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Yamuna Nagar News: विद्यार्थियों ने बिना प्रश्नपत्र के दी अर्धवार्षिक परीक्षा
Sat, 26 Sep 2026 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 26 Sep 2026 01:55 AM IST
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बोर्ड पर लिखे प्रश्न देखकर परीक्षा देते विद्यार्थी। संवाद
अभय सिंह
जगाधरी। जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में शुक्रवार से शुरू हुई अर्धवार्षिक परीक्षा में शिक्षा विभाग की बदइंतजामी खुलकर सामने आ गई। करीब 85 विद्यालयों में परीक्षा बिना प्रश्नपत्र के ही करा दी गई। सबसे खराब स्थिति जगाधरी खंड के विद्यालयों में रही, जहां चौथी कक्षा के कई विद्यालयों में एक भी प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं था।
कहीं प्रश्नपत्र कम पहुंचे तो कहीं पहुंचे ही नहीं। ऐसे में परीक्षा करवाने के लिए शिक्षकों को डिजिटल पट पर अपनी तरफ से प्रश्न लिखने पड़े और विद्यार्थियों ने उन्हें देखकर पुस्तिकाओं में उत्तर लिखे। जिस परीक्षा के लिए विद्यार्थियों और विद्यालयों को पहले से तैयारी करनी थी, उसके लिए परीक्षा के दिन तक प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं करवाए गए।
प्रश्नपत्र न मिलने पर शिक्षकों ने संबंधित कलस्टर, खंड शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को सूचना दी, लेकिन समय रहते समस्या का समाधान नहीं हो सका। जगाधरी के राजकीय आदर्श संस्कृति प्राथमिक पाठशाला में एक भी प्रश्नपत्र नहीं पहुंचा। शिक्षकों ने बोर्ड पर प्रश्न लिखकर परीक्षा करवाई। यह समस्या कलस्टर में भी आई। वहीं राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जगाधरी में भी चौथी कक्षा का प्रश्नपत्र नहीं पहुंचा।
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विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से अतिरिक्त प्रश्नपत्र छपवाने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके थे। इसके बावजूद जिले में प्रश्नपत्रों की पर्याप्त संख्या में छपाई और समय पर विद्यालयों तक पहुंच सुनिश्चित नहीं की गई। अधिकारियों को वीरवार तक प्रश्नपत्र विद्यालयों में पहुंचाने थे, लेकिन कई विद्यालयों में परीक्षा शुरू होने तक इंतजार ही खत्म नहीं हुआ। संवाद
निदेशालय के निर्देश की अनदेखी
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ प्रधान सुरेंद्र कांबोज ने कहा कि शिक्षा निदेशालय ने 24 सितंबर को जारी पत्र में अर्धवार्षिक परीक्षाओं के सुचारू और सुरक्षित संचालन के लिए स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसमें प्रश्न व उत्तर पुस्तिकाओं को परीक्षा से पहले संबंधित विद्यालयों तक पहुंचाने, उनकी सुरक्षित अभिरक्षा और वितरण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद जिले के कई विद्यालयों में समय पर पर्याप्त प्रश्नपत्र नहीं पहुंचना व्यवस्था की गंभीर चूक है।
केवल जगाधरी खंड में आई दिक्कत : अशोक राणा
जिला शिक्षा अधिकारी अशोक राणा का कहना है कि जिले के पांच खंडों में परीक्षा को लेकर कोई दिक्कत नहीं आई है। विभाग की ओर से पर्याप्त मात्रा में प्रश्नपत्रों की छपाई करवाई गई है। प्रश्नपत्र वितरण में दिक्कत आई है। यह दिक्कत केवल जगाधरी खंड में आई है। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी से जवाब मांगा है। प्रश्नपत्र वितरण की जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारी की थी। मामले में निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
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जगाधरी। जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में शुक्रवार से शुरू हुई अर्धवार्षिक परीक्षा में शिक्षा विभाग की बदइंतजामी खुलकर सामने आ गई। करीब 85 विद्यालयों में परीक्षा बिना प्रश्नपत्र के ही करा दी गई। सबसे खराब स्थिति जगाधरी खंड के विद्यालयों में रही, जहां चौथी कक्षा के कई विद्यालयों में एक भी प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं था।
कहीं प्रश्नपत्र कम पहुंचे तो कहीं पहुंचे ही नहीं। ऐसे में परीक्षा करवाने के लिए शिक्षकों को डिजिटल पट पर अपनी तरफ से प्रश्न लिखने पड़े और विद्यार्थियों ने उन्हें देखकर पुस्तिकाओं में उत्तर लिखे। जिस परीक्षा के लिए विद्यार्थियों और विद्यालयों को पहले से तैयारी करनी थी, उसके लिए परीक्षा के दिन तक प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं करवाए गए।
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प्रश्नपत्र न मिलने पर शिक्षकों ने संबंधित कलस्टर, खंड शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को सूचना दी, लेकिन समय रहते समस्या का समाधान नहीं हो सका। जगाधरी के राजकीय आदर्श संस्कृति प्राथमिक पाठशाला में एक भी प्रश्नपत्र नहीं पहुंचा। शिक्षकों ने बोर्ड पर प्रश्न लिखकर परीक्षा करवाई। यह समस्या कलस्टर में भी आई। वहीं राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जगाधरी में भी चौथी कक्षा का प्रश्नपत्र नहीं पहुंचा।
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विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से अतिरिक्त प्रश्नपत्र छपवाने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके थे। इसके बावजूद जिले में प्रश्नपत्रों की पर्याप्त संख्या में छपाई और समय पर विद्यालयों तक पहुंच सुनिश्चित नहीं की गई। अधिकारियों को वीरवार तक प्रश्नपत्र विद्यालयों में पहुंचाने थे, लेकिन कई विद्यालयों में परीक्षा शुरू होने तक इंतजार ही खत्म नहीं हुआ। संवाद
निदेशालय के निर्देश की अनदेखी
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ प्रधान सुरेंद्र कांबोज ने कहा कि शिक्षा निदेशालय ने 24 सितंबर को जारी पत्र में अर्धवार्षिक परीक्षाओं के सुचारू और सुरक्षित संचालन के लिए स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसमें प्रश्न व उत्तर पुस्तिकाओं को परीक्षा से पहले संबंधित विद्यालयों तक पहुंचाने, उनकी सुरक्षित अभिरक्षा और वितरण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद जिले के कई विद्यालयों में समय पर पर्याप्त प्रश्नपत्र नहीं पहुंचना व्यवस्था की गंभीर चूक है।
केवल जगाधरी खंड में आई दिक्कत : अशोक राणा
जिला शिक्षा अधिकारी अशोक राणा का कहना है कि जिले के पांच खंडों में परीक्षा को लेकर कोई दिक्कत नहीं आई है। विभाग की ओर से पर्याप्त मात्रा में प्रश्नपत्रों की छपाई करवाई गई है। प्रश्नपत्र वितरण में दिक्कत आई है। यह दिक्कत केवल जगाधरी खंड में आई है। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी से जवाब मांगा है। प्रश्नपत्र वितरण की जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारी की थी। मामले में निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।