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Yamuna Nagar News: बकायेदारों की संपत्ति होगी सील
Mon, 03 Feb 2025 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 03 Feb 2025 12:39 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। वित्त वर्ष 2024-25 खत्म होने में दो माह शेष हैं, पर हर वित्त वर्ष की तरह इस बार भी संपत्ति कर से आय के निर्धारित लक्ष्य से नगर निगम पिछड़ रहा है। अभी तक संपत्ति कर से करीब नौ करोड़ रुपये की आय हुई है, जो वित्त वर्ष 2024-25 के तय लक्ष्य से कई गुना कम है। ये देख नगर निगम अफसर बकायेदारों पर बड़े स्तर पर संपत्तियों पर सीलिंग कार्रवाई की योजना बना चुका है।
बकायेदारों के खिलाफ 15 जनवरी से शुरू हुई कार्रवाई में 16 दिन के भीतर 19 संपत्तियां सील की गईं है। अब फरवरी में सौ और संपत्तियां को सील करने की तैयारी है। इनमें नामी औद्योगिक इकाइयों से लेकर संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान सहित रिहायशी मकान शामिल हैं। इन पर संपत्ति कर की एक से दस लाख या अधिक राशि बकाया है। इनकी सूची तैयार करने के साथ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई की तैयारी है, जिसके लिए दो जोन बांट टीमों का गठन किया जा चुका है।
नगर निगम की आय का सबसे बड़ा स्रोत संपत्ति कर ही है, जिससे शहर के विकास कार्यों से लेकर नगर निगम के खर्चे चलते हैं। हर साल नगर निगम के वित्त वर्ष के बजट में संपत्ति कर से आय के लक्ष्य कई करोड़ में रखे जाते हैं, पर आय कई गुना कम रहती है। ऐसा ही चालू वित्त वर्ष में हो रहा है।
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संपत्ति कर से आय के लिए नगर निगम अफसरों ने बकायेदारों को कई बार नोटिस जारी किए, वहीं शुरुआती नोटिस से बकाया व कोई जवाब न मिलने पर सीलिंग कार्रवाई के चेतावनी नोटिस भी दिए, लेकिन पहले लोकसभा फिर विधानसभा चुनाव के चलते बकायेदारों पर सीलिंग कार्रवाई नहीं हुई।
ऐसे में शहर के विकास कार्यों और नगर निगम के खर्चों के लिए भी धन जुटाने के लिए अफसरों ने दिसंबर में फिर से अंतिम नोटिस में सीलिंग कार्रवाई की चेतावनी दी गई। बकायेदारों से बकाया या जवाब न आने पर 15 जनवरी से सीलिंग कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसमें 16 दिन में 19 संपत्तियां सील की गई, वहीं अब फरवरी में सीलिंग कार्रवाई के लिए सौ और बकायेदारों की संपत्तियों की सूची तैयार है।
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यमुनानगर। वित्त वर्ष 2024-25 खत्म होने में दो माह शेष हैं, पर हर वित्त वर्ष की तरह इस बार भी संपत्ति कर से आय के निर्धारित लक्ष्य से नगर निगम पिछड़ रहा है। अभी तक संपत्ति कर से करीब नौ करोड़ रुपये की आय हुई है, जो वित्त वर्ष 2024-25 के तय लक्ष्य से कई गुना कम है। ये देख नगर निगम अफसर बकायेदारों पर बड़े स्तर पर संपत्तियों पर सीलिंग कार्रवाई की योजना बना चुका है।
बकायेदारों के खिलाफ 15 जनवरी से शुरू हुई कार्रवाई में 16 दिन के भीतर 19 संपत्तियां सील की गईं है। अब फरवरी में सौ और संपत्तियां को सील करने की तैयारी है। इनमें नामी औद्योगिक इकाइयों से लेकर संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान सहित रिहायशी मकान शामिल हैं। इन पर संपत्ति कर की एक से दस लाख या अधिक राशि बकाया है। इनकी सूची तैयार करने के साथ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई की तैयारी है, जिसके लिए दो जोन बांट टीमों का गठन किया जा चुका है।
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नगर निगम की आय का सबसे बड़ा स्रोत संपत्ति कर ही है, जिससे शहर के विकास कार्यों से लेकर नगर निगम के खर्चे चलते हैं। हर साल नगर निगम के वित्त वर्ष के बजट में संपत्ति कर से आय के लक्ष्य कई करोड़ में रखे जाते हैं, पर आय कई गुना कम रहती है। ऐसा ही चालू वित्त वर्ष में हो रहा है।
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संपत्ति कर से आय के लिए नगर निगम अफसरों ने बकायेदारों को कई बार नोटिस जारी किए, वहीं शुरुआती नोटिस से बकाया व कोई जवाब न मिलने पर सीलिंग कार्रवाई के चेतावनी नोटिस भी दिए, लेकिन पहले लोकसभा फिर विधानसभा चुनाव के चलते बकायेदारों पर सीलिंग कार्रवाई नहीं हुई।
ऐसे में शहर के विकास कार्यों और नगर निगम के खर्चों के लिए भी धन जुटाने के लिए अफसरों ने दिसंबर में फिर से अंतिम नोटिस में सीलिंग कार्रवाई की चेतावनी दी गई। बकायेदारों से बकाया या जवाब न आने पर 15 जनवरी से सीलिंग कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसमें 16 दिन में 19 संपत्तियां सील की गई, वहीं अब फरवरी में सीलिंग कार्रवाई के लिए सौ और बकायेदारों की संपत्तियों की सूची तैयार है।