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हरि का नाम लेने से ही बदल जाता है जीवन : प्रवेश दास
Sun, 04 Jan 2026 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 04 Jan 2026 01:14 AM IST
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मुजाफत मे चल रही कथा में प्रवचन सुनने पहुंचे श्रद्धालु। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। गांव मुजाफत में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दौरान क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है। कथा व्यास आचार्य प्रवेश दास ने श्रद्धालुओं को कथा का महात्म्य विस्तारपूर्वक सुनाया। कथा स्थल पर गांव मुजाफत सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरा पंडाल हरि नाम के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए।
आचार्य प्रवेश दास ने कहा कि श्रीमद् भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही मार्ग दिखाने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। उन्होंने भक्ति महारानी, ज्ञान और वैराग्य की प्रसंग पूर्ण कथा सुनाते हुए बताया कि भक्ति के अभाव में ज्ञान और वैराग्य दुर्बल हो जाते हैं, लेकिन जब जीवन में भक्ति का प्रवेश होता है तो आध्यात्मिक चेतना पुनः जागृत हो जाती है।
आचार्य ने गोकर्ण जी की कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण मात्र से ही मनुष्य के जीवन के दुख, कष्ट और अज्ञान का नाश हो जाता है। उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान की भक्ति का सबसे सरल, सहज और प्रभावी माध्यम भगवान का नाम जप है। जो व्यक्ति सच्चे मन, श्रद्धा और विश्वास के साथ हरि नाम का स्मरण करता है, उसके जीवन में स्वतः सकारात्मक परिवर्तन आने लगते हैं।
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कथा व्यास ने श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि केवल कथा सुनना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कथा से प्राप्त शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन में अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी से नियमित रूप से भगवान का नाम जप करने, सत्कर्म करने और सदाचार के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। यह कलयुग में प्रभु की प्राप्ति का सबसे सरल और सुलभ मार्ग है।
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व्यासपुर। गांव मुजाफत में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दौरान क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है। कथा व्यास आचार्य प्रवेश दास ने श्रद्धालुओं को कथा का महात्म्य विस्तारपूर्वक सुनाया। कथा स्थल पर गांव मुजाफत सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरा पंडाल हरि नाम के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए।
आचार्य प्रवेश दास ने कहा कि श्रीमद् भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही मार्ग दिखाने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। उन्होंने भक्ति महारानी, ज्ञान और वैराग्य की प्रसंग पूर्ण कथा सुनाते हुए बताया कि भक्ति के अभाव में ज्ञान और वैराग्य दुर्बल हो जाते हैं, लेकिन जब जीवन में भक्ति का प्रवेश होता है तो आध्यात्मिक चेतना पुनः जागृत हो जाती है।
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आचार्य ने गोकर्ण जी की कथा का उल्लेख करते हुए बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण मात्र से ही मनुष्य के जीवन के दुख, कष्ट और अज्ञान का नाश हो जाता है। उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान की भक्ति का सबसे सरल, सहज और प्रभावी माध्यम भगवान का नाम जप है। जो व्यक्ति सच्चे मन, श्रद्धा और विश्वास के साथ हरि नाम का स्मरण करता है, उसके जीवन में स्वतः सकारात्मक परिवर्तन आने लगते हैं।
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कथा व्यास ने श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि केवल कथा सुनना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कथा से प्राप्त शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन में अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी से नियमित रूप से भगवान का नाम जप करने, सत्कर्म करने और सदाचार के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। यह कलयुग में प्रभु की प्राप्ति का सबसे सरल और सुलभ मार्ग है।