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खुले में जलता कूड़ा बढ़ा रहा प्रदूषण, एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 26 Oct 2019 01:00 AM IST
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pollution burning in the open
छोटी दिवाली की पूर्व संध्या पर यमुनानगर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार पहुंच गया है। टिवनसिटी से ज्यादा प्रदेश में केवल पानीपत की हवा खराब है। जहां एआईक्यू 313 क्यूबेक प्रतिघन मीटर है। शहर में जगह-जगह खुले में आग लगाई जा रही है।
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इतना ही नहीं नगर निगम के कूड़ा कलेक्शन प्वाइंट भी आग के हवाले हैं। शाम को यहां आग लगा दी जाती है। जिससे देर रात के वक्त प्रदूषण का लेवल खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है। खुले में जलता कूड़ा, रेंगता ट्रैफिक और अनियंत्रित कंस्ट्रक्शन प्रदूषण बढ़ाने के प्रमुख कारणों में शामिल है। इसके बावजूद जिम्मेदार कोई कदम नहीं उठा रहे, जिससे शहर की हवा जहरीली होती जा रही है। जानकारों का कहना है कि दिवाली पर प्रदूषण का स्तर अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ सकता है।
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बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल ने ओपन एरिया में आग लगाने पर बैन किया हुआ है। इसके बावजूद भी शहर में आग लगाना आम बात है। सजा या जुर्माना नहीं लगने से लोग एनजीटी के आदेश को गम्भीर रूप से नहीं लेते हैं। शाम के वक्त प्यारा चौक पर नगर निगम के डस्टबीन के बाहर पड़े कूड़े के ढेर में अक्सर आग लगा दी जाती है। जिसके चलते सारे इलाके में धुआं फैल जाता है और यहां से गुजरने वाले लोगों को भी इसका सामना करना पड़ता है।
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जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एडवाइजरी जारी करने की तैयारी में है, लेकिन यह स्थिति बीते वर्ष भी थी। कुछ दिन तक प्रयास हुए फिर हालत जस की तस हो गई। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक मानक से कई गुणा अधिक खतरनाक स्थिति दिखा रहा है। अगर एडवाइजरी का सही तरह से पालन किया जाता तो मौजूदा वर्ष सांसों पर भारी नहीं पड़ता।
हवा के खतरनाक अंश
-हवा में पर्टिकुलेट मैटर (पीएम 2.5), कार्बन डाईऑक्साइड (सीओटू), कार्बन मोनोऑक्साइड (सीओ), सल्फर डाईऑक्साइड (एसओटू), नाइट्रोजन डाईऑक्साइड (एनओटू) का स्तर बढ़ता ही जा रहा है। शहर की कई सड़कें खस्ताहाल हैं। उन पर वाहन चलने की वजह से धूल का गुबार उड़ता है। साथ ही निर्माण कार्यों से उड़ती हुई धूल भी प्रदूषण बढ़ाने में सहायक है।
खुले में ढोई जा रही निर्माण सामग्री
-शहर में रोक के बावजूद खुले में निर्माण सामग्री ढोई जा रही है। बिल्डिंग मैटीरियल भी खुले में रखे हैं। तेज हवा चलने या फिर उसे लादने वाले ट्रक, ट्रैक्टर और डंपर में झटका लगने से निर्माण सामग्री हवा में उड़ती है।
सांस लेना हो जाएगा दूभर
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो टिवनसिटी में सांस लेना भी दूभर होगा और आम नागरिक को भी सांस, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचने के लिए सभी को मॉस्क लगाकर चलना पड़ेगा। उन्होंने इन बीमारियों से पीड़ित लोगों को मास्क लगाकर घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।

सभी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी समझनी होगी। कोई कूड़ा जला रहा है तो इसकी सूचना तुरंत दें ताकि संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके। नगर निगम के सफाईकर्मी भी कूड़ा न जलाएं यह सुनिश्चित कराएंगे। -निर्मल कश्यप, रीजनल ऑफिसर, राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड
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