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शराब पीने के बाद हुआ था दोनों दोस्तों में झगड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर
Updated Tue, 12 Apr 2016 12:47 AM IST
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जगाधरी। सेक्टर-18 पार्ट टू पार्क में शराब पीते समय हुए झगड़े में ईंट मारकर दोस्त की हत्या करने के दोषी गांव अमुवा मन बुनझारी टोला थाना मनजोलिया जिला बेती बिहार निवासी प्रदीप यादव को कोर्ट ने उम्रकैद तथा 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. सरिता गुप्ता की कोर्ट ने सुनाया है। कोर्ट में करीब पांच महीने चली सुनवाई के दौरान 15 लोगों की गवाही हुई।
पार्क में खून में लथपथ मिला था विनोद का शव
24 अक्टूबर 2015 को मोतीबाग कालोनी खेड़ा नजदीक कलकता नर्सरी गोबिंदपुरा निवासी कर्ण सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह सेक्टर-18 पार्ट टू के पार्क में माली का काम करता है। 24 अक्टूबर की सुबह साढ़े सात बजे जब वह पार्क में काम करने पहुंचा, तो उसे एक व्यक्ति की लाश खून में लथपथ पड़ी मिलीं। इसके उपरांत उसने 100 नंबर पर इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद शहर पुलिस जगाधरी ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान मृतक की शिनाख्त गांव कुलाहा जिला मिर्जापुर यूपी निवासी विनोद पुत्र रामजनत के रूप में हुई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया और अज्ञात के खिलाफ भादंसं की धारा 302 के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
मृतक के दोस्त पर जताया था हत्या का शक-
पुलिस के मुताबिक मृतक की पत्नी ने अपने ससुर रामजतन को बताया कि 23 अक्टूबर की दोपहर को विनोद अपने दोस्त प्रदीप के साथ घर से गया था। जिसके उपरांत वह वापिस नहीं लौटा। जिसके उपरांत रामजतन ने अपने बेटे की हत्या का शव प्रदीप पर जताया। पुलिस ने सरगर्मी से प्रदीप की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपी को काबू कर लिया। पूछताछ के दौरान प्रदीप ने पुलिस को बताया कि 23 अक्टूबर को वह और विनोद कैन्हया चौक के पास एक ठेके पर गए। जहां से उन्होंने दो बोतल शराब की ली। फिर उन दोनों ने रात के समय सेक्टर-18 पार्ट टू स्थित पार्क में बैठकर शराब पी। जब विनोद को ज्यादा शराब चढ़ गई तो उसने उसे एक बोतल और लाने के लिए कहा।
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जब उसने मना कर दिया तो वह उसके साथ गाली गलौच करने लगा। हालांकि उसने विनोद को ऐसा करने से मना किया। देखते ही देखते दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। प्रदीप के मुताबिक उसने पास में पड़ी ईंट से विनोद पर कई प्रहार किए । जिस कारण वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। इसके बाद वह वहां से हरिद्वार भाग गया। खून मे सने हुए कपड़ों को उसने गंगाघाट के पास एक कमरे में छिपा दिया। पुलिस ने प्रदीप की निशानदेही पर कपड़ों को बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट शमें पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। कोर्ट में करीब पांच माह चली सुनवाई के दौरान 15 लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलील सुनने के उपरांत जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. सरिता गुप्ता ने प्रदीप को विनोद की हत्या का दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद तथा 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी।
पार्क में खून में लथपथ मिला था विनोद का शव
24 अक्टूबर 2015 को मोतीबाग कालोनी खेड़ा नजदीक कलकता नर्सरी गोबिंदपुरा निवासी कर्ण सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह सेक्टर-18 पार्ट टू के पार्क में माली का काम करता है। 24 अक्टूबर की सुबह साढ़े सात बजे जब वह पार्क में काम करने पहुंचा, तो उसे एक व्यक्ति की लाश खून में लथपथ पड़ी मिलीं। इसके उपरांत उसने 100 नंबर पर इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद शहर पुलिस जगाधरी ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान मृतक की शिनाख्त गांव कुलाहा जिला मिर्जापुर यूपी निवासी विनोद पुत्र रामजनत के रूप में हुई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया और अज्ञात के खिलाफ भादंसं की धारा 302 के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
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मृतक के दोस्त पर जताया था हत्या का शक-
पुलिस के मुताबिक मृतक की पत्नी ने अपने ससुर रामजतन को बताया कि 23 अक्टूबर की दोपहर को विनोद अपने दोस्त प्रदीप के साथ घर से गया था। जिसके उपरांत वह वापिस नहीं लौटा। जिसके उपरांत रामजतन ने अपने बेटे की हत्या का शव प्रदीप पर जताया। पुलिस ने सरगर्मी से प्रदीप की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपी को काबू कर लिया। पूछताछ के दौरान प्रदीप ने पुलिस को बताया कि 23 अक्टूबर को वह और विनोद कैन्हया चौक के पास एक ठेके पर गए। जहां से उन्होंने दो बोतल शराब की ली। फिर उन दोनों ने रात के समय सेक्टर-18 पार्ट टू स्थित पार्क में बैठकर शराब पी। जब विनोद को ज्यादा शराब चढ़ गई तो उसने उसे एक बोतल और लाने के लिए कहा।
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जब उसने मना कर दिया तो वह उसके साथ गाली गलौच करने लगा। हालांकि उसने विनोद को ऐसा करने से मना किया। देखते ही देखते दोनों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। प्रदीप के मुताबिक उसने पास में पड़ी ईंट से विनोद पर कई प्रहार किए । जिस कारण वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। इसके बाद वह वहां से हरिद्वार भाग गया। खून मे सने हुए कपड़ों को उसने गंगाघाट के पास एक कमरे में छिपा दिया। पुलिस ने प्रदीप की निशानदेही पर कपड़ों को बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट शमें पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। कोर्ट में करीब पांच माह चली सुनवाई के दौरान 15 लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलील सुनने के उपरांत जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. सरिता गुप्ता ने प्रदीप को विनोद की हत्या का दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद तथा 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी।