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Yamuna Nagar News: बढ़ने लगी है पढ़ने की प्रवृत्ति, पुस्तकों की तरफ लौट रहे हैं लोग
Sun, 23 Nov 2025 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 23 Nov 2025 12:00 AM IST
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जगाधरी के सिविल रोड स्थित जिला पुस्तकालय में किताबें पढ़ती युवतियां। संवाद
जगाधरी। आधुनिक समय में एआई और डिजिटलाइजेशन के प्रभाव के कारण लोग पुस्तकों से दूर होते जा रहे हैं। लोग पुस्तकों से दूर होकर अब मोबाइल इत्यादि में व्यस्त हो गए हैं। इसके बाद भी अब फिर से लोग पुस्तकों की ओर लौट रहे हैं। लोगों में पढ़ने का रुझान बढ़रहा है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि राजकीय पुस्तकालय की सदस्यता लेने में लोग रुचि दिखा रहे हैं। प्रतिदिन पुस्तकालय में इसके लिए पूछताछ करने लोग पहुंच रहे हैं।
लोगों में पुस्तकों के प्रति रुझान जगाधरी स्थित राजकीय पुस्तकालय में लगे पुस्तक मेले के दौरान देखने को मिला। मेले में लोगों ने दशकों पुराने उपन्यास व पुस्तकों की जानकारी ली। यह मेला राष्ट्रीय पुस्तकालय सप्ताह के अंतर्गत लगाया गया। इस साप्ताहिक मेले में लोगों ने अपने लिए पुस्तकों की बुकिंग करवाई। इस दौरान पुस्तकालय में लोगों ने विभिन्न पुस्तकों का अध्ययन किया। वहीं, मेले में दशकों पुरानी सहित अन्य पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई। विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध पुस्तकें देखकर लोग काफी उत्साहित हुए। यह मेला जिला पुस्तकालय में राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील तनेजा के नेतृत्व में लगाया गया।
पुस्तकालय सह-अध्यक्षा रजनी सैनी ने बताया कि इस मेले का उद्देश्य पुस्तकालय व लोगों में पठन संस्कृति को विकसित करना रहा। इस दौरान लोगों के लिए कई तरह की ज्ञानवर्धक और रचनात्मक गतिविधियां करवाई गईं। इनमें विशेष रूप से बाल दिवस पुस्तक प्रदर्शनी, ओपन माइक कार्यक्रम, भारतीय व्यंजन पर आधारित पुस्तक प्रदर्शनी, कहानियों के जादूगर मुंशी प्रेमचंद की कृतियों पर विशेष पुस्तक प्रदर्शनी प्रमुख रहीं। पुस्तकालय में आने वाले सभी पाठकों ने कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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इस दौरान डॉ. सुनील तनेजा ने कहा कि लोग किताबों की तरफ मुड़ रहे हैं। लोगों में पढ़ने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। पुस्तक मेला के बाद लोगों का रुझान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें हमारी सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। किताबों के काले अक्षरों में अथा प्रकाश है, जिससे पूरा जीवन चमक उठता है। उन्होंने कहा डिजिटल दौर में लोगों में पढ़ने की प्रवृत्ति कम होती जा रही है। नई पीढ़ी केवल अपनी कोर्स की किताबें ही पढ़ती हैं, जबकि हमारे देश का संस्कृति व इतिहास ही अध्ययन पर निहित है। सबसे ज्यादा ग्रंथ व काव्य भारत में ही लिखे गए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों में पढ़ने की प्रवृत्ति का विकास करने के लिए यह मेला लगाया गया था।
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लोगों में पुस्तकों के प्रति रुझान जगाधरी स्थित राजकीय पुस्तकालय में लगे पुस्तक मेले के दौरान देखने को मिला। मेले में लोगों ने दशकों पुराने उपन्यास व पुस्तकों की जानकारी ली। यह मेला राष्ट्रीय पुस्तकालय सप्ताह के अंतर्गत लगाया गया। इस साप्ताहिक मेले में लोगों ने अपने लिए पुस्तकों की बुकिंग करवाई। इस दौरान पुस्तकालय में लोगों ने विभिन्न पुस्तकों का अध्ययन किया। वहीं, मेले में दशकों पुरानी सहित अन्य पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई। विभिन्न भाषाओं में उपलब्ध पुस्तकें देखकर लोग काफी उत्साहित हुए। यह मेला जिला पुस्तकालय में राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील तनेजा के नेतृत्व में लगाया गया।
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पुस्तकालय सह-अध्यक्षा रजनी सैनी ने बताया कि इस मेले का उद्देश्य पुस्तकालय व लोगों में पठन संस्कृति को विकसित करना रहा। इस दौरान लोगों के लिए कई तरह की ज्ञानवर्धक और रचनात्मक गतिविधियां करवाई गईं। इनमें विशेष रूप से बाल दिवस पुस्तक प्रदर्शनी, ओपन माइक कार्यक्रम, भारतीय व्यंजन पर आधारित पुस्तक प्रदर्शनी, कहानियों के जादूगर मुंशी प्रेमचंद की कृतियों पर विशेष पुस्तक प्रदर्शनी प्रमुख रहीं। पुस्तकालय में आने वाले सभी पाठकों ने कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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इस दौरान डॉ. सुनील तनेजा ने कहा कि लोग किताबों की तरफ मुड़ रहे हैं। लोगों में पढ़ने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। पुस्तक मेला के बाद लोगों का रुझान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें हमारी सबसे अच्छी दोस्त होती हैं। किताबों के काले अक्षरों में अथा प्रकाश है, जिससे पूरा जीवन चमक उठता है। उन्होंने कहा डिजिटल दौर में लोगों में पढ़ने की प्रवृत्ति कम होती जा रही है। नई पीढ़ी केवल अपनी कोर्स की किताबें ही पढ़ती हैं, जबकि हमारे देश का संस्कृति व इतिहास ही अध्ययन पर निहित है। सबसे ज्यादा ग्रंथ व काव्य भारत में ही लिखे गए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों में पढ़ने की प्रवृत्ति का विकास करने के लिए यह मेला लगाया गया था।