस्था के तहत शिक्षक नहीं भेजे जा सकेंगे।
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जिले के कई प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की संख्या पहले से ही कम है। इन विद्यालयों में खंड शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की ओर से आंतरिक व्यवस्था के तहत दूसरे विद्यालयों से शिक्षक भेजे गए थे। इससे कक्षाएं नियमित रूप से चल रही थीं।
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राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान सुरेंद्र कांबोज ने कहा कि जिले के करीब 40 विद्यालय ऐसे हैं, जहां विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने के बावजूद शिक्षकों की संख्या काफी कम है। इन विद्यालयों में आंतरिक व्यवस्था के तहत शिक्षक भेजे गए थे। उन्होंने बताया कि जिले के 38 स्कूलों में शिक्षक नहीं है और 91 विद्यालय केवल एक ही शिक्षक के सहारे चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक विहीन और एक शिक्षक वाले विद्यालयों में आंतरिक व्यवस्था जारी रखने से केवल उन्हीं विद्यालयों को राहत मिलेगी। इसके अलावा अधिक विद्यार्थी संख्या वाले विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अलग व्यवस्था की जरूरत होगी। स्थायी नियुक्ति या स्थानांतरण के बिना इन विद्यालयों में पढ़ाई सुचारु रखना चुनौती बन सकता है।

निदेशालय की ओर से आंतरिक व्यवस्था से शिक्षकों के समायोजन की नीति में बदलाव किया गया है। यह व्यवस्था केवल शिक्षकहीन और एकल शिक्षक वाले स्कूलों पर लागू रहेगी। अन्य स्कूलों के लिए निदेशालय से अनुमति मांगी गई है। - अशोक राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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