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एक साथ उठी दोनों दोस्तों की अर्थी, गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 06 Oct 2022 02:18 AM IST
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The funeral of both the friends arose together, in a gloomy atmosphere
मृतक कमलजीत। फाइल फोटो - फोटो : Yamuna Nagar
साढौरा (यमुनानगर)। साढौरा के सरांवा में रेत से भरे ट्रक ट्राले की चपेट में आने से मारे गए दो दोस्त सचिन व कमलजीत का बुधवार को गमगीन माहौल में एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। सचिन के अंतिम संस्कार की रस्म उसके बड़े भाई गौरव ने अदा की। जबकि कमलजीत का दाह संस्कार उसके ताया अमरजीत ने करवाया। इससे पहले इन दोनों के शव पोस्टमार्टम के बाद सरांवा की बस्ती की एक ही गली के इनके घरों पर पहुंचे तो हर आंख में आंसू थे।
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महिलाओं के रुदन से माहौल गमगीन था। थोड़ी देर तक घर पर अंतिम रस्में करने के बाद दोनों की अर्थी को राइयांवाला मार्ग के श्मशान घाट ले जाया गया। वहां बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने इन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान एसएचओ धर्मपाल, भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव सैनी, मतलूब हसन, अजय फिरोजपुर, लखविंद्र सिंह चीमा व सैदूपुर के सरपंच अमन संधू भी मौजूद रहे।
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एडीसी के आश्वासन पर ग्रामीणों ने रास्ता खोला
मृतकों के परिवारों को 25-25 लाख मुआवजा देने की मांग को लेकर 16 घंटे से रास्ता जाम कर रहे ग्रामीणों ने देर रात 12.30 बजे रास्ता खोला। परिजनों से बातचीत करने के लिए रात करीब साढ़े 10 बजे एडीसी आयुष सिन्हा मौके पर पहुंचे थे। एडीसी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मृतकों के परिवारों को जल्दी मुआवजा दिलवाने के लिए प्रशासन द्वारा अपने तौर पर संजीदगी से प्रयास किए जाएंगे। रोड़ सेफ्टी कमेटी की बैठक में विचार करके इस जगह पर इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के कदम उठाए जाएंगे। भारी वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण के अलावा ओवरलोड वाहनों की जांच करके कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पाबनी मार्ग पर स्पीड ब्रेकर बनाकर वाहनों की गति को नियंत्रित किया जाएगा। आयुष सिन्हा के इन आश्वासनों के बाद ही ग्रामीण रास्ता खोलने के लिए राजी हुए। मौके पर बिलासपुर के एसडीएम जसपाल सिंह गिल, डीएसपी जितेंद्र, डीएसपी प्रमोद, नायब तहसीलदार भारत भूषण, नपा सचिव सुरेंद्र मलिक, एसएचओ धर्मपाल व बिलासपुर के एसएचओ जगदीश भी मौजूद थे। ग्रामीणों द्वारा जाम हटाने के बाद प्रशासन ने राहत महसूस की।
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शादी का सामान लेने जाने के दौरान हुआ था हादसा
मंगलवार को मृतक सचिन के चचेरे भाई परमजीत की शादी थी। उसकी बरात पंचकूला के रायपुर रानी जानी थी। सचिन व कमलजीत बरात की तैयारियों में जुटे थे। वह बरात से संबंधित ही कुछ सामान लेने के लिए पाबनी मार्ग पर गए थे। इसी दौरान ट्रॉले ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया था और उनकी मौत हो गई थी। हादसे के बाद परिवार की खुशियां मातम में बदल गई। केवल चार लोग ही बरात लेकर दुल्हन को लाने गए। मृतक के परिजन सुबह से ही डीसी को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे। परंतु एसडीएम बिलासपुर जसपाल सिंह गिल को छोड़ कर कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। यदि आला अधिकारी परिजनों को सांत्वना व आश्वासन देते तो शायद वह 16 घंटे तक जाम नहीं लगाते। रात को जब एडीसी आयुष सिन्हा मौके पर पहुंचे तो उन्होंने भी मृतक के परिजनों को आश्वासन ही दिया। जिसके बाद लोगों ने जाम खोल दिया।

मृतक सचिन। फाइल फोटो

मृतक सचिन। फाइल फोटो- फोटो : Yamuna Nagar

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