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Yamuna Nagar News: निजी विद्यालयों के बाहर रोजाना लगने वाले जाम से लोग परेशान

Wed, 16 Jul 2025 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 16 Jul 2025 01:02 AM IST
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People are troubled by the daily traffic jam outside private schools
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। शहर के निजी स्कूलों के बाहर दोपहर की छुट्टी के समय रोजाना लोगों को एक घंटे तक जाम में जूझना पड़ता है। स्कूलों की मनमानी का खामियाजा लोग भुगत रहे हैं। नगर निगम के अधिकारी और पुलिस विभाग दोनों एक-दूसरे की जिम्मेदारी बता रहे हैं। सड़क सुरक्षा की बैठक में बड़े-बड़े दावे करने वाले अधिकारी चुप बैठे हैं।
शहर के सेक्टर-17 में स्वामी विवेकानंद स्कूल, कन्हैया साहिब चौक से आगे संत निश्चल सिंह स्कूल, जगाधरी में मटका चौक के पास छोटी लाइन पर एसडी पब्लिक स्कूल, जगाधरी में ही संत थॉमस स्कूल और नहर कॉलोनी रोड पर सैक्रेड हार्ट कान्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। इन स्कूलों के आगे रोजाना औसतन एक घंटे तक लोगों को जाम में फंसना पड़ता है।
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दोपहर को जब छुट्टी होती है तो अभिभावक व ड्राइवर गाड़ियों व बाइकों पर अपने बच्चों को स्कूल से लेने आते हैं। इनके संचालकों ने स्कूल गेट के आगे रस्से बांध रखे हैं ताकि कोई भी अंदर न जाने पाए। इसलिए अभिभावक सड़क पर ही वाहन खड़ा करके बच्चों का इंतजार करते हैं। सैकड़ों की संख्या में वाहन होने से सड़क पर जाम लग जाता है।
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अभिभावकों के अलावा जो लोग इन सड़कों से गुजरते हैं वह भी जाम में फंस जाते हैं। जाम में फंसे पवन व नरेश ने बताया कि स्कूलों के बाहर ट्रैफिक पुलिस भी तैनात नहीं होती ताकि कोई जाम को खुलवा सके। जाम में बाइक, कार, ट्रैक्टर-ट्रालियां, ट्रक सभी फंसे देखे जा सकते हैं। जाम में फंसे लोगों का गर्मी से बुरा हाल है। परंतु कोई भी इस तरफ ध्यान देने वाला नहीं है।
इन्हीं स्कूलों में पढ़ते हैं अधिकारियों के बच्चे : इन स्कूलों में ही जिले के 80 प्रतिशत अधिकारियों के बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे में अधिकारियों का इन स्कूलों से अलग ही लगाव है।
जिस कारण अतिक्रमण करने वाले स्कूलों पर न तो कार्रवाई की जा रही है और न ही कभी इनकी मैनेजमेंट के साथ बैठ कर कोई बात की गई। एक स्कूल के संचालक ने विद्यालय की दीवार से लेकर सड़क तक के हिस्से को इंटरलॉक टाइलें लगाकर ऊंचा उठा दिया है। इससे कोई भी वाहन सड़क से नीचे खड़ा ही नहीं हो पाता। कुछ पेड़ भी लगा दिए गए ताकि हरियाली का सहारा लेकर किसी को अंदर न जाने दिया जाए।
स्कूल ग्राउंड में खड़े हो सकते हैं वाहन

एडवोकेट वरयाम सिंह का कहना है कि स्कूलों के पास अपने बड़े मैदान हैं। छुट्टी के समय अभिभावकों वहां खड़ा कराया जा सकता है ताकि बच्चे अंदर से ही वाहन में बैठ कर आराम से चले जाएं। इससे जाम भी नहीं लगेगा। छुट्टी के समय स्कूल के मुख्य गेट को बंद कर दिया जाता है। छोटे से गेट से बच्चों को निकाला जाता है।
एक स्कूल ने अतिक्रमण कर लिया है। इससे कोई भी वाहन सड़क से नीचे खड़ा नहीं हो पाता। यह सही है कि स्कूल ग्राउंड का इस्तेमाल वाहनों की पार्किंग के लिए किया जा सकता है। अतिक्रमण हटाने के लिए मैं निगम कमिश्नर से भी मिला था। - कुशलपाल राणा, ट्रैफिक एसएचओ, यमुनानगर।

स्कूलों के बाहर लगे जाम को खुलवाना पुलिस का काम है। नगर निगम इसमें कुछ नहीं कर सकता। यदि किसी स्कूल के बाहर अतिक्रमण है तो उसकी जांच करवा कर निगम उसे हटाएगा। - अखिल पिलानी, आयुक्त नगर निगम।
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