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200 रुपये न देने पर दोस्त ने की थी ट्रक मैकेनिक की हत्या
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यमुनानगर। ट्रक मैकेनिक खानपुरी निवासी दिलबाग सिंह (24) की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। 200 रुपये न देने पर उसके दोस्त ने ही उसकी हत्या की थी। हत्या के इस मामले में सीआईए 2 की टीम ने जगाधरी बस स्टैंड से नाहरपुर ताहरपुर निवासी युद्धवीर को गिरफ्तार किया है। आरोपी युद्धवीर दिलबाग का दोस्त बताया जा रहा है। आरोपी ने नशे के लिए दिलबाग से 200 रुपये मांगे थे। न देने पर उसने दिलबाग के सिर में पहले कड़ा मारकर घायल किया था। इसके बाद उसकी परने से गला घोंटकर हत्या की थी। बाद में शव को गन्ने के खेत में फेंक दिया था। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने वारदात को अंजाम देना कबूल किया है। आरोपी को अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड में आरोपी से वारदात में प्रयुक्त कड़ा व परना बरामद किया जाएगा। इसके अलावा अन्य वारदात का भी खुलासा होने की संभावना है।
पूछताछ में यह किया खुलासा
सीआईए 2 इंचार्ज राकेश ने बताया कि आरोपी युद्धवीर को जगाधरी बस स्टैंड से काबू किया गया है। वह भागने की फिराक में था। पूछताछ में सामने आया है कि 15 जून की रात को नौ बजे दिलबाग अपने गांव के अड्डे पर बैठा हुआ था। तभी वहां आरोपी युद्धवीर आ गया और उससे 200 रुपये की मांग करने लगा। जब दिलबाग ने रुपयेे देने से मना किया तो युद्धवीर ने उसकी जेब में हाथ डालकर रुपये निकालने का प्रयास किया। जिस पर दोनों की हाथापाई हो गई। तैश में आकर आरोपी युद्धवीर ने दिलबाग के सिर पर हाथ में डाले हुए कड़े से प्रहार किया। सिर में कड़ा लगने से दिलबाग घायल होकर नीचे गिर गया था। इसके बाद युद्धवीर ने परने से उसका गला घोंट दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी उसके शव को गन्ने के खेत में फेंक कर वहां से फरार हो गया। जाते समय आरोपी उसकी जेब से एक पॉलिथीन भी निकालकर ले गया। उसे उम्मीद थी कि इस पॉलिथीन में रुपये होंगे, लेकिन उसमें रुपये नहीं निकले थे।
गन्ने के खेत में मिला था दिलबाग का शव
16 जून की सुबह खानपुरी निवासी दिलबाग सिंह का शव लेदी रोड के किनारे गन्ने के खेत में पड़ा हुआ मिला था। उसके सिर में चोट व गले पर निशान थे। उसकी बाइक नाहर ताहरपुर मोड़ पर खड़ी हुई थी। उसके पास ही दिलबाग की चप्पल, रूमाल व बाइक की चाबी पड़ी थी। उसकी लाश के पास ही उसका मोबाइल पड़ा था। जिसके कवर में आधार कार्ड था। शव के पास ही 130 रुपये पड़े हुए थे। मृतक के भाई अशोक ने बताया था कि उसका भाई छछरौली में ट्रक रिपेयर का काम करता था।
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आरोपी तक ऐसे पहुंची सीआईए टीम
सीआईए टू इंचार्ज राकेश कुमार ने बताया कि दिलबाग की हत्या की गुत्थी सुलझाने का जिम्मा एसपी मोहित हांडा ने उन्हें दिया था। जिसके बाद उन्होंने मामले की तफ्तीश शुरू की। जांच के दौरान मृतक के दोस्तों व रिश्तेदारों पर नजर रखनी शुरू कर दी। सभी से पूछताछ की गई। तभी युद्धवीर के बारे में पता लगा। युद्धवीर काफी समय पहले से दिलबाग का दोस्त था। उसका उसके पास आना जाना था। वारदात के बाद उसकी गतिविधियां देखी, तो उस पर शक हुआ। पूरी पड़ताल करने के बाद आरोपी युद्धवीर को जगाधरी बस स्टैंड के पास से काबू किया गया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने वारदात को अंजाम देना कबूल किया।
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पूछताछ में यह किया खुलासा
सीआईए 2 इंचार्ज राकेश ने बताया कि आरोपी युद्धवीर को जगाधरी बस स्टैंड से काबू किया गया है। वह भागने की फिराक में था। पूछताछ में सामने आया है कि 15 जून की रात को नौ बजे दिलबाग अपने गांव के अड्डे पर बैठा हुआ था। तभी वहां आरोपी युद्धवीर आ गया और उससे 200 रुपये की मांग करने लगा। जब दिलबाग ने रुपयेे देने से मना किया तो युद्धवीर ने उसकी जेब में हाथ डालकर रुपये निकालने का प्रयास किया। जिस पर दोनों की हाथापाई हो गई। तैश में आकर आरोपी युद्धवीर ने दिलबाग के सिर पर हाथ में डाले हुए कड़े से प्रहार किया। सिर में कड़ा लगने से दिलबाग घायल होकर नीचे गिर गया था। इसके बाद युद्धवीर ने परने से उसका गला घोंट दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी उसके शव को गन्ने के खेत में फेंक कर वहां से फरार हो गया। जाते समय आरोपी उसकी जेब से एक पॉलिथीन भी निकालकर ले गया। उसे उम्मीद थी कि इस पॉलिथीन में रुपये होंगे, लेकिन उसमें रुपये नहीं निकले थे।
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गन्ने के खेत में मिला था दिलबाग का शव
16 जून की सुबह खानपुरी निवासी दिलबाग सिंह का शव लेदी रोड के किनारे गन्ने के खेत में पड़ा हुआ मिला था। उसके सिर में चोट व गले पर निशान थे। उसकी बाइक नाहर ताहरपुर मोड़ पर खड़ी हुई थी। उसके पास ही दिलबाग की चप्पल, रूमाल व बाइक की चाबी पड़ी थी। उसकी लाश के पास ही उसका मोबाइल पड़ा था। जिसके कवर में आधार कार्ड था। शव के पास ही 130 रुपये पड़े हुए थे। मृतक के भाई अशोक ने बताया था कि उसका भाई छछरौली में ट्रक रिपेयर का काम करता था।
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आरोपी तक ऐसे पहुंची सीआईए टीम
सीआईए टू इंचार्ज राकेश कुमार ने बताया कि दिलबाग की हत्या की गुत्थी सुलझाने का जिम्मा एसपी मोहित हांडा ने उन्हें दिया था। जिसके बाद उन्होंने मामले की तफ्तीश शुरू की। जांच के दौरान मृतक के दोस्तों व रिश्तेदारों पर नजर रखनी शुरू कर दी। सभी से पूछताछ की गई। तभी युद्धवीर के बारे में पता लगा। युद्धवीर काफी समय पहले से दिलबाग का दोस्त था। उसका उसके पास आना जाना था। वारदात के बाद उसकी गतिविधियां देखी, तो उस पर शक हुआ। पूरी पड़ताल करने के बाद आरोपी युद्धवीर को जगाधरी बस स्टैंड के पास से काबू किया गया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने वारदात को अंजाम देना कबूल किया।