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दो घंटे यमुना के पुल पर खड़ी रही शालीमार एक्सप्रेस
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर।
Updated Fri, 13 Jun 2014 12:11 AM IST
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वीरवार सुबह ट्रेन यात्रियों के साथ हजारों लोगों को उस समय परेशानियों का सामना करना पड़ जब जम्मूतवी से नई दिल्ली जा रही शालीमार एक्सप्रेस ट्रेन की जगाधरी रेलवे स्टेशन के पास यमुना नहर के पुल पर रुक गई। इंजन फेल हो जाने के ट्रेन आगे नहीं बढ़ सकी।
इस कारण कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर ही रोकना पड़ा। रेलवे स्टेशन से पुल तक गाड़ी के फंस जाने के कारण जमना गली का फाटक भी बंद रहा।
इस दौरान जहां ट्रेन में सफर रहे लोगों को परेशान होना पड़ा वहीं फाटक के एक ओर से दूसरी ओर जाने वाले सैकड़ों लोग भी फंसे रहे। करीब पौने दो घंटे बाद दूसरा इंजन मंगवाकर ट्रेन को चलाया गया। इसके बाद रेल यातायात बहाल हो सका।
वीरवार सुबह जम्मूतवी से नई दिल्ली जाने वाली शालीमार एक्सप्रेस सुबह अपने निर्धारित समय से जगाधरी रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। जैसे ही ट्रेन का इंजन पश्चिमी यमुना नहर पर बने रेलवे पुल के बीच पहुंचा तो उसकी पावर फेल हो गई। इससे गाड़ी वहीं रुक गई।
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पुल और रेलवे कांटे पर ट्रेन के रुक जाने से डाउन ट्रैक पूरी तरह बाधित हो गया। इसके पीछे आ रही, लोहित एक्सप्रेस, दिल्ली-अंबाला इंटरसिटी एक्सप्रेस, अंबाला-दिल्ली पैसेंजर गाड़ी, बाड़मेर-ऋषिकेश लिंक एक्सप्रेस ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा।
इस दौरान जगाधरी रेलवे स्टेशन पर पावर न होने के कारण सहारनपुर से इंजन मंगवाया गया। लगभग दो घंटे के बाद शालीमार ट्रेन को रवाना किया गया।
नहीं मिल पाया पीने का पानी
ट्रेन रुक जाने का कारण जब यात्रियों ने जानना चाहा तो उन्होंने ट्रेन को पुल पर फंसा पाया। इस कारण वह ट्रेन से नीचे नहीं उतर पाए। गर्मी और ट्रेन के रुक जाने के कारण यात्रियों का बुरा हाल हो गया। ट्रेन में सफर कर रहे बच्चे पानी के बिलखते दिखे। लेकिन पुल पर फंसी होने के कारण न सवारियों को पानी तक न पहुंच पाए।
बंद रहा फाटक
बता दें कि जगाधरी रेलवे स्टेशन के बिल्कुल साथ ही पश्चिम यमुना नहर है जिस पर रेलवे पुल बना हुआ है। पुल और स्टेशन के बीच जमना गली रेलवे फाटक पड़ता है। प्लेटफार्म से पुल तक ट्रेन के खड़े रहे के कारण फाटक नहीं खोला जा सका। जिस कारण सैकड़ों लोग दोनों ओर फंसे रहे। काफी देर इंतजार करने के कारण लोगों ने दूसरे वैकल्पिक रास्तों का सहारा लिया।
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इस कारण कई ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर ही रोकना पड़ा। रेलवे स्टेशन से पुल तक गाड़ी के फंस जाने के कारण जमना गली का फाटक भी बंद रहा।
इस दौरान जहां ट्रेन में सफर रहे लोगों को परेशान होना पड़ा वहीं फाटक के एक ओर से दूसरी ओर जाने वाले सैकड़ों लोग भी फंसे रहे। करीब पौने दो घंटे बाद दूसरा इंजन मंगवाकर ट्रेन को चलाया गया। इसके बाद रेल यातायात बहाल हो सका।
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वीरवार सुबह जम्मूतवी से नई दिल्ली जाने वाली शालीमार एक्सप्रेस सुबह अपने निर्धारित समय से जगाधरी रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। जैसे ही ट्रेन का इंजन पश्चिमी यमुना नहर पर बने रेलवे पुल के बीच पहुंचा तो उसकी पावर फेल हो गई। इससे गाड़ी वहीं रुक गई।
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पुल और रेलवे कांटे पर ट्रेन के रुक जाने से डाउन ट्रैक पूरी तरह बाधित हो गया। इसके पीछे आ रही, लोहित एक्सप्रेस, दिल्ली-अंबाला इंटरसिटी एक्सप्रेस, अंबाला-दिल्ली पैसेंजर गाड़ी, बाड़मेर-ऋषिकेश लिंक एक्सप्रेस ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा।
इस दौरान जगाधरी रेलवे स्टेशन पर पावर न होने के कारण सहारनपुर से इंजन मंगवाया गया। लगभग दो घंटे के बाद शालीमार ट्रेन को रवाना किया गया।
नहीं मिल पाया पीने का पानी
ट्रेन रुक जाने का कारण जब यात्रियों ने जानना चाहा तो उन्होंने ट्रेन को पुल पर फंसा पाया। इस कारण वह ट्रेन से नीचे नहीं उतर पाए। गर्मी और ट्रेन के रुक जाने के कारण यात्रियों का बुरा हाल हो गया। ट्रेन में सफर कर रहे बच्चे पानी के बिलखते दिखे। लेकिन पुल पर फंसी होने के कारण न सवारियों को पानी तक न पहुंच पाए।
बंद रहा फाटक
बता दें कि जगाधरी रेलवे स्टेशन के बिल्कुल साथ ही पश्चिम यमुना नहर है जिस पर रेलवे पुल बना हुआ है। पुल और स्टेशन के बीच जमना गली रेलवे फाटक पड़ता है। प्लेटफार्म से पुल तक ट्रेन के खड़े रहे के कारण फाटक नहीं खोला जा सका। जिस कारण सैकड़ों लोग दोनों ओर फंसे रहे। काफी देर इंतजार करने के कारण लोगों ने दूसरे वैकल्पिक रास्तों का सहारा लिया।