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Yamuna Nagar News: गांधीनगर में मकान से मिला एक क्विंटल पनीर, आ रही थी दुर्गंध
Sat, 10 Oct 2026 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 10 Oct 2026 01:48 AM IST
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गांधीनगर में पनीर के नमूने लेकर सील करती टीम। विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर के गांधीनगर में एक घर से खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने करीब एक क्विंटल पनीर बरामद किया है। विभाग के अनुसार, यह पनीर एनालॉग पनीर होने की आशंका है और इससे दुर्गंध आ रही थी। शुक्रवार दोपहर गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने घर में छापा मारकर कार्रवाई की। पनीर का नमूना लेने के बाद बाकी उत्पाद को गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यहां से पनीर जिले की डेयरी दुकानों, होटलों, रेस्टोरेंट, ढाबों और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों को सप्लाई किया जा रहा था। कार्रवाई फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. गुलाब सिंह के नेतृत्व में की गई। टीम में मोहित और संजीव भी शामिल रहे।
जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. गुलाब सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह उत्पाद एनालॉग पनीर प्रतीत हो रहा है। एनालॉग पनीर एक कृत्रिम डेयरी विकल्प होता है, जो दिखने, स्वाद और बनावट में पूरी तरह असली पनीर जैसा लगता है।
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इसे शुद्ध दूध के बजाय अन्य कृत्रिम व सस्ते घटकों से तैयार किया जाता है। जांच में पता चला कि यह पनीर इस मकान में बनाया नहीं जा रहा था, बल्कि कहीं बाहर से लाकर केवल स्टोर और सप्लाई किया जा रहा था। टीम अब उस मुख्य ठिकाने का पता लगाने में जुटी है जहां से इसकी आवक हो रही थी।
उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति के पास से यह पनीर बरामद हुआ है, वह मूल रूप से बिहार के मोतिहारी जिले का रहने वाला है। वह करीब तीन सालों से बिना किसी लाइसेंस या सुरक्षा प्रमाणपत्र के इस धंधे को बेखौफ चला रहा था।
दाम के गणित ने खोली पोल
डॉ. गुलाब सिंह ने बताया कि आरोपी इस पनीर को महज 240 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेच रहा था। वहीं मौजूदा समय में बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाले असली पनीर की औसत कीमत 320 से 350 रुपये प्रति किलो है। वर्तमान में बाजार में दूध का भाव 70 रुपये प्रति लीटर है और एक किलो असली पनीर बनाने में कम से कम चार लीटर दूध की खपत होती है। इस हिसाब से केवल दूध की मूल लागत ही 280 रुपये बैठती है, जिसमें मजदूरी, गैस व ट्रांसपोर्ट का खर्च अलग जुड़ता है। ऐसे में 240 रुपये किलो में पनीर बेचना सीधे तौर पर खाद्य सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन और सेहत से खिलवाड़ है।
पनीर के सैंपल नमूने लैब जांच के लिए भेज दिए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह एनालॉग पनीर लग रहा था, जिसे गड्ढा खोदवा कर नष्ट करवा दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. गुलाब सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, यमुनानगर।
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यमुनानगर। शहर के गांधीनगर में एक घर से खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने करीब एक क्विंटल पनीर बरामद किया है। विभाग के अनुसार, यह पनीर एनालॉग पनीर होने की आशंका है और इससे दुर्गंध आ रही थी। शुक्रवार दोपहर गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने घर में छापा मारकर कार्रवाई की। पनीर का नमूना लेने के बाद बाकी उत्पाद को गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यहां से पनीर जिले की डेयरी दुकानों, होटलों, रेस्टोरेंट, ढाबों और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों को सप्लाई किया जा रहा था। कार्रवाई फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. गुलाब सिंह के नेतृत्व में की गई। टीम में मोहित और संजीव भी शामिल रहे।
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जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. गुलाब सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह उत्पाद एनालॉग पनीर प्रतीत हो रहा है। एनालॉग पनीर एक कृत्रिम डेयरी विकल्प होता है, जो दिखने, स्वाद और बनावट में पूरी तरह असली पनीर जैसा लगता है।
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इसे शुद्ध दूध के बजाय अन्य कृत्रिम व सस्ते घटकों से तैयार किया जाता है। जांच में पता चला कि यह पनीर इस मकान में बनाया नहीं जा रहा था, बल्कि कहीं बाहर से लाकर केवल स्टोर और सप्लाई किया जा रहा था। टीम अब उस मुख्य ठिकाने का पता लगाने में जुटी है जहां से इसकी आवक हो रही थी।
उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति के पास से यह पनीर बरामद हुआ है, वह मूल रूप से बिहार के मोतिहारी जिले का रहने वाला है। वह करीब तीन सालों से बिना किसी लाइसेंस या सुरक्षा प्रमाणपत्र के इस धंधे को बेखौफ चला रहा था।
दाम के गणित ने खोली पोल
डॉ. गुलाब सिंह ने बताया कि आरोपी इस पनीर को महज 240 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बेच रहा था। वहीं मौजूदा समय में बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाले असली पनीर की औसत कीमत 320 से 350 रुपये प्रति किलो है। वर्तमान में बाजार में दूध का भाव 70 रुपये प्रति लीटर है और एक किलो असली पनीर बनाने में कम से कम चार लीटर दूध की खपत होती है। इस हिसाब से केवल दूध की मूल लागत ही 280 रुपये बैठती है, जिसमें मजदूरी, गैस व ट्रांसपोर्ट का खर्च अलग जुड़ता है। ऐसे में 240 रुपये किलो में पनीर बेचना सीधे तौर पर खाद्य सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन और सेहत से खिलवाड़ है।
पनीर के सैंपल नमूने लैब जांच के लिए भेज दिए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह एनालॉग पनीर लग रहा था, जिसे गड्ढा खोदवा कर नष्ट करवा दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. गुलाब सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, यमुनानगर।

गांधीनगर में पनीर के नमूने लेकर सील करती टीम। विभाग

गांधीनगर में पनीर के नमूने लेकर सील करती टीम। विभाग