{"_id":"6a5bc9046e347b4b900f5d84","slug":"rural-women-are-becoming-self-reliant-through-self-employment-yamuna-nagar-news-c-246-1-ymn1001-159746-2026-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बन रहीं ग्रामीण महिलाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बन रहीं ग्रामीण महिलाएं
Sun, 19 Jul 2026 12:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 19 Jul 2026 12:12 AM IST
विज्ञापन
सीएससी सेंटर में महिला के फिंगरप्रिंट स्कैन करवाती शमीम। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले की ग्रामीण महिलाएं अब केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं। महिलाएं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर सशक्तीकरण की मिसाल पेश कर रही हैं।
डिजिटल सेवाओं के साथ-साथ छोटे-छोटे उद्यमों के जरिए वे न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सरकारी योजनाओं और ऑनलाइन सुविधाओं का लाभ भी दिला रही हैं। इससे गांवों में महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सुनीता, ममता चौराही, संधाय की शमीम, तिगरा की सोनिया सहित कई महिलाएं सीएससी संचालित कर रही हैं। इनके माध्यम से ग्रामीणों को आधार कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, पेंशन, बिजली बिल जमा, बैंकिंग सेवाएं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ी ऑनलाइन सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं। इससे ग्रामीणों को शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, वहीं महिलाओं की नियमित आय का भी स्रोत बना है।
विज्ञापन
इसके अलावा अनेक महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, डेयरी, मशरूम उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य लघु उद्योगों से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। सफल महिलाएं अपने अनुभव साझा कर अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
सीएससी के जिला प्रबंधक नितिन शर्मा ने बताया कि डिजिटल सेवाओं के विस्तार से ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। आज महिलाएं गांवओँ लोगों को ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और ग्रामीणों को भी समय पर सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि अनेक शिक्षित महिलाएं जानकारी के अभाव में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पातीं है। उन्हें आगे आकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों और कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है। उन्हें प्रशिक्षण, बैंक ऋण और विपणन सहायता उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।
विज्ञापन
यमुनानगर। जिले की ग्रामीण महिलाएं अब केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं। महिलाएं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर सशक्तीकरण की मिसाल पेश कर रही हैं।
डिजिटल सेवाओं के साथ-साथ छोटे-छोटे उद्यमों के जरिए वे न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सरकारी योजनाओं और ऑनलाइन सुविधाओं का लाभ भी दिला रही हैं। इससे गांवों में महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्रों में सुनीता, ममता चौराही, संधाय की शमीम, तिगरा की सोनिया सहित कई महिलाएं सीएससी संचालित कर रही हैं। इनके माध्यम से ग्रामीणों को आधार कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, पेंशन, बिजली बिल जमा, बैंकिंग सेवाएं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ी ऑनलाइन सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं। इससे ग्रामीणों को शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते, वहीं महिलाओं की नियमित आय का भी स्रोत बना है।
विज्ञापन
इसके अलावा अनेक महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, डेयरी, मशरूम उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य लघु उद्योगों से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। सफल महिलाएं अपने अनुभव साझा कर अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
सीएससी के जिला प्रबंधक नितिन शर्मा ने बताया कि डिजिटल सेवाओं के विस्तार से ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। आज महिलाएं गांवओँ लोगों को ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और ग्रामीणों को भी समय पर सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि अनेक शिक्षित महिलाएं जानकारी के अभाव में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पातीं है। उन्हें आगे आकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों और कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है। उन्हें प्रशिक्षण, बैंक ऋण और विपणन सहायता उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।

सीएससी सेंटर में महिला के फिंगरप्रिंट स्कैन करवाती शमीम। स्वयं