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सिक्खों की पहली राजधानी लौहगढ़ तक निकाला नगर कीर्तन
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
Updated Mon, 21 Mar 2016 12:31 AM IST
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नगर कीर्तन
- फोटो : yamunanagar
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यमुनानगर। जिले के एतिहासिक गुरूद्वारा पातशाही नवमी झीवरेहड़ी साहिब से बाबा बंदा सिंह बहादुर जी के 300 साला शहादत दिवस के उपलक्ष्य में खालसा चेतना मार्च नगर कीर्तन निकाला गया, जिसकी समाप्ति सिक्ख कौम की पहली राजधानी किला लौहगढ़ में हुई। यह खालसा चेतना मार्च श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया व पांच प्यारों की अगुवाई में एतिहासिक गुरुद्वारा पातशाही नवमी झीवरेहड़ी साहिब से अरदास के उपरांत आरंभ हुआ। हरियाणा सिक्ख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा व महासचिव जोगा सिंह ने बताया कि इस खालसा चेतना मार्च का मुख्य उद्देश्य सिक्ख संगत को अपने गौरवमयी विरसे के साथ जोड़ना व नौजवान पीढ़ी को सिक्खों द्वारा दी गई शहादतों के प्रति जागरूक करवाना है।
खालसा चेतना मार्च गुरुद्वारा पातशाही नवमी थड़ा साहिब झीवरेहड़ी से आरंभ होकर भोगपुर, हड़तान सिकंदरा, खेड़ी लक्खा सिंह, सतगौली, टोपरा, मंडेबर, थड़ा साहिब जोड़िया, कमानी चौक, शहीद भगत सिंह चौक, अग्रसैन चौक, जगाधरी बस स्टैंड, गुलाब नगर, भेड़थल, बिलासपुर व रणजीतपुर से होता हुआ सिक्ख कौम की पहली राजधानी लौहगढ़ में संपन्न हुई। नगर कीर्तन के गुरुद्वारा जोड़ियां पहुंचने पर महंत कर्मजीत सिंह सेवापंथी ने स्वागत किया व पांच प्यारों व प्रबंधकों को सरौंपे देकर सम्मानित किया गया। भिन्न-भिन्न जगहों पर गुरुद्वारा कमेटियों, सिक्ख जत्थे बंदियों व श्रद्धालुओं की ओर से स्टाल लगाकर संगत के लिए लंगर का प्रबंधक किया गया। नगर कीर्तन के समापन पर जिला प्रधान सुखविंद्र सिंह मंडेबर ने सहयोग करने वाले सेवादारों व संगत का धन्यवाद किया। हरियाणा सिक्ख गुरुद्वारा मेनजमेंट कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा और महासचिव जोगा सिंह के अलावा जत्थेदार मनमोहन सिंह बलौली, परमजीत सिंह, दलजीत सिंह, दिलबाग सिंह, गुरवाज सिंह, जगतार सिंह, सुखदेव सिंह, मनमोहन सिंह रादौर के साथ बड़ी संख्या में संगत नगर कीर्तन में शामिल थी।
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खालसा चेतना मार्च गुरुद्वारा पातशाही नवमी थड़ा साहिब झीवरेहड़ी से आरंभ होकर भोगपुर, हड़तान सिकंदरा, खेड़ी लक्खा सिंह, सतगौली, टोपरा, मंडेबर, थड़ा साहिब जोड़िया, कमानी चौक, शहीद भगत सिंह चौक, अग्रसैन चौक, जगाधरी बस स्टैंड, गुलाब नगर, भेड़थल, बिलासपुर व रणजीतपुर से होता हुआ सिक्ख कौम की पहली राजधानी लौहगढ़ में संपन्न हुई। नगर कीर्तन के गुरुद्वारा जोड़ियां पहुंचने पर महंत कर्मजीत सिंह सेवापंथी ने स्वागत किया व पांच प्यारों व प्रबंधकों को सरौंपे देकर सम्मानित किया गया। भिन्न-भिन्न जगहों पर गुरुद्वारा कमेटियों, सिक्ख जत्थे बंदियों व श्रद्धालुओं की ओर से स्टाल लगाकर संगत के लिए लंगर का प्रबंधक किया गया। नगर कीर्तन के समापन पर जिला प्रधान सुखविंद्र सिंह मंडेबर ने सहयोग करने वाले सेवादारों व संगत का धन्यवाद किया। हरियाणा सिक्ख गुरुद्वारा मेनजमेंट कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा और महासचिव जोगा सिंह के अलावा जत्थेदार मनमोहन सिंह बलौली, परमजीत सिंह, दलजीत सिंह, दिलबाग सिंह, गुरवाज सिंह, जगतार सिंह, सुखदेव सिंह, मनमोहन सिंह रादौर के साथ बड़ी संख्या में संगत नगर कीर्तन में शामिल थी।
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