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Yamuna Nagar News: गेहूं की फसल में नहीं मिले पीले रतुआ के लक्षण

Wed, 11 Feb 2026 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 11 Feb 2026 12:41 AM IST
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No symptoms of yellow rust were found in the wheat crop
गांव फेरुवाला में गेहूं की फसल का निरीक्षण करते कृ​षि वैज्ञानिक। विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। लगातार बढ़ते तापमान के कारण गेहूं की फसल में पीला रतुआ रोग फैलने की आशंका के बीच मंगलवार को किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई। भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान करनाल से आई कृषि वैज्ञानिकों की टीम ने जिले के विभिन्न गांवों में खेतों का निरीक्षण किया, जिसमें कहीं भी पीला रतुआ रोग के लक्षण नहीं पाए गए।
कृषि वैज्ञानिक अरुण गुप्ता के नेतृत्व में आई टीम ने रादौर खंड के गांव बकाना, खदरी, व्यासपुर तथा फेरुवाला में खेतों का गहन निरीक्षण किया। वैज्ञानिकों ने सीधे खेतों में जाकर गेहूं की पत्तियों, बालियों और फसल का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान किसी भी गांव में पीला रतुआ रोग के लक्षण नजर नहीं आए, जिससे किसानों और कृषि विभाग दोनों ने राहत की सांस ली।
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इस दौरान वैज्ञानिकों के साथ कृषि विभाग रादौर के एडीओ सुरेंद्र कुमार, छछरौली से बीओ हरिंद्र कांबोज तथा बीओ अशीत सिंह भी टीम के साथ मौजूद रहे। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उन्हें फसल की नियमित निगरानी करने और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत कृषि विभाग को सूचना देने की सलाह दी।
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जिले में इस वर्ष करीब 90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई की गई है। पिछले कुछ दिनों से जिले में तापमान लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ गया है। ऐसे मौसम में पीला रतुआ रोग के फैलने की संभावना अधिक रहती है, क्योंकि यह रोग ठंडी रात और गर्म दिन के तापमान में तेजी से पनपता है।

कृषि वैज्ञानिक अरुण गुप्ता ने बताया कि फिलहाल जिले की फसल पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन मौसम में उतार-चढ़ाव को देखते हुए सतर्कता बेहद जरूरी है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर अपनी फसल का निरीक्षण करें और पत्तियों पर पीले या नारंगी रंग की धारियां दिखने पर तुरंत विशेषज्ञों से संपर्क करें।
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