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पहली बार हो रही ऑनलाइन परीक्षा, पहले दिन ही 40 मिनट देरी से पहुंचा प्रश्नपत्र
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पहली बार ऑनलाइन हो रही विश्वविद्यालय अंतिम वर्ष की परीक्षा के पहले दिन ही विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। परीक्षा के पहले ही दिन करीब पौना घंटा देरी से प्रश्न पत्र भेजा गया। जिसे लेकर विद्यार्थियों में रोष है। विद्यार्थियों का कहना है कि लिखने का उन्हें एक मिनट भी अतिरिक्त नहीं दिया गया। पहला एग्जाम ही उनका बेहद खराब हुआ। जिससे उन्हें फेल होने का भय सताने लगा है। यही नहीं इस ऑनलाइन परीक्षा की उत्तर पुस्तिका कॉलेज की ई-मेल एड्रेस पर भेजने के नियम को लेकर भी बहुत परेशानी हुई। उत्तर पुस्तिका भेजने के लिए वे कॉलेज सेंटर से हेल्प लेते दिखाई दिए। विद्यार्थियों को बार बार उत्तर पुस्तिका ई-मेल पर भेजने के लिए जानकारी लेनी पड़ी।
वीरवार को बीटेक की अंतिम वर्ष सहित अन्य संकायों की परीक्षा का समय सुबह दस बजे से एक बजे तक निर्धारित किया गया था। लेकिन विश्वविद्यालय की ओर से प्रश्न पत्र देरी से भेजा गया। जिस कारण परीक्षा भी देरी से शुरू हुई। प्रश्न पत्र नहीं मिला तो उन्हें डाटा और नेटवर्क पर शंका हुई। विद्यार्थी सहपाठियों, प्राध्यापकों व कॉलेज हेल्प सेंटर पर जानकारी लेने लगे। विद्यार्थी एक दूसरे से प्रश्न पत्र मिलने व डाउनलोड होने के बारे ही पूछते रहे। लेकिन कहीं से कोई सटीक जानकारी नहीं मिली। परेशानी में इधर उधर कॉल करते रहे। दस बजकर 40 मिनट पर जब प्रश्नपत्र पहुंचा तो उन्होंने राहत की सांस ली। परीक्षार्थी गौरव, भानू, रिषभ, वैभव, गरिमा, प्रिया ने बताया कि प्रश्न पत्र पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले डाउनलोड किया और लिखने में जुट गए। उन्हें लगा था कि ऑनलाइन परीक्षा है, सब कुछ डिजिटल रिकार्डेड है, उन्हें अतिरिक्त समय मिलेगा। लेकिन जैसे ही एक बजे उनसे आंसर शीट ले ली गई। उन्होंने कहा कि जब एग्जाम देरी से शुरू हुआ। यह तकनीकी खराबी थी, इसके लिए विद्यार्थियों का समय नहीं काटा जाना चाहिए। उन्हें लिखने के लिए 40 मिनट अतिरिक्त दिए जाने चाहिए थे।
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वीरवार को बीटेक की अंतिम वर्ष सहित अन्य संकायों की परीक्षा का समय सुबह दस बजे से एक बजे तक निर्धारित किया गया था। लेकिन विश्वविद्यालय की ओर से प्रश्न पत्र देरी से भेजा गया। जिस कारण परीक्षा भी देरी से शुरू हुई। प्रश्न पत्र नहीं मिला तो उन्हें डाटा और नेटवर्क पर शंका हुई। विद्यार्थी सहपाठियों, प्राध्यापकों व कॉलेज हेल्प सेंटर पर जानकारी लेने लगे। विद्यार्थी एक दूसरे से प्रश्न पत्र मिलने व डाउनलोड होने के बारे ही पूछते रहे। लेकिन कहीं से कोई सटीक जानकारी नहीं मिली। परेशानी में इधर उधर कॉल करते रहे। दस बजकर 40 मिनट पर जब प्रश्नपत्र पहुंचा तो उन्होंने राहत की सांस ली। परीक्षार्थी गौरव, भानू, रिषभ, वैभव, गरिमा, प्रिया ने बताया कि प्रश्न पत्र पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले डाउनलोड किया और लिखने में जुट गए। उन्हें लगा था कि ऑनलाइन परीक्षा है, सब कुछ डिजिटल रिकार्डेड है, उन्हें अतिरिक्त समय मिलेगा। लेकिन जैसे ही एक बजे उनसे आंसर शीट ले ली गई। उन्होंने कहा कि जब एग्जाम देरी से शुरू हुआ। यह तकनीकी खराबी थी, इसके लिए विद्यार्थियों का समय नहीं काटा जाना चाहिए। उन्हें लिखने के लिए 40 मिनट अतिरिक्त दिए जाने चाहिए थे।
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