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सरपंच के बेटे और उसके दोस्तों को चौकी पर हमला करने के आरोप में किया गिरफ्तार
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डेढ़ महीने पहले जिस सरपंच के साथ चार लाख रुपये की लूट की गई थी, उसी सरपंच के बेटे और उसके साथियों को पुलिस ने चौकी पर हमला और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। चौकी इंचार्ज एएसआई चांद राम की शिकायत पर सरपंच के बेटे समेत 10-12 युवकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करवाई गई है। रात को ही पुलिस ने गुमथला के सरपंच कृष्ण मेहता के बेटे क्षतिज, उसके साथी रोहित और योगेश को भी गिरफ्तार किया है। जिन्हें शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं सरपंच ने पुलिस पर बदले की भावना से उसके बेटे को गिरफ्तार करने समेत कई गंभीर आरोप लगाएं हैं।
चौकी इंचार्ज ने दी ये शिकायत
-एएसआई चांद राम ने अपनी शिकायत में बताया कि वीरवार रात को करीब साढ़े दस बजे वह अपने साथी कर्मचारी एचसी प्रकाश चंद के साथ चौकी में बैठकर खाना खा रहा था। उसी समय 10 से 12 लड़के जबरदस्ती चौकी के अंदर घुस गये। युवकों ने कहा कि उनका मोबाइल सड़क पर गिर गया है। जिसे मोटरसाइकिल सवार लड़के आपको देकर गये हैं। जो मैंने कहा कि कोई भी हमें मोबाइल नहीं देकर गया। इस बात पर ये सभी लड़के लड़ाई झगड़े पर उतारू हो गये और गाली गलौच करने लगे। जब इनको ऐसा करने से मना किया तो 4-5 लड़कों ने थप्पड़ मुक्के मारने शुरू कर दिए। इतना ही नहीं वर्दी भी फाड़ दी। प्रकाश चंद बीच बचाओ करने लगा तो उसके साथ भी मारपीट की गई। इन सभी ने जबरदस्ती चौकी में घुस कर न केवल सरकारी कार्य में बाधा डालकर हमारे साथ लड़ाई झगड़ा किया। उन्होंने बताया कि तीन युवकों को मौके से काबू कर लिया गया था।
झूठा फंसा रही है पुलिस : सरपंच
सरपंच कृष्ण मेहता ने आरोप लगाया कि काफी समय से पुलिस मुझे परेशान कर रही है। पुलिसवालों ने षड़यंत्र के तहत सात जून को मुझसे चार लाख रुपये भी लूट लिए थे। मुझे प्रताड़ित भी किया गया था। इन पुलिसवालों के खिलाफ डीजीपी को शिकायत दी गई थी। जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। वीरवार को डीजीपी द्वारा गठित एसआईटी भी जांच के लिए आई थी। मैंने सारे तथ्य उन्हें सौंप दिए हैं। इसी के चलते पुलिस मुझे व मेरे परिवार वालों को परेशान कर रही है। मुझे बार बार धमकी भी दी जा रही है। मेरा बेटा चौकी में तो गया था, लेकिन वह पीछे खड़ा था। चौकी इंचार्ज द्वारा लगाएं गए सभी आरोप बिल्कुल झूठे हैं। हम पुलिस की ज्यादती के खिलाफ फिर से डीजीपी से मिलेंगे और कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएं।
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सरपंच से हुई थी लूट
सरपंच कृष्ण मेहता ने शिकायत में कहा कि डीएसपी के गनमैन ने उसे 10 लाख रुपए किसी को ब्याज पर देने की बात कहीं थी। सात जून की सुबह पौने 11 बजे डीएसपी के गनमैन ने उसे मॉडल टाउन मार्केट में बुलाया। जहां पर गनमैन अपने एक अन्य साथी के साथ खड़ा हुआ था। उसने 4 लाख की पेमेंट लेकर अपनी स्कूटी की डिग्गी में रख लिए। जिसके बाद वह गुमथला में स्थित अपने मेहता फिलिंग स्टेशन के लिए निकला। साढ़े 11 बजे फिलिंग स्टेशन से 200 मीटर दूर ही बाइक सवार दो बाइक सवारों ने चाकू दिखा चार लाख रुपए लूट लिए। उसने जठलाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची और उसे इलाज के बहाने सीआईए यमुनानगर ले जाया गया। जहां पर उसे व उसके बेटे को मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया। पुलिस ने जबरन कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवाए और मामला रफा-दफा करने के लिए फर्जी करार दे दिया। इसके बाद उसके विरुद्ध कार्रवाई न करने व मामले को रफा दफा करने के लिए हवलदार राजीव आया और डेढ़ लाख रुपये की डिमांड कर कहा कि यह पैसे सीआईए वालों ने मंगवाएं हैं। पैसे एसपी व डीएसपी को देने हैं। इसकी शिकायत सरपंच ने डीजीपी को की थी। जिसके बाद जठलाना थाने के तत्कालीन एसएचओ ओमप्रकाश, सीआईए वन इंचार्ज महावीर सिंह, रादौर डीएसपी के गनमैन जयपाल, पुलिसकर्मी राजीव समेत नौ पुलिसवालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
दिन में जांच के लिए आई थी एसआईटी
सरपंच से लूट के मामले में डीजीपी की तरफ से गठित एसआईटी की टीम अंबाला के डीएसपी सुमित सहगल के नेतृत्व में जठलाना आई थी। जांच टीम ने डेढ घंटे तक सरपंच से पूछताछ की और केस से संबंधित ऑडियो और विडियो क्लिप ली। बताया जा रहा है कि इस दौरान जठलाना थाना प्रभारी पृथ्वी सिंह भी मौजूद थे, लेकिन सरपंच ने जांच के दौरान उनकी मौजूदगी को लेकर विरोध किया था। जिस पर जांच अधिकारी ने एसएचओ को बाहर भेज दिया था। सरपंच का आरोप है कि सारे पुलिसवाले आपस में कनेक्टेड हैं और मिलकर परेशान कर रहे हैं।
अवैध खनन और अवैध पुल रोकने के लिए बनाई थी चौकी
जठलाना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों का आवागमन होता है। इन पर अंकुश लगाने के लिए जठलाना गांव में अस्थाई पुलिस चौकी बनाई गई है। पुलिस को यमुना पर खनन ठेकेदारों द्वारा बनाएं जाने वाले अवैध पुलों को भी रोकना है। इस संबंध में कोर्ट की तरफ से निगरानी के आदेश हैं। इसी के मद्देनजर एसपी की तरफ से यहां चौबीस घंटे पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। हालांकि पुलिस टीम पर यह पहला हमला नहीं है। जिले में जहां-जहां भी अवैध खनन होता है, वहां कई बार पुलिस और अन्य प्रशासनिक टीमों पर हमले हो चुके हैं। हालांकि आरोप ये भी है कि सुविधा शुल्क लेकर यहां धड़ल्ले से ओवरलोड ट्रकों को निकाला जाता है।
सरपंच और जठलाना के कुछ लोग लिखित में शिकायत देकर गए हैं। उनका कहना है कि जठलाना पुलिस उनके साथ गलत कर रही है। डीएसपी स्तर के अधिकारी जांच सौंपी है। सरपंच से लूट के मामले की जांच पहले से एसआईटी कर रही है।
कुलदीप सिंह यादव, एसपी, यमुनानगर
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चौकी इंचार्ज ने दी ये शिकायत
-एएसआई चांद राम ने अपनी शिकायत में बताया कि वीरवार रात को करीब साढ़े दस बजे वह अपने साथी कर्मचारी एचसी प्रकाश चंद के साथ चौकी में बैठकर खाना खा रहा था। उसी समय 10 से 12 लड़के जबरदस्ती चौकी के अंदर घुस गये। युवकों ने कहा कि उनका मोबाइल सड़क पर गिर गया है। जिसे मोटरसाइकिल सवार लड़के आपको देकर गये हैं। जो मैंने कहा कि कोई भी हमें मोबाइल नहीं देकर गया। इस बात पर ये सभी लड़के लड़ाई झगड़े पर उतारू हो गये और गाली गलौच करने लगे। जब इनको ऐसा करने से मना किया तो 4-5 लड़कों ने थप्पड़ मुक्के मारने शुरू कर दिए। इतना ही नहीं वर्दी भी फाड़ दी। प्रकाश चंद बीच बचाओ करने लगा तो उसके साथ भी मारपीट की गई। इन सभी ने जबरदस्ती चौकी में घुस कर न केवल सरकारी कार्य में बाधा डालकर हमारे साथ लड़ाई झगड़ा किया। उन्होंने बताया कि तीन युवकों को मौके से काबू कर लिया गया था।
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झूठा फंसा रही है पुलिस : सरपंच
सरपंच कृष्ण मेहता ने आरोप लगाया कि काफी समय से पुलिस मुझे परेशान कर रही है। पुलिसवालों ने षड़यंत्र के तहत सात जून को मुझसे चार लाख रुपये भी लूट लिए थे। मुझे प्रताड़ित भी किया गया था। इन पुलिसवालों के खिलाफ डीजीपी को शिकायत दी गई थी। जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। वीरवार को डीजीपी द्वारा गठित एसआईटी भी जांच के लिए आई थी। मैंने सारे तथ्य उन्हें सौंप दिए हैं। इसी के चलते पुलिस मुझे व मेरे परिवार वालों को परेशान कर रही है। मुझे बार बार धमकी भी दी जा रही है। मेरा बेटा चौकी में तो गया था, लेकिन वह पीछे खड़ा था। चौकी इंचार्ज द्वारा लगाएं गए सभी आरोप बिल्कुल झूठे हैं। हम पुलिस की ज्यादती के खिलाफ फिर से डीजीपी से मिलेंगे और कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएं।
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सरपंच से हुई थी लूट
सरपंच कृष्ण मेहता ने शिकायत में कहा कि डीएसपी के गनमैन ने उसे 10 लाख रुपए किसी को ब्याज पर देने की बात कहीं थी। सात जून की सुबह पौने 11 बजे डीएसपी के गनमैन ने उसे मॉडल टाउन मार्केट में बुलाया। जहां पर गनमैन अपने एक अन्य साथी के साथ खड़ा हुआ था। उसने 4 लाख की पेमेंट लेकर अपनी स्कूटी की डिग्गी में रख लिए। जिसके बाद वह गुमथला में स्थित अपने मेहता फिलिंग स्टेशन के लिए निकला। साढ़े 11 बजे फिलिंग स्टेशन से 200 मीटर दूर ही बाइक सवार दो बाइक सवारों ने चाकू दिखा चार लाख रुपए लूट लिए। उसने जठलाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची और उसे इलाज के बहाने सीआईए यमुनानगर ले जाया गया। जहां पर उसे व उसके बेटे को मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया। पुलिस ने जबरन कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवाए और मामला रफा-दफा करने के लिए फर्जी करार दे दिया। इसके बाद उसके विरुद्ध कार्रवाई न करने व मामले को रफा दफा करने के लिए हवलदार राजीव आया और डेढ़ लाख रुपये की डिमांड कर कहा कि यह पैसे सीआईए वालों ने मंगवाएं हैं। पैसे एसपी व डीएसपी को देने हैं। इसकी शिकायत सरपंच ने डीजीपी को की थी। जिसके बाद जठलाना थाने के तत्कालीन एसएचओ ओमप्रकाश, सीआईए वन इंचार्ज महावीर सिंह, रादौर डीएसपी के गनमैन जयपाल, पुलिसकर्मी राजीव समेत नौ पुलिसवालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
दिन में जांच के लिए आई थी एसआईटी
सरपंच से लूट के मामले में डीजीपी की तरफ से गठित एसआईटी की टीम अंबाला के डीएसपी सुमित सहगल के नेतृत्व में जठलाना आई थी। जांच टीम ने डेढ घंटे तक सरपंच से पूछताछ की और केस से संबंधित ऑडियो और विडियो क्लिप ली। बताया जा रहा है कि इस दौरान जठलाना थाना प्रभारी पृथ्वी सिंह भी मौजूद थे, लेकिन सरपंच ने जांच के दौरान उनकी मौजूदगी को लेकर विरोध किया था। जिस पर जांच अधिकारी ने एसएचओ को बाहर भेज दिया था। सरपंच का आरोप है कि सारे पुलिसवाले आपस में कनेक्टेड हैं और मिलकर परेशान कर रहे हैं।
अवैध खनन और अवैध पुल रोकने के लिए बनाई थी चौकी
जठलाना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों का आवागमन होता है। इन पर अंकुश लगाने के लिए जठलाना गांव में अस्थाई पुलिस चौकी बनाई गई है। पुलिस को यमुना पर खनन ठेकेदारों द्वारा बनाएं जाने वाले अवैध पुलों को भी रोकना है। इस संबंध में कोर्ट की तरफ से निगरानी के आदेश हैं। इसी के मद्देनजर एसपी की तरफ से यहां चौबीस घंटे पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। हालांकि पुलिस टीम पर यह पहला हमला नहीं है। जिले में जहां-जहां भी अवैध खनन होता है, वहां कई बार पुलिस और अन्य प्रशासनिक टीमों पर हमले हो चुके हैं। हालांकि आरोप ये भी है कि सुविधा शुल्क लेकर यहां धड़ल्ले से ओवरलोड ट्रकों को निकाला जाता है।
सरपंच और जठलाना के कुछ लोग लिखित में शिकायत देकर गए हैं। उनका कहना है कि जठलाना पुलिस उनके साथ गलत कर रही है। डीएसपी स्तर के अधिकारी जांच सौंपी है। सरपंच से लूट के मामले की जांच पहले से एसआईटी कर रही है।
कुलदीप सिंह यादव, एसपी, यमुनानगर