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संजीव राजपूत की चांदी की जीत से सब खुश

Wed, 30 Jul 2014 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर Updated Wed, 30 Jul 2014 12:18 AM IST
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Sanjeev rajput won silver in glassgow commonwealth
ग्लासगो में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों में थ्री पॉजीशन राइफल शूटिंग स्पर्धा में यमुनानगर जिले के शूटर संजीव राजपूत ने रजत पदक हासिल किए।
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जगाधरी निवासी और नेवी में अफसर संजीव राजपूत ने थ्री पॉजीशन राईफल शूटिंग की 50 मीटर स्पर्धा में यह कामयाबी हासिल की।

यह समाचार मिलते ही उनके घर में बधाई देने वालों का तांता लग गया। संजीव को यह कामयाबी मिलने से घर में खुशी का माहौल है।

उनके पिता कृष्णलाल राजपूत ने बताया कि उनके मोबाइल पर फरीदाबाद, पंजाब सहित कई जगहों से बधाई देने के लिए लगातार फोन कॉल आ रहे हैं।

मंगलवार को परिवार के लोग और जिले के लोगों ने संजीव के जीत के लिए पूजा-अर्चना की। उनका खेल देखने के लिए लोग टीवी से चिपके रहे।

स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में 23 जुलाई से कॉमनवेल्थ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें जगाधरी निवासी और नेवी में अफसर संजीव राजपूत थ्री पॉजीशन राइफल शूटिंग की 50 मीटर स्पर्धा में हिस्सा पहुंचे थे।

संजीव की कामयाबी के लिए घर पर पिता कृष्ण लाल राजपूत, मां उषा रानी, भाई मनोज कुमार, बहन ललिता मल्होत्रा, जीजा सुमेश मल्होत्रा संजीव के मेडल जीतने की दुआएं कर रहे थे। साथ ही जिले के लोगों की भी संजीव से मेडल लाने की आस बंधी हुई थी।
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नेवी में आने पर बढ़ी रुचि
संजीव राजपूत का जन्म पांच जनवरी 1981 में हुआ था। मध्यवर्गीय परिवार में जन्मे संजीव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जगाधरी के एसडी पब्लिक स्कूल में शुरू की और वहां 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद महज 22 की उम्र में उनका चयन इंडियन नेवी में हो गया।
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यहीं से शूटिंग को लेकर उनकी रचि बढ़ने लगी और उन्होंने इस स्पर्धा में अपनी किस्मत आजमाने का मन बना लिया। अचूक निशानेबाजी के दम पर सफलता के शिखर पर संजीव बढ़ते चले गए।

संजीव ने 2004 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान में आयोजित हुए सैफ खेलों में हिस्सा लिया। जिसमें उन्होंने तीन गोल्ड से खाता खोला, जिस पर पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ ने उन्हें बधाई भी दी थी।

 इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संजीव कई कीर्तिमान हासिल करते चले गए। अब तक कुल मिलाकर संजीव 100 से अधिक गोल्ड, 35 सिलवर, 50 ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं।



राष्ट्रपति ने भी किया था सम्मानित
इंडियन नेवी में सर्विस के साथ-साथ कई राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं के बाद राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर यूं तो कई मेडल व अवार्ड अपनी झोली में किए। लेकिन 29 अगस्त, 2010 को 29 की उम्र में संजीव ने ऐसा मुकाम हासिल किया, जिसके बारे में उन्होंने महज सपने में कल्पना ही की होगी। जिले से पहली बार किसी को देश के सम्मान अर्जुन अवार्ड तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के हाथों मिला। जिसके बाद से यमुनानगर में शूटर संजीव राजपूत यूथ आईकन के रूप में उभरते चले गए।
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