{"_id":"6ac7f60913864faf5607f9bd","slug":"lock-put-on-market-committee-office-employees-stopped-work-for-four-hours-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-164261-2026-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: मार्केट कमेटी के दफ्तर पर जड़ा ताला, चार घंटे बंद रहे कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: मार्केट कमेटी के दफ्तर पर जड़ा ताला, चार घंटे बंद रहे कर्मचारी
Fri, 09 Oct 2026 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 09 Oct 2026 01:29 AM IST
विज्ञापन
मार्केट कमेटी कार्यालय पर ताला लगाते भाकियू के पदाधिकारी। संवाद
- फोटो : धर्मशाला के गांधी वाटिका के साथ बनाया प्री पेड टैक्सी काउंटर। अमर उजाला
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। धान के उठान में हो रही देरी को लेकर किसानों का गुस्सा वीरवार को फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन और आढ़ती एसोसिएशन से जुड़े किसानों ने जगाधरी मार्केट कमेटी कार्यालय पर ताला जड़ दिया। चार घंटे तक कर्मचारी कार्यालय के अंदर ही बंद रहे। सूचना मिलने पर एसडीएम विश्वनाथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत कर ताला खुलवाया।
भाकियू जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना, व्रिकांत ससौली, मंडी निदेशक मनदीप रोड छप्पर और मंडी प्रधान जगबीर रूला खेड़ी ने बताया कि किसान सुबह करीब 11 बजे से मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचना शुरू हो गए थे। दोपहर 12 बजे तक अधिकारियों से बातचीत का इंतजार किया गया, लेकिन कोई अधिकारी किसानों की समस्या सुनने नहीं पहुंचा।
इसके बाद किसानों ने कार्यालय का गेट बंद कर दिया। एसडीएम विश्वनाथ ने किसानों से बातचीत कर शुक्रवार को जगाधरी अनाज मंडी से धान उठाने के लिए 30 गाड़ियां लगाने का आश्वासन दिया। अगले दिन इनकी संख्या बढ़ाकर 40 करने की बात कही गई। लेकिन किसान 30 या 40 नहीं, बल्कि प्रतिदिन कम से कम 60 गाड़ियां लगाने की मांग पर अड़े रहे।
विज्ञापन
करीब चार बजे डीएफएससी और एसडीएम ने किसानों के साथ दोबारा बैठक की। अधिकारियों ने पूरे जिले में करीब 100 गेट पास आउटगोइंग करने और अगले दिन से उठान प्रक्रिया तेज करने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने प्रशासन को दो दिन का समय दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन में उठान व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो डीसी कार्यालय पर धरना दिया जाएगा।
किसानों ने बताया कि मंडी में हजारों कट्टे धान खुले में पड़े हैं। उठान नहीं होने से मंडी में जगह की कमी हो रही है। आने वाले दिनों में नई फसल मंडियों में पहुंचने पर स्थिति और बिगड़ सकती है। बारिश के मौसम में खुले में पड़ा धान भीगकर खराब होने का खतरा भी बना हुआ है।
नमी जांचने वाली मशीनों पर भी सवाल
किसानों ने धान की नमी जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि आढ़तियों और मार्केट कमेटी की नमी जांचने वाली मशीनों में एक ही धान की अलग-अलग रीडिंग आ रही है। किसानों ने प्रशासन से मशीनों की जांच करवाकर समस्या का समाधान कराने की मांग की। भाकियू जिलाध्यक्ष संजू ने कहा कि उठान की समस्या केवल जगाधरी मंडी तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले की कई मंडियों में भी यही स्थिति बनी हुई है। किसानों ने कहा कि उठान की रफ्तार नहीं बढ़ी तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस अवसर पर हरपाल सुढल, सुखबीर कौर, संदीप टोपरा, कृष्ण पाल, मनीष, ठाट सिंह, संजू सरांवा और जसवीर लाली सहित कई किसान मौजूद रहे।
किसानों से बातचीत हो गई है। राइस मिलरों से अनुबंध हो गया है। दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं, जिनके दस्तावेज ऑनलाइन हो गए हैं, उनके वाहन धान उठान में लगा दिए हैं। जल्द ही उठान में तेजी आ जाएगी। - विश्वनाथ, एसडीएम जगाधरी।
विज्ञापन
यमुनानगर। धान के उठान में हो रही देरी को लेकर किसानों का गुस्सा वीरवार को फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन और आढ़ती एसोसिएशन से जुड़े किसानों ने जगाधरी मार्केट कमेटी कार्यालय पर ताला जड़ दिया। चार घंटे तक कर्मचारी कार्यालय के अंदर ही बंद रहे। सूचना मिलने पर एसडीएम विश्वनाथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत कर ताला खुलवाया।
भाकियू जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना, व्रिकांत ससौली, मंडी निदेशक मनदीप रोड छप्पर और मंडी प्रधान जगबीर रूला खेड़ी ने बताया कि किसान सुबह करीब 11 बजे से मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचना शुरू हो गए थे। दोपहर 12 बजे तक अधिकारियों से बातचीत का इंतजार किया गया, लेकिन कोई अधिकारी किसानों की समस्या सुनने नहीं पहुंचा।
विज्ञापन
इसके बाद किसानों ने कार्यालय का गेट बंद कर दिया। एसडीएम विश्वनाथ ने किसानों से बातचीत कर शुक्रवार को जगाधरी अनाज मंडी से धान उठाने के लिए 30 गाड़ियां लगाने का आश्वासन दिया। अगले दिन इनकी संख्या बढ़ाकर 40 करने की बात कही गई। लेकिन किसान 30 या 40 नहीं, बल्कि प्रतिदिन कम से कम 60 गाड़ियां लगाने की मांग पर अड़े रहे।
विज्ञापन
करीब चार बजे डीएफएससी और एसडीएम ने किसानों के साथ दोबारा बैठक की। अधिकारियों ने पूरे जिले में करीब 100 गेट पास आउटगोइंग करने और अगले दिन से उठान प्रक्रिया तेज करने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने प्रशासन को दो दिन का समय दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन में उठान व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो डीसी कार्यालय पर धरना दिया जाएगा।
किसानों ने बताया कि मंडी में हजारों कट्टे धान खुले में पड़े हैं। उठान नहीं होने से मंडी में जगह की कमी हो रही है। आने वाले दिनों में नई फसल मंडियों में पहुंचने पर स्थिति और बिगड़ सकती है। बारिश के मौसम में खुले में पड़ा धान भीगकर खराब होने का खतरा भी बना हुआ है।
नमी जांचने वाली मशीनों पर भी सवाल
किसानों ने धान की नमी जांच को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि आढ़तियों और मार्केट कमेटी की नमी जांचने वाली मशीनों में एक ही धान की अलग-अलग रीडिंग आ रही है। किसानों ने प्रशासन से मशीनों की जांच करवाकर समस्या का समाधान कराने की मांग की। भाकियू जिलाध्यक्ष संजू ने कहा कि उठान की समस्या केवल जगाधरी मंडी तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले की कई मंडियों में भी यही स्थिति बनी हुई है। किसानों ने कहा कि उठान की रफ्तार नहीं बढ़ी तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस अवसर पर हरपाल सुढल, सुखबीर कौर, संदीप टोपरा, कृष्ण पाल, मनीष, ठाट सिंह, संजू सरांवा और जसवीर लाली सहित कई किसान मौजूद रहे।
किसानों से बातचीत हो गई है। राइस मिलरों से अनुबंध हो गया है। दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं, जिनके दस्तावेज ऑनलाइन हो गए हैं, उनके वाहन धान उठान में लगा दिए हैं। जल्द ही उठान में तेजी आ जाएगी। - विश्वनाथ, एसडीएम जगाधरी।

मार्केट कमेटी कार्यालय पर ताला लगाते भाकियू के पदाधिकारी। संवाद- फोटो : धर्मशाला के गांधी वाटिका के साथ बनाया प्री पेड टैक्सी काउंटर। अमर उजाला