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बौद्ध विहार में आकर लोग पा सकते मन की शांति : केबली
Mon, 10 Feb 2025 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 10 Feb 2025 01:00 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। गांव रामपुर गैंडा में बौद्ध मठ अरण्य संघराम बुद्ध विहार में कल्याण मित्र गृह का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर अजान केबली ने कहा कि बौद्ध विहार का मुख्य उद्देश्य भगवान बुद्ध की शिक्षाओं का प्रसार करना है। यहां जो भी आएगा, वो अपने मन की शांति का स्थापना कर सकता है।
उन्होंने कहा कहा बौद्ध भिक्षुओं की वन्य परंपरा के अनुसार किसी धर्म, समुदाय व संप्रदाय को हराना नहीं है। भिक्षुओं के पास ऐसी प्राचीन शिक्षा उपलब्ध है जिसके द्वारा हमारा मन शुद्ध हो सके।
यह शिक्षा प्रणाली है। इसे शिक्षा प्रणाली की तरह देखा जाए। जो लोग चाहते हैं कि अपने मन को शांत करें, सकारात्मक रहें, बौद्ध शिक्षा के माध्यम से कर सकते हैं।बौद्ध शिक्षा के माध्यम से चित का परिवर्तन होना है। मानव का परिवर्तन नहीं होता है। शिवालिक क्षेत्र में बौद्ध विहार की स्थापना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों सहित आसपास के लोगों के मन व चित को शांत करना है। शिवालिक की पहाड़ियां पावन जगह है। दो हजार साल पहले यहां इस प्रकार के बौद्ध विहार रहे होंगे, जिसके अवशेष यहां से तीन किलोमीटर दूर मिले हैं।
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थाईलैंड के लोगों में भारत को लेकर कृतज्ञता का भाव है। क्योंकि भारत ही बौद्ध धर्म की शिक्षा की जननी रही है। दोनों देशों की संस्कृति में आपसी सामंजस्य है। अरण्य संघराम बुद्ध विहार पहला कल्याण मित्र गृह के उद्घाटन पर इंग्लैंड, जर्मन, नेपाल, भारत, थाईलैंड सहित अनेक देशों से लोग पहुंचे हैं।
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व्यासपुर। गांव रामपुर गैंडा में बौद्ध मठ अरण्य संघराम बुद्ध विहार में कल्याण मित्र गृह का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर अजान केबली ने कहा कि बौद्ध विहार का मुख्य उद्देश्य भगवान बुद्ध की शिक्षाओं का प्रसार करना है। यहां जो भी आएगा, वो अपने मन की शांति का स्थापना कर सकता है।
उन्होंने कहा कहा बौद्ध भिक्षुओं की वन्य परंपरा के अनुसार किसी धर्म, समुदाय व संप्रदाय को हराना नहीं है। भिक्षुओं के पास ऐसी प्राचीन शिक्षा उपलब्ध है जिसके द्वारा हमारा मन शुद्ध हो सके।
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यह शिक्षा प्रणाली है। इसे शिक्षा प्रणाली की तरह देखा जाए। जो लोग चाहते हैं कि अपने मन को शांत करें, सकारात्मक रहें, बौद्ध शिक्षा के माध्यम से कर सकते हैं।बौद्ध शिक्षा के माध्यम से चित का परिवर्तन होना है। मानव का परिवर्तन नहीं होता है। शिवालिक क्षेत्र में बौद्ध विहार की स्थापना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों सहित आसपास के लोगों के मन व चित को शांत करना है। शिवालिक की पहाड़ियां पावन जगह है। दो हजार साल पहले यहां इस प्रकार के बौद्ध विहार रहे होंगे, जिसके अवशेष यहां से तीन किलोमीटर दूर मिले हैं।
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थाईलैंड के लोगों में भारत को लेकर कृतज्ञता का भाव है। क्योंकि भारत ही बौद्ध धर्म की शिक्षा की जननी रही है। दोनों देशों की संस्कृति में आपसी सामंजस्य है। अरण्य संघराम बुद्ध विहार पहला कल्याण मित्र गृह के उद्घाटन पर इंग्लैंड, जर्मन, नेपाल, भारत, थाईलैंड सहित अनेक देशों से लोग पहुंचे हैं।