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Yamuna Nagar News: निगम पांच साल में नहीं बना सका एक ठिकाना
Sun, 28 Jul 2024 02:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 28 Jul 2024 02:50 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सीएम घोषणा के पांच साल बाद भी नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी को नया भवन नहीं मिल पाया है। हालांकि इसके लिए पंचायत भवन के पीछे गोबिंदपुरा की जमीन चिह्नित कर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने पर निर्माण के लिए शिलान्यास भी हुआ। लेकिन भवन निर्माण का विरोध कर गोबिंदपुरा के लोगों ने कोर्ट में केस डाल दिया। इससे यहां निर्माण कार्य नहीं शुरू हो सका। वहीं अफसर अन्य जगह जमीन तय नहीं कर पाए।
वर्ष-2018 में पूर्व सीएम ने नगर निगम कार्यालय के नए भवन के निर्माण कराने की घोषणा की थी। इसके निर्माण के लिए मार्च-2018 में 28.28 करोड़ की अनुमानित लागत पर टेंडर हुआ। इसके बाद पंचायत भवन के पीछे गोबिंदपुरा में लगती जमीन को नगर निगम के नए भवन के लिए चिह्नित किया गया। जहां निर्माण के लिए एक सितंबर 2018 को सीएम ने शिलान्यास भी किया, पर जमीन विवाद में यहां काम अटक गया।
यमुनानगर का मुख्य कार्यालय रेलवे रोड पर शहीद भगत सिंह पार्क के पास है। नगर निगम का यह कार्यालय जर्जर हो चुका है और यहां पार्किंग की भी बड़ी समस्या है। दूसरा कार्यालय कन्हैया साहिब चौक समीप है, जहां इंजीनियरिंग ब्रांच व प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन करने वाले अधिकारी व कर्मचारी बैठे हैं।
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तीसरा कार्यालय जगाधरी के झंडा चौक पर है। अलग-अलग कार्यों के लिए शहरवासी एक से दूसरे कार्यालय के चक्कर लगाने पर मजबूर हैं। इसलिए नगर निगम की ओर से दोनों शहरों के बीचों-बीच एक ही छत के नीचे निगम के सभी ब्रांच कार्यालय लाने को नए भवन के निर्माण के प्रयास किए जा रहे हैं।
पार्किंग कांप्लेक्स भी अधर में
नगर निगम का नया भवन न बनने से जगाधरी व यमुनानगर में नगर निगम के पुराने कार्यालयों को वाहन पार्किंग कांप्लेक्स बनाने की योजना भी सिरे नहीं चढ़ पाई है। इससे दोनों शहरों में कहीं भी सरकारी स्तर पर वाहन पार्किंग की सुविधा नहीं मिल पाई है। मौजूदा समय में नगर निगम कार्यालय तीन स्थानों पर चल रहा है।
जल्द यह कार्य शुरू किया जाना है। इस संबंध में संबंधित अफसरों को दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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यमुनानगर। सीएम घोषणा के पांच साल बाद भी नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी को नया भवन नहीं मिल पाया है। हालांकि इसके लिए पंचायत भवन के पीछे गोबिंदपुरा की जमीन चिह्नित कर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने पर निर्माण के लिए शिलान्यास भी हुआ। लेकिन भवन निर्माण का विरोध कर गोबिंदपुरा के लोगों ने कोर्ट में केस डाल दिया। इससे यहां निर्माण कार्य नहीं शुरू हो सका। वहीं अफसर अन्य जगह जमीन तय नहीं कर पाए।
वर्ष-2018 में पूर्व सीएम ने नगर निगम कार्यालय के नए भवन के निर्माण कराने की घोषणा की थी। इसके निर्माण के लिए मार्च-2018 में 28.28 करोड़ की अनुमानित लागत पर टेंडर हुआ। इसके बाद पंचायत भवन के पीछे गोबिंदपुरा में लगती जमीन को नगर निगम के नए भवन के लिए चिह्नित किया गया। जहां निर्माण के लिए एक सितंबर 2018 को सीएम ने शिलान्यास भी किया, पर जमीन विवाद में यहां काम अटक गया।
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यमुनानगर का मुख्य कार्यालय रेलवे रोड पर शहीद भगत सिंह पार्क के पास है। नगर निगम का यह कार्यालय जर्जर हो चुका है और यहां पार्किंग की भी बड़ी समस्या है। दूसरा कार्यालय कन्हैया साहिब चौक समीप है, जहां इंजीनियरिंग ब्रांच व प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन करने वाले अधिकारी व कर्मचारी बैठे हैं।
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तीसरा कार्यालय जगाधरी के झंडा चौक पर है। अलग-अलग कार्यों के लिए शहरवासी एक से दूसरे कार्यालय के चक्कर लगाने पर मजबूर हैं। इसलिए नगर निगम की ओर से दोनों शहरों के बीचों-बीच एक ही छत के नीचे निगम के सभी ब्रांच कार्यालय लाने को नए भवन के निर्माण के प्रयास किए जा रहे हैं।
पार्किंग कांप्लेक्स भी अधर में
नगर निगम का नया भवन न बनने से जगाधरी व यमुनानगर में नगर निगम के पुराने कार्यालयों को वाहन पार्किंग कांप्लेक्स बनाने की योजना भी सिरे नहीं चढ़ पाई है। इससे दोनों शहरों में कहीं भी सरकारी स्तर पर वाहन पार्किंग की सुविधा नहीं मिल पाई है। मौजूदा समय में नगर निगम कार्यालय तीन स्थानों पर चल रहा है।
जल्द यह कार्य शुरू किया जाना है। इस संबंध में संबंधित अफसरों को दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।