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Yamuna Nagar News: लावारिस पशु बन रहे हादसों का कारण, शहरवासी परेशान
Sat, 28 Mar 2026 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 28 Mar 2026 01:02 AM IST
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ईएसआई अस्पताल रोड पर घूमते बेसहारा गोवंश। संवाद
- फोटो : 1
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर की सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशु अब आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। शहर की मुख्य सड़कों, बाजारों और चौक-चौराहों पर दिन-रात गोवंश का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है और हादसों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय कारोबारी जॉनी कुमार, विकास गुप्ता, संदीप व संजय का कहना है कि कई बार वाहन चालक अचानक सामने आ जाने वाले पशुओं से टकराते-टकराते बचते हैं। कुछ मामलों में दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। शहर के व्यस्त इलाकों में स्थिति ज्यादा गंभीर है। यमुनानगर-जगाधरी मार्ग, रादौर के मुख्य बाजार और साढौरा के प्रमुख चौकों पर अक्सर झुंड के रूप में पशु बैठे नजर आते हैं। इससे न केवल ट्रैफिक बाधित होता है, बल्कि राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। दुकानदारों का कहना है कि लावारिस पशु दुकान के बाहर खड़े होकर सामान को नुकसान पहुंचाते हैं और ग्राहकों को भी असुविधा होती है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार खासकर रात के समय वाहन चालकों के लिए यह स्थिति और खतरनाक हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में पशु अचानक सामने आ जाते हैं। कई वाहन चालकों ने बताया कि वे अक्सर दुर्घटना से बचने के लिए अचानक ब्रेक लगाने को मजबूर होते हैं, जिससे पीछे आ रहे वाहनों से टकराव का खतरा भी बना रहता है।
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हालांकि शहरी निकाय विभाग की रिपोर्ट में इन क्षेत्रों को गोवंश नियंत्रण की दिशा में बेहतर बताया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में प्रभावी कार्रवाई की गई होती, तो सड़कों पर इस तरह लावारिस पशु नजर नहीं आते। मेयर सुमन बहमनी का कहना है समय-समय पर गोवंशों को पकड़ कर गोशालाओं में भेजा जाता है। सड़कों पर पहले से इनकी संख्या कम हो चुकी है, दोबारा अभियान चलाएंगे।
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यमुनानगर। शहर की सड़कों पर घूम रहे लावारिस पशु अब आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बनते जा रहे हैं। शहर की मुख्य सड़कों, बाजारों और चौक-चौराहों पर दिन-रात गोवंश का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है और हादसों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय कारोबारी जॉनी कुमार, विकास गुप्ता, संदीप व संजय का कहना है कि कई बार वाहन चालक अचानक सामने आ जाने वाले पशुओं से टकराते-टकराते बचते हैं। कुछ मामलों में दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। शहर के व्यस्त इलाकों में स्थिति ज्यादा गंभीर है। यमुनानगर-जगाधरी मार्ग, रादौर के मुख्य बाजार और साढौरा के प्रमुख चौकों पर अक्सर झुंड के रूप में पशु बैठे नजर आते हैं। इससे न केवल ट्रैफिक बाधित होता है, बल्कि राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। दुकानदारों का कहना है कि लावारिस पशु दुकान के बाहर खड़े होकर सामान को नुकसान पहुंचाते हैं और ग्राहकों को भी असुविधा होती है।
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स्थानीय निवासियों के अनुसार खासकर रात के समय वाहन चालकों के लिए यह स्थिति और खतरनाक हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में पशु अचानक सामने आ जाते हैं। कई वाहन चालकों ने बताया कि वे अक्सर दुर्घटना से बचने के लिए अचानक ब्रेक लगाने को मजबूर होते हैं, जिससे पीछे आ रहे वाहनों से टकराव का खतरा भी बना रहता है।
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हालांकि शहरी निकाय विभाग की रिपोर्ट में इन क्षेत्रों को गोवंश नियंत्रण की दिशा में बेहतर बताया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में प्रभावी कार्रवाई की गई होती, तो सड़कों पर इस तरह लावारिस पशु नजर नहीं आते। मेयर सुमन बहमनी का कहना है समय-समय पर गोवंशों को पकड़ कर गोशालाओं में भेजा जाता है। सड़कों पर पहले से इनकी संख्या कम हो चुकी है, दोबारा अभियान चलाएंगे।