फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Sadhus and saints took Rajshri bath in Kapalmochan Sarovar

Yamuna Nagar News: कपालमोचन सरोवर में साधु-संतों ने किया राजश्री स्नान

Wed, 13 Nov 2024 02:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 13 Nov 2024 02:13 AM IST
विज्ञापन
Sadhus and saints took Rajshri bath in Kapalmochan Sarovar
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

बिलासपुर। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर कपालमोचन में लगने वाले मेले में लाखों श्रद्धालु स्नान कर मोक्ष की कामना करते हैं। मंगलवार को एकादशी पर साधु प्रवेश एवं राजश्री स्नान के बाद मेला विधिवत रूप से शुरू हो गया। श्री षट दर्शन साधु समाज एकता मंडल के तत्वाधान में साधुओं ने कपालमोचन के पवित्र सरोवरों में स्नान किया।
साधुओं के स्नान के बाद सरोवरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। स्नान के दौरान साधुओं ने सरोवरों में जय श्री राम, सनातन धर्म के जयकारे लगाए। इस बार शोभा यात्रा बिलासपुर से आरंभ न करके कपालमोचन से शुरू की गई। भारतीय रक्षा संत समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत राम स्वरूप ब्रह्मचारी की अध्यक्षता में सबसे पहले सुबह श्री खेड़ा मंदिर बिलासपुर से पवित्र ज्योति प्रज्ज्वलित करके शोभायात्रा में शामिल किया गया।
विज्ञापन

शोभायात्रा बैंड बाजों के साथ शुरू होकर कपालमोचन मार्ग , उधम सिंह चौंक, गुर्जर धर्मशाला, कांबोज धर्मशाला, कश्यप धर्मशाला से होते हुए पालकी को उठाए साधु, संत कपालमोचन सरोवर में पहुंचे। शोभायात्रा का जगह-जगह लोगों व श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। साधुओं ने सबसे पहले कपालमोचन सरोवर, ऋणमोचन सरोवर व सूरजकुंड सरोवर पर स्नान किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

समिति द्वारा एक दशक से भी अधिक समय से इसी तरह राजसी स्नान के साथ कपालमोचन मेले की शुरुआत की जा रही है। महंत राम स्वरूप ने बताया कि जिस तरह से कुंभ मेले की शुरुआत साधुओं के स्नान के बाद होती है, उसी तरह कपालमोचन मेले का शुभारंभ साधु प्रवेश राजसी स्नान के साथ किया जाता है।
संत एकादशी पर पहला स्नान इसलिए करते हैं क्योंकि साधु अपनी जिंदगी में जो तप करते हैं, स्नान करने से उस तप की शक्तियां सरोवरों के पानी में मिल जाती हैं। इससे इन सरोवरों में स्नान करने का महत्व ओर भी ज्यादा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि कपालमोचन का न सिर्फ हरियाणा बल्कि पूरे देश में अपना अलग महत्व है।

कपालमोचन ऋषि मुनि व तपस्वियों की धरती रही हैं। साधु संतों के अलावा भगवान शिव, श्रीराम, पांडवों, गुरु नानक देव, गुरु रविदास जी व गुरु गोबिंद सिंह ने यहां पर कदम रख कर इस धरती को पवित्र किया है। राजसी स्नान करने वालों में ब्रह्मचारी राम स्वरूप, महंत बुध नाथ, महंत सुनील दास, महंत नित्यानंद, पंडित मनोज शर्मा, सहित अनेक साधु संत ,महात्मा व श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed