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Yamuna Nagar News: सूरजमुखी खरीद प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होने से दुविधा में आढ़ती
Thu, 05 Jun 2025 03:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 05 Jun 2025 03:43 AM IST
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साढौरा। किसानों व आढ़तियों की मांग पर प्रदेश सरकार ने साढौरा अनाज मंडी में पहली बार सूरजमुखी की सरकारी खरीद करने के आदेश तो जारी कर दिए, पर इसकी प्रक्रिया स्पष्ट न होने से आढ़ती दुविधा में हैं। इससे मंडी में सूरजमुखी की नाममात्र आवक हो रही है और इस वजह से खरीद भी शुरू नहीं हो रही है।
क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान सूरजमुखी लगाते हैं। इसके बाद भी सरकार ने साढ़ौरा के बजाय कुरुक्षेत्र जिले की शाहबाद मंडी में सूरजमुखी की सरकारी खरीद के प्रबंध कर रखे थे। किसान मंडी में अपनी उपज को ले जाने में होने वाली परेशानी से बचने के लिए किसान साढौरा में ही सूरजमुखी की सरकारी खरीद करने की मांग करते रहे हैं। इस बार सरकार ने किसानों की मांग को पूरा करते हुए जिले में ही साढौरा की मंडी में सूरजमुखी की सरकारी खरीद एक जून से शुरू करने की स्वीकृति प्रदान तो कर दी, पर मंडी में सूरजमुखी की छिटपुट आवक होने व खरीद प्रक्रिया स्पष्ट न होने से आढ़ती सूरजमुखी की खरीद करवाने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
कमीशन न मिलने की आशंका ः दरअसल, सरकार ने हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन को साढौरा मंडी से सूरजमुखी की खरीद के लिए अधिकृत किया है। आढ़तियों को मिली जानकारी अनुसार अन्य फसलों की तरह सूरजमुखी की खरीद आढ़तियों के माध्यम से करने के बजाय इस एजेंसी द्वारा सीधे किसानों से खरीद की जाएगी। यानी सूरजमुखी की खरीद के लिए आढ़तियों को कोई कमीशन नहीं मिलेगी। ऐसे में आढ़ती बेमन से अपनी आढ़त पर सूरजमुखी की ढ़ेरियां उतरवा रहे हैं। यही कारण है कि मंडी में सूरजमुखी की आवक भी कम ही है। संवाद
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दूसरा कारण यह भी है कि अभी तक अधिकतर किसानों को पता ही नहीं है कि साढौरा अनाज मंडी में सूरजमुखी की सरकारी खरीद होने के आदेश जारी हो चुके हैं। इस बात का प्रचार व आढ़तियों की बेरुखी के कारण भी यहां सूरजमुखी की आवक जोर नहीं पकड़ पा रही है।
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क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान सूरजमुखी लगाते हैं। इसके बाद भी सरकार ने साढ़ौरा के बजाय कुरुक्षेत्र जिले की शाहबाद मंडी में सूरजमुखी की सरकारी खरीद के प्रबंध कर रखे थे। किसान मंडी में अपनी उपज को ले जाने में होने वाली परेशानी से बचने के लिए किसान साढौरा में ही सूरजमुखी की सरकारी खरीद करने की मांग करते रहे हैं। इस बार सरकार ने किसानों की मांग को पूरा करते हुए जिले में ही साढौरा की मंडी में सूरजमुखी की सरकारी खरीद एक जून से शुरू करने की स्वीकृति प्रदान तो कर दी, पर मंडी में सूरजमुखी की छिटपुट आवक होने व खरीद प्रक्रिया स्पष्ट न होने से आढ़ती सूरजमुखी की खरीद करवाने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
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कमीशन न मिलने की आशंका ः दरअसल, सरकार ने हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन को साढौरा मंडी से सूरजमुखी की खरीद के लिए अधिकृत किया है। आढ़तियों को मिली जानकारी अनुसार अन्य फसलों की तरह सूरजमुखी की खरीद आढ़तियों के माध्यम से करने के बजाय इस एजेंसी द्वारा सीधे किसानों से खरीद की जाएगी। यानी सूरजमुखी की खरीद के लिए आढ़तियों को कोई कमीशन नहीं मिलेगी। ऐसे में आढ़ती बेमन से अपनी आढ़त पर सूरजमुखी की ढ़ेरियां उतरवा रहे हैं। यही कारण है कि मंडी में सूरजमुखी की आवक भी कम ही है। संवाद
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दूसरा कारण यह भी है कि अभी तक अधिकतर किसानों को पता ही नहीं है कि साढौरा अनाज मंडी में सूरजमुखी की सरकारी खरीद होने के आदेश जारी हो चुके हैं। इस बात का प्रचार व आढ़तियों की बेरुखी के कारण भी यहां सूरजमुखी की आवक जोर नहीं पकड़ पा रही है।