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Yamuna Nagar News: पेट्रोल पंपों पर लगे यूपीआई से भुगतान न करने के बैनर

Fri, 09 Oct 2026 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 09 Oct 2026 01:23 AM IST
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Banners at petrol pumps stating that UPI payments are not accepted
शहर में बने पेट्रोल पंप पर तेल डलवाते वाहन चालक। संवाद - फोटो : 1
अशोक कुमार
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यमुनानगर। डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन के बीच पेट्रोल पंप संचालकों ने यूपीआई से भुगतान को लेकर ग्राहकों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। जिले के कई पेट्रोल पंपों पर यूपीआई से भुगतान न करने के बैनर लगाए गए हैं। पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन का कहना है कि 2000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 फीसदी मर्चेंट डिस्काउंट रेट शुल्क लगने से पंप संचालकों पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।

जिला पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के प्रधान सचिन गुर्जर ने बताया कि जिले में 218 पेट्रोल पंप हैं। इनमें रोजाना बड़ी संख्या में ग्राहक यूपीआई के माध्यम से भुगतान करते हैं। उन्होंने बताया कि कई ग्रामीण क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों पर बैनर लगाए जा चुके हैं, जबकि अन्य स्थानों पर भी इन्हें लगाने की तैयारी है। कर्मचारियों को भी ग्राहकों को जानकारी देने के लिए कहा गया है।
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एसोसिएशन के अनुसार 2000 रुपये तक का भुगतान यूपीआई से स्वीकार किया जाएगा, लेकिन इससे अधिक राशि का भुगतान नकद करने के लिए कहा जा रहा है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई वाहन चालक 5000 रुपये का डीजल या पेट्रोल डलवाता है तो 2000 रुपये का भुगतान यूपीआई से और बाकी 3000 रुपये नकद देने के लिए कहा जा रहा है। इससे वाहन चालकों को दोबारा जेब में नकदी रखनी पड़ सकती है।
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इस व्यवस्था का सबसे अधिक असर ट्रक, डंपर और अन्य व्यावसायिक वाहन चालकों पर पड़ने की संभावना है। इन वाहनों में एक बार में बड़ी मात्रा में ईंधन डलवाया जाता है। एसोसिएशन का कहना है कि ऐसे ग्राहकों को बड़ी राशि नकद रखने में परेशानी होगी। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग अब डिजिटल भुगतान के आदी हो चुके हैं।
एसोसिएशन के महासचिव तुषार गोयल, तरुण जिंदल, उपप्रधान अरविन कांबोज, सुगंधित गर्ग, विक्रम सैनी, कोषाध्यक्ष मौर्य वर्मा, चेतन चावला, उपाध्यक्ष प्रिंस सांगवान तेजली, सचिव तरुण चौधरी, राव रविंद्र सिंह ने बताया कि कुछ ग्राहक जानकारी के बावजूद यूपीआई से भुगतान कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को मजबूरी में भुगतान स्वीकार करना पड़ता है।
ग्राहक को ईंधन देने से इन्कार करना भी पंप संचालकों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ग्राहकों से 2000 रुपये तक यूपीआई और शेष राशि नकद देने का अनुरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन जल्द इस मुद्दे पर संबंधित स्तर पर बातचीत करेगी। संवाद

कमीशन बढ़ोतरी और खर्च का दिया हवाला
एसोसिएशन के प्रधान सचिन गुर्जर ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में पेट्रोल पंप डीलरों के कमीशन में केवल एक बार करीब 20 से 25 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी ओर कर्मचारियों का वेतन, बिजली बिल, मशीनों के रखरखाव और अन्य प्रशासनिक खर्च लगातार बढ़े हैं। ऐसे में 0.4 फीसदी एमडीआर शुल्क का अतिरिक्त भार उठाना संचालकों के लिए मुश्किल है।

शहर में बने पेट्रोल पंप पर तेल डलवाते वाहन चालक। संवाद

शहर में बने पेट्रोल पंप पर तेल डलवाते वाहन चालक। संवाद- फोटो : 1

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