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पचास हजार क्यूसेक तक उफनी यमुना, शाम को घटा जलस्तर
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर
Updated Sun, 12 Jul 2015 12:14 AM IST
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शुक्रवार रात से हो रही बरसात से यमुना नदी का जलस्तर भी बढ़ गया। हालांकि यह बाढ़ के स्तर से नीचे रहा। शनिवार को यमुना का अधिकतम जलस्तर सुबह 10 बजे 50187 क्यूसेक रहा। इसके बाद जलस्तर नीचे गिरता चला गया। सिंचाई विभाग के मुताबिक शनिवार तड़के से ही यमुना का जलस्तर बढ़ने लगा।
हथिनी कुंड बैराज पर सुबह पांच बजे जलस्तर 28986 क्यूसेक रिकार्ड किया गया, जो आठ बजे तक 33338 क्यूसेक पर पहुंच गया। दस बजे तक जलस्तर 50187 क्यूसेक पर पहुंच गया। इसके बाद यमुना में पानी घटना शुरू हो गया। शाम पांच बजे यमुना में 31933 क्यूसेक और रात सात बजे 28893 क्यूसेक रह गया। अधिकारियों के मुताबिक पहाड़ों पर यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में थोड़ी बारिश हुई है।
यमुना का जलस्तर खिजराबाद और आसपास हुई बारिश से बढ़ा है। गौरतलब है कि नदी में जलस्तर 70 हजार क्यूसेक पर पहुंचने पर यह लो फ्लड की श्रेणी में आ जाता है। इस स्तर पर हथिनी कुंड बैराज से पश्चिमी और पूर्वी यमुना नहर के गेट बंद कर दिए जाते हैं और बैराज से सारा पानी यमुना नदी में जाने लगता है।
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जलस्तर बढ़ने से अधिकारी हुए सतर्क
रादौर। शनिवार को हुई भारी बरसात के बाद यमुना नदी में छोड़े गए पानी से ग्रामीण चिंतामग्न हो गए हैं। हालांकि अभी नदी बाढ़ के स्तर से नीचे बह रही है। एहतियात के लिए यमुना किनारे बसे गांव की दीवारों पर पंचायतों की ओर से बाढ़ नियंत्रण कक्ष व बीडीपीओ रादौर के मोबाइल नंबर लिखवा दिए गए हैं ताकि बाढ़ आने पर अधिकारियों को सूचित किया जा सके।
यमुना की स्थिति का जायजा लेने के लिए शनिवार को एसडीएम जगाधरी प्रेम सिंह ने यमुना नदी के गुमथला व लाल छप्पर घाटों का दौरा किया। एसडीएम ने अधिकारियों व कर्मचारियों को यमुना की स्थिति पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। एसडीएम प्रेम सिंह ने बताया कि यमुना मेें छोड़े गए पानी से फिलहाल कोई खतरे वाली बात नहीं है। यमुना नदी में पानी खतरे के निशान से काफी नीचे है। यमुना की स्थिति पर नजर रखने के लिए कर्मचारियों की टीमें गठित की गई हैं जो 24 घंटे स्थिति पर नजर रखेंगी।
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हथिनी कुंड बैराज पर सुबह पांच बजे जलस्तर 28986 क्यूसेक रिकार्ड किया गया, जो आठ बजे तक 33338 क्यूसेक पर पहुंच गया। दस बजे तक जलस्तर 50187 क्यूसेक पर पहुंच गया। इसके बाद यमुना में पानी घटना शुरू हो गया। शाम पांच बजे यमुना में 31933 क्यूसेक और रात सात बजे 28893 क्यूसेक रह गया। अधिकारियों के मुताबिक पहाड़ों पर यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में थोड़ी बारिश हुई है।
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यमुना का जलस्तर खिजराबाद और आसपास हुई बारिश से बढ़ा है। गौरतलब है कि नदी में जलस्तर 70 हजार क्यूसेक पर पहुंचने पर यह लो फ्लड की श्रेणी में आ जाता है। इस स्तर पर हथिनी कुंड बैराज से पश्चिमी और पूर्वी यमुना नहर के गेट बंद कर दिए जाते हैं और बैराज से सारा पानी यमुना नदी में जाने लगता है।
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जलस्तर बढ़ने से अधिकारी हुए सतर्क
रादौर। शनिवार को हुई भारी बरसात के बाद यमुना नदी में छोड़े गए पानी से ग्रामीण चिंतामग्न हो गए हैं। हालांकि अभी नदी बाढ़ के स्तर से नीचे बह रही है। एहतियात के लिए यमुना किनारे बसे गांव की दीवारों पर पंचायतों की ओर से बाढ़ नियंत्रण कक्ष व बीडीपीओ रादौर के मोबाइल नंबर लिखवा दिए गए हैं ताकि बाढ़ आने पर अधिकारियों को सूचित किया जा सके।
यमुना की स्थिति का जायजा लेने के लिए शनिवार को एसडीएम जगाधरी प्रेम सिंह ने यमुना नदी के गुमथला व लाल छप्पर घाटों का दौरा किया। एसडीएम ने अधिकारियों व कर्मचारियों को यमुना की स्थिति पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। एसडीएम प्रेम सिंह ने बताया कि यमुना मेें छोड़े गए पानी से फिलहाल कोई खतरे वाली बात नहीं है। यमुना नदी में पानी खतरे के निशान से काफी नीचे है। यमुना की स्थिति पर नजर रखने के लिए कर्मचारियों की टीमें गठित की गई हैं जो 24 घंटे स्थिति पर नजर रखेंगी।