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Yamuna Nagar News: दिल्ली और रोहतक से मंगवाए सायरन
Sun, 11 May 2025 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 11 May 2025 12:47 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले की सभी 490 ग्राम पंचायतों में तेज आवाज वाले सायरन लगाए जाएंगे। ताकि किसी भी आपदा के समय लोगों को समय रहते अलर्ट किया जा सके। जिला प्रशासन ने 200 खरीद लिए हैं। बाकि के सायरन आज, कल में पंचायतों को सौंप दिए जाएंगे। जो सायरन आए हैं वह डीडीपीओ ने सभी खंडों के बीडीपीओ को सौंप दिए हैं। इन्हें लगाने का काम तेजी से किया जाएगा।
वैसे तो राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में 655 गांव हैं। परंतु यह गांव में 490 ग्राम पंचायतों में हैं। क्योंकि कुछ पंचायतें ऐसी हैं जो दो गांवों से मिलकर बनी हैं। इस पर सभी 655 गांवों में सायरन लगने चाहिए। परंतु प्रशासन पहले 490 ग्राम पंचायतों के लिए सायरन खरीद रही है। सबसे पहले सायरन उन गांवों में लगाए जाएंगे, जिनकी आबादी ज्यादा है।
वहीं साढौरा, बिलासपुर, प्रतापनगर, छछरौली, सरस्वतीनगर व रादौर कस्बा की आबादी ज्यादा है इसलिए इनमें दो से तीन सायरन लगाए जाएंगे ताकि सभी लोग एक साथ अलर्ट हो सकें। सायरन की आमतौर पर लोगों को जरूरत नहीं पड़ती। इसलिए इनकी ज्यादा बिक्री नहीं होती। यही वजह है कि सायरन दुकानों पर अन्य सामान की तरह आसानी से उपलब्ध नहीं है।
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इस पर प्रशासन की ओर से दिल्ली व रोहतक से सायरन खरीदे जा रहे हैं। सायरन का इस्तेमाल आमतौर पर इंडस्ट्री या फिर शैक्षणिक संस्थानों में स्टाफ एवं विद्यार्थियों को समय की सूचना देने के लिए होता है। सरकार ने जब 48 घंटे में सभी पंचायतों को सायरन लगाने के आदेश दिए तो सरपंचों को यह दुकानों से नहीं मिले। इसलिए अब इन्हें दिल्ली व अन्य जगहों से खरीदा जा रहा है।
शहर में 12 स्थानों पर लगाए सायरन
प्रशासन की तरफ से शहर में 12 सायरन स्थापित किए जा चुके है, जिनमें जिला सचिवालय, इस्जेक, पेपर मिल,शुगर मिल, रेलवे स्टेशन सहित औद्योगिक फैक्ट्रियां शामिल हैं। वहीं गांवों में मंदिर, गुरुद्वारा व मस्जिद से भी अनाउंसमेंट से लोगों को जानकारी दी जाएगी। प्रत्येक गांव में सरपंचों व प्रत्येक पार्षद के पास फर्स्ट एड किट रखी जाएगी।
सभी 490 ग्राम पंचायतों में सायरन लगाए जा रहे हैं। 200 सायरन आ गए हैं, जो बीडीपीओ को दे दिए गए हैं। पहले ज्यादा आबादी वालों में सायरन लगा रहे हैं। सायरन दिल्ली व रोहतक से मंगवाए गए हैं। बाकी कि सायरन भी जल्द ही आ जाएंगे। जब तक सभी गांवों में सायरन नहीं लग जाते तब तक वहां के मंदिर, गुरुद्वारा में लगे लाउडस्पीकर से लोगों को सूचना दी जाएगी। - नरेंद्र सिंह, डीडीपीओ, यमुनानगर।
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यमुनानगर। जिले की सभी 490 ग्राम पंचायतों में तेज आवाज वाले सायरन लगाए जाएंगे। ताकि किसी भी आपदा के समय लोगों को समय रहते अलर्ट किया जा सके। जिला प्रशासन ने 200 खरीद लिए हैं। बाकि के सायरन आज, कल में पंचायतों को सौंप दिए जाएंगे। जो सायरन आए हैं वह डीडीपीओ ने सभी खंडों के बीडीपीओ को सौंप दिए हैं। इन्हें लगाने का काम तेजी से किया जाएगा।
वैसे तो राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में 655 गांव हैं। परंतु यह गांव में 490 ग्राम पंचायतों में हैं। क्योंकि कुछ पंचायतें ऐसी हैं जो दो गांवों से मिलकर बनी हैं। इस पर सभी 655 गांवों में सायरन लगने चाहिए। परंतु प्रशासन पहले 490 ग्राम पंचायतों के लिए सायरन खरीद रही है। सबसे पहले सायरन उन गांवों में लगाए जाएंगे, जिनकी आबादी ज्यादा है।
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वहीं साढौरा, बिलासपुर, प्रतापनगर, छछरौली, सरस्वतीनगर व रादौर कस्बा की आबादी ज्यादा है इसलिए इनमें दो से तीन सायरन लगाए जाएंगे ताकि सभी लोग एक साथ अलर्ट हो सकें। सायरन की आमतौर पर लोगों को जरूरत नहीं पड़ती। इसलिए इनकी ज्यादा बिक्री नहीं होती। यही वजह है कि सायरन दुकानों पर अन्य सामान की तरह आसानी से उपलब्ध नहीं है।
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इस पर प्रशासन की ओर से दिल्ली व रोहतक से सायरन खरीदे जा रहे हैं। सायरन का इस्तेमाल आमतौर पर इंडस्ट्री या फिर शैक्षणिक संस्थानों में स्टाफ एवं विद्यार्थियों को समय की सूचना देने के लिए होता है। सरकार ने जब 48 घंटे में सभी पंचायतों को सायरन लगाने के आदेश दिए तो सरपंचों को यह दुकानों से नहीं मिले। इसलिए अब इन्हें दिल्ली व अन्य जगहों से खरीदा जा रहा है।
शहर में 12 स्थानों पर लगाए सायरन
प्रशासन की तरफ से शहर में 12 सायरन स्थापित किए जा चुके है, जिनमें जिला सचिवालय, इस्जेक, पेपर मिल,शुगर मिल, रेलवे स्टेशन सहित औद्योगिक फैक्ट्रियां शामिल हैं। वहीं गांवों में मंदिर, गुरुद्वारा व मस्जिद से भी अनाउंसमेंट से लोगों को जानकारी दी जाएगी। प्रत्येक गांव में सरपंचों व प्रत्येक पार्षद के पास फर्स्ट एड किट रखी जाएगी।
सभी 490 ग्राम पंचायतों में सायरन लगाए जा रहे हैं। 200 सायरन आ गए हैं, जो बीडीपीओ को दे दिए गए हैं। पहले ज्यादा आबादी वालों में सायरन लगा रहे हैं। सायरन दिल्ली व रोहतक से मंगवाए गए हैं। बाकी कि सायरन भी जल्द ही आ जाएंगे। जब तक सभी गांवों में सायरन नहीं लग जाते तब तक वहां के मंदिर, गुरुद्वारा में लगे लाउडस्पीकर से लोगों को सूचना दी जाएगी। - नरेंद्र सिंह, डीडीपीओ, यमुनानगर।