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Yamuna Nagar News: अराइयांवाला में हाथियों का उत्पात जारी, फसलें रौंदी
Thu, 17 Sep 2026 02:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 17 Sep 2026 02:47 AM IST
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अराइयांवाला में हाथियों द्वारा नष्ट की गई फसल को दिखाते किसान। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। जंगल की तलहटी में बसे अराइयांवाला गांव में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। आए दिन जंगली हाथी जंगल से निकलकर मैदानी क्षेत्र में स्थित किसानों के खेतों में पहुंच रहे हैं। वे खड़ी फसलों को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों में चिंता का माहौल है।
किसान मदन राणा, पप्पू राणा, रिंकू राणा और राजकुमार राणा ने अपनी परेशानी बताई। उनके अनुसार, जंगल की तलहटी में खेती करना और फसल की रखवाली करना उनके लिए जी का जंजाल बन गया है। किसान करीब छह महीने तक फसल को अपने बच्चों की तरह पालते हैं। खेतों में दिन-रात मेहनत करने के बाद जब फसल तैयार होने के करीब पहुंचती है, तो जंगली हाथियों के झुंड खेतों में घुस जाते हैं।
वे कुछ ही समय में किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर देते हैं। इससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जंगली हाथियों के खेतों में आने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाथियों के डर से किसानों को रात के समय भी खेतों की रखवाली करनी पड़ती है। इस कारण उनकी परेशानी और भी बढ़ गई है।
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प्रतापनगर। जंगल की तलहटी में बसे अराइयांवाला गांव में जंगली हाथियों का उत्पात लगातार जारी है। आए दिन जंगली हाथी जंगल से निकलकर मैदानी क्षेत्र में स्थित किसानों के खेतों में पहुंच रहे हैं। वे खड़ी फसलों को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों में चिंता का माहौल है।
किसान मदन राणा, पप्पू राणा, रिंकू राणा और राजकुमार राणा ने अपनी परेशानी बताई। उनके अनुसार, जंगल की तलहटी में खेती करना और फसल की रखवाली करना उनके लिए जी का जंजाल बन गया है। किसान करीब छह महीने तक फसल को अपने बच्चों की तरह पालते हैं। खेतों में दिन-रात मेहनत करने के बाद जब फसल तैयार होने के करीब पहुंचती है, तो जंगली हाथियों के झुंड खेतों में घुस जाते हैं।
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वे कुछ ही समय में किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर देते हैं। इससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। जंगली हाथियों के खेतों में आने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाथियों के डर से किसानों को रात के समय भी खेतों की रखवाली करनी पड़ती है। इस कारण उनकी परेशानी और भी बढ़ गई है।
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